Indian Railways: रेलवे में कौन सा है सबसे लंबा डीजल रूट, जानें
Indian Railways: भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिक और डीजल, दो प्रकार की ट्रेनों का संचालन करता है। इन दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग रूट पर उनकी जरूरत के हिसाब से किया जाता है। इस लेख के माध्यम से हम आपको भारत के सबसे लंबे डीजल रूट के बारे में बताने जा रहे हैं।
Indian Railways: यह बात हम सबको पता है कि भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। इसके साथ ही एशिया में इसका स्थान पहले पायदान पर है। वर्तमान समय में भारत में कुल 68043 किलोमीटर का रूट है, जिन पर हजारों की संख्या में ट्रेनों का संचालन होता है। इसके लिए अलग-अलग जोन में अलग-अलग ट्रेनें हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों को आपस में जोड़ती हैं। विभिन्न रूटों पर चलने वाली इन ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक के साथ-साथ डीजल से किया जाता है। इस लेख के माध्यम से हम आपको भारत के सबसे डीजल रूट के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही आपको भारत के अन्य चार सबसे बड़े डीजल रूट और उनके जोन के बार में जानकारी देंगे।
भारत में रेलवे की रूट की स्थिति
भारत में विभिन्न राज्यों को जोड़ने के लिए रेलवे ने रेलवे ट्रैक बिछाए हैं। इसमें 35488 किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रीफाइड हैं, यानि इन रूट पर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, 31880 किलोमीटर ट्रैक अनइलेक्ट्रीफाइड हैं। ऐसे में यहां पर यात्रा पूरी करने के लिए डीजल लोकोमोटिव की मदद ली जाती है। पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान को देखते हुए रेलवे का जोर सभी रूट को इलेक्ट्रीफाइड करने पर है। हालांकि, रेलवे रूट को इलेक्ट्रीफाइड करने के लिए करोड़ो रुपये का खर्च आता है। ऐसे में अभी इस प्रक्रिया में समय लग सकता है।

भारत में टॉप 5 बड़े डीजल रूट
5.वेस्टर्न रेलवे जोन
इस रेलवे जोन में करीब 70 फीसदी रूट पर इेल्क्ट्रीफिकेशन नहीं है, यानि इतने बड़े हिस्से पर सिर्फ डीजल लोकोमोटिव का ही प्रयोग किया जाता है।
4.उत्तर पूर्वी रेलवे जोन
रेलवे के इस जोन में 72 फीसदी रूट पर बिजली नहीं है। यही वजह है कि इस रूट पर बाकी 28 फीसदी हिस्से पर ही इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का संचालन किया जाता है।
3.उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन
इस रेलवे जोन में 76 फीसदी रूट पर डीजल लोकोमोटिव का संचालन किया जाता है और बाकी हिस्से पर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव चलते हैं।
2.दक्षिण-पश्चिम रेलवे जोन
इस रेलवे जोन में 84 फीसदी रूट पर डीजल लोकोमोटिव चलते हैं। ऐसे में यहां इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का कम ही इस्तेमाल किया जाता है।
1.नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे जोन
यह रेलवे जोन भारत का सबसे बड़ा डीजल लोकोमोटिव का इस्तेमाल करने वाला जोन है। इस जोन में कुल ट्रैक की लंबाई 4048 किलोमीटर है, जिसमें से सिर्फ 252 किलोमीटर रूट ही इलेट्रीफाइड है। ऐसे में यहां पर 96 पर्सेंट रूट डीजल लोकोमोटिव वाले हैं। यही वजह है कि भारतीय रेलवे में डीजल के मामले में इस जोन का स्थान पहले नंबर पर आता है।
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