भारत का सबसे बड़ा मंदिर कौन-सा है, जानें

Jul 2, 2023, 13:10 IST

भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। इनमें शामिल है हिंदू धर्म, जिसमें देवी-देवताओं को लेकर गहरी आस्था है। यही वजह है कि देश में किसी भी दिशा में जाने पर आपको मंदिर जरूर मिल जाएंगे। इनमें कुछ मंदिर अपने बनावट शैली को लेकर काफी प्रसिद्ध हैं, जो एक नजर में ही लोगों के दिल में उतर जाते हैं। हालांकि, क्या आपको भारत के सबसे बड़े मंदिर के बारे में पता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से भारत के सबसे बड़े मंदिर के बारे में जानेंगे। 

भारत का सबसे बड़ा मंदिर
भारत का सबसे बड़ा मंदिर

भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। यहां अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं और विविधता में एकता का रंग भरने का काम करते हैं। अलग-अलग धर्मों में भारत में हिंदू प्रमुख धर्मों में शामिल है, जिसमें देवी-देवताओं को लेकर गहरी आस्था है।

यही वजह है कि प्राचीन काल से ही भारत में मंदिरों का इतिहास रहा है। देश में किसी भी दिशा में चले जाएंगे, तो आपको मंदिर जरूर मिल जाएंगे। प्राचीन काल में बने कुछ मंदिरों की बनावट ऐसी है कि वे एक नजर में ही श्रद्धालुओं के दिल में उतर जाते हैं।

इनमें कुछ मंदिर छोटे, तो कुछ मंदिर बड़े हैं। हालांकि, क्या आपको भारत के सबसे बड़े मंदिर के बारे में पता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम भारत के सबसे बड़े मंदिर के बारे में जानेंगे। 

 

भारत में कुल कितने मंदिर हैं

इस बात को लेकर कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है कि भारत में कुल कितने मंदिर हैं, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में 2 मिलियन से अधिक छोटे-बड़े मंदिर हैं।

ये मंदिर भारत के प्रमुख शहरों के बीचों-बीच से लेकर गली-मोहल्लों में भी स्थित है। 

 

कौन-सा है भारत का सबसे बड़ा मंदिर 

भारत के सबसे बड़े मंदिर की बात करें, तो यह दक्षिण भारत के तमिलनाडू में स्थित है, जो कि भगवान विष्णु का रंगनाथस्वामी मंदिर है। तिरूचिरापल्ली के कावेरी नदी के श्रीरंग द्वीप पर बने

इस मंदिर को भूलोक बैकुंठ नाम की संज्ञा दी गई है। इस मंदिर का निर्माण द्रविण शैली में किया गया है। 

 

मंदिर के अंदर मौजूद हैं 49 मंदिर

यह मंदिर 7 प्राकर्मों से घिरा हुआ है और इस मंदिर के अंदर 49 मंदिर मौजूद हैं। ये सभी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित हैं।

क्यों है सबसे बड़ा मंदिर 

मंदिर की वेबसाइट के मुताबिक, इस मंदिर को दुनिया का सबसे बड़ा क्रियाशील मंदिर भी माना जा सकता है, क्योंकि इस मंदिर का क्षेत्रफल 156 एकड़ है, जिसकी परिधि 4 किलोमीटर है।

यह मंदिर सबसे बड़ा मंदिर होने का दावा करता है, क्योंकि अंगकोर वट दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है, लेकिन वह गैर-क्रियाशील मंदिर है। 

 

21 गोपुरम से बना है मंदिर

यह मंदिर 21 गोपुरम से बना हुआ है, जिसे राजगोपुरम भी कहा जाता है। इसकी ऊंचाई 236 फीट है, जो कि एशिया में सबसे बड़ी है। अधिक ऊंचा होने का कारण यह मंदिर दूर से ही दिख जाता है।

भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मंदिर में आपको हजारों खंभों वाला एक बड़ा हॉल, मंडप, गरूड़ मंडप और द्रविण शैली के अद्भुत कल्तात्मक कार्य देखने को मिल जाएंगे। 

 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

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