Indian Railways: रेलवे में क्या होती है NMG ट्रेन और किसलिए होता है इस्तेमाल, जानें
Indian Railways: भारतीय रेलवे बड़ा नेटवर्क होने के साथ विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का संचालन करता है। इसी में शामिल है NMG ट्रेन, जो कि एक विशेष प्रकार की ट्रेन होती है। रेलवे में इस ट्रेन का विशेष रूप से संचालन किया जाता है, जिसकी अपनी एक श्रेणी है। इस लेख के माध्यम स हम इस ट्रेन के बारे में जानेंगे।
Indian Railways: भारतीय रेलवे सबसे बड़े नेटवर्क के रूप में दुनिया में चौथे पायदान पर है। इस स्थान पर होने के साथ रेलवे विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का संचालन करता है, जिसमें पैसेंजर से लेकर गुड्स ट्रेन तक शामिल है। हालांकि, इसी में शामिल रेलवे की ऐसी विशेष ट्रेन, जिसे NMG ट्रेन कहा जाता है। आपने जब कभी रेलवे में सफर किया होगा, तो इस ट्रेन को देखा होगा। लेकिन, कई लोग इस ट्रेन को देखकर आश्चचर्य में पड़ जाते होंगे। इस लेख के माध्यम से हम रेलवे की इस ट्रेन के बारे में जानेंगे।
क्या होती है NMG ट्रेन
NMG ट्रेन की फुलफॉर्म New Modified Goods ट्रेन होती है। इन ट्रेनों के माध्यम से एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ढुलाई की जाती है। इन ट्रेनों को पैसेजेंर ट्रेन को गुड्स ट्रेनों में तब्दील कर बनाया जाता है। यही वजह है कि इन ट्रेनों को NMG ट्रेन कहा जाता है।
क्या होती है पहचान
इन ट्रेनों की पहचान की बात करें, तो पैसेंजर ट्रेनों के कोच को लेकर उसका मोडिफिकेशन किया जाता है, जिसके तहत उसमें से सभी सीटों को हटा दिया जाता है और उसके अंतिम छोर पर दरवाजे लगाकर सामान उतारने व चढ़ाने की जगह बना दी जाती है। इसके साथ ही इन ट्रेन की खिड़कियों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है, जिससे कोई भी व्यक्ति ट्रेन में रखे सामान से छेड़छाड़ न करे।

किस चीज की होती है ढुलाई
इस ट्रेन के माध्यम से विशेष रूप से कार या ट्रैक्टर को ढोया जाता है। यही वजह है कि इनके अंदर इस तरह से जगह बनाई जाती है, जिससे एक बार में अधिक कारों को ले जाया जा सके।
क्यों बनाई गई थी NMG ट्रेन
भारतीय रेलवे में आमतौर पर एक कोच का 18 से 20 साल तक उपयोग किया जाता है। इस दौरान इनकी कुछ वर्षों के अंतराल पर Periodic Overhauling(POH) की जाती है। वहीं, कोच के 20 साल पूरा होने पर रेलवे द्वारा इन कोच को बदलकर NMG ट्रेन में तब्दील किया जाता है। इन ट्रेनों की रफ्तार 75 से 110 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है।
कितने वर्षों तक किया जाता है इस्तेमाल
इन कोच का इस्तेमाल रेलवे द्वारा 8 से 10 वर्षों तक किया जाता है। इस तरह किसी भी कोच का अधिकतम उपयोग 30 साल तक होता है। हालांकि, एक बार NMG ट्रेन में तब्दील होने पर हर ट्रेन की पीरियोडिक ओवरहॉलिंग बढ़ जाती है।
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