प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मुंबई का दौरा किया जहां उन्होंने भारत की सबसे लंबी और बड़ी शहरी सुरंग परियोजना की नींव रखी. यह टनल ठाणे और बोरीवली के बीच बनाई जा रही है. मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित 16,000 करोड़ रुपये की ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल परियोजना यात्रा समय को 1 घंटे से घटाकर केवल 12 मिनट कर देगी. सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के आयाम को और आगे लेकर जाएगी.
अपने मुंबई दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया, जिनकी कुल लागत 29,000 करोड़ रुपये बताई गयी है. यह प्रोजेक्ट पूर्व-पश्चिम उपनगरीय कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगी और घोड़बंदर रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात की भीड़ को कम करेगी.
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ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रॉजेक्ट हाईलाइट्स:
- इस प्रोजेक्ट के तहत घोड़बंदर रोड जाए बिना ठाणे से बोरीवली तक वाहनों को तेजी से पहुंचाने के लिए एमएमआरडीए ने 3-3 लेन की दो टनल तैयार करने की योजना बनाई है.
- इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बोरीवली और ठाणे के बीच 16,600.40 करोड़ रुपये की लागत से भारत की सबसे लंबी और बड़ी शहरी सुरंग का निर्माण करना है.
- टनल के माध्यम से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के वाहन सीधे ठाणे के ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे तक पहुंच सकेंगे.
- दूरी कम करने के लिए टनल का निर्माण संजय गांधी नैशनल पार्क के नीचे किया जा रहा है.
- इस टनल निर्माण के काम को तीन फेज में बांटा गया है, फेज-1 में बोरीवली से ठाणे के बीच करीब 5.75 किमी लंबी टनल बनायी जाएगी.
- वहीं फेज-2 में ठाणे से बोरीवली के बीच करीब 6.5 किमी लंबी टनल होगी और फेज-3 में मार्ग पर वेंटिलेशन सिस्टम समेत अन्य उपकरण लगाने का काम किया जायेगा.
- 11.8 किलोमीटर लंबी इस ट्विन टनल के बोरिंग की लंबाई 10.25 किलोमीटर होगी और इसमें 300 मीटर के अंतराल पर इंटरकनेक्शन के लिए क्रॉस पैसेज होंगे. एमएमआरडीए के अनुसार, इस परियोजना में भारत की सबसे लंबी टनल बोरिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा.
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यातायात में आयेगी सुगमता:
इस प्रोजेक्ट के साल 2028 तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है. यह 11.8 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल ठाणे से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर बोरीवली में समाप्त होगी, जिसमें दो ऑपरेशनल लेन और एक इमरजेंसी लेन होगी.
इस प्रोजेक्ट के तैयार हो जाने के बाद ठाणे से बोरीवली तक की यात्रा की दूरी 12 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा समय में एक घंटे से अधिक की बचत होगी और लोग 12 मिनट में ठाणे से बोरीवली पहुंच सकेंगे.
राष्ट्रीय उद्यान को कोई नुकसान नहीं:
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) का दावा है कि ट्विन टनल का निर्माण संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की पारिस्थितिकी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा और वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा. इस सुरंग के निर्माण के बाद हर साल 1,50,000 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा. इस परियोजना को मई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
जियोटेक्निकल सर्वे के बाद काम होगा शुरू:
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत जियोटेक्निकल सर्वे के बाद होगी. जियोटेक्निकल टीम साइट पर यह सर्वे करेगी कि जमीन की सतह से पानी कितने नीचे है, यहां की मिट्टी कैसी है. इन सब जरुरी रिपोर्ट्स के बाद ही प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी.
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