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प्रोटीन और उनके कार्यों की सूची

प्रोटीन सैकड़ों या हजारों छोटी इकाइयों से बने होते हैं जिन्हें अमीनो एसिड कहा जाता है. प्रोटीन हमारे कोशिकाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण अणु है, जो सभी जीवों के लिए आवश्यक घटक है. आइये इस लेख के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रोटीन और उनके कार्यों की सूची के बारे में अध्ययन करते हैं.
Nov 17, 2017 18:40 IST
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प्रोटीन बड़े, जटिल अणु हैं जो शरीर में कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अधिकांश तौर पर प्रोटीन कोशिकाओं में काम करते हैं और शरीर के ऊतकों, अंगों की संरचना, कार्य और विनियमन के लिए आवश्यक होते हैं. प्रोटीन हमारे कोशिकाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण अणु है, जो सभी जीवों के लिए आवश्यक घटक है. वजन के हिसाब से देखें तो प्रोटीन सूखी हुई कोशिकाओं के वजन का एक प्रमुख घटक हैं और लगभग सभी कोशिकीय कार्यों में शामिल रहता है.

What are proteins
Source: www.teamcourage4life.com
प्रोटीन सैकड़ों या हजारों छोटी इकाइयों से बने होते हैं जिन्हें अमीनो एसिड कहा जाता है, जो लंबी चेन में एक दूसरे से जुड़े होते हैं. प्रोटीन बनाने के लिए 20 अलग-अलग प्रकार के अमीनो एसिड होते हैं. अमीनो एसिड का अनुक्रम प्रत्येक प्रोटीन की अनूठी 3-आयामी संरचना और उसके विशिष्ट कार्यों को निर्धारित करता है. इस लेख में विभिन्न प्रकार के प्रोटीन और उनके कार्यों की सूची के बारे में अध्ययन करेंगे.
प्रोटीन और उनके कार्यों की सूची

List of Proteins and functions
Source: www.image.slidesharecdn.com
1. कोलेजन (collagen)
कोलेजन शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है और शरीर में हमारे बालों, त्वचा, नाखून, हड्डियों, लिगामेंट्स (ligaments) और टेनडंस (tendons) को संरचना देने में मदद करता है. इसका मुख्य कार्य है कि यह तंतुमय (रेशेदार) संयोजी ऊतक के निर्माण में प्रयुक्त होता है. अस्थि व कार्टिलेज के आधार पदार्थ का भी निर्माण करता हैं.
2. फ़ाइब्राइन (Fibroin)
फ़ाइब्राइन मकड़ियों द्वारा बनाई गई रेशम में एक अघुलनशील प्रोटीन है अर्थार्त यह रेशम या मकड़ियों के धागे का निर्माण करता है.
3. केराटिन (Keratin)
केराटिन तंतुमय (रेशेदार) संरचनात्मक प्रोटीन में से एक है. केराटिन प्रोटीन क्षति या तनाव से उपकला कोशिकाओं (epithelial cells) की सुरक्षा करता है. यह मानव त्वचा की बाहरी परत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. केराटिन प्रोटीन का मुख्य कार्य है कि यह त्वचा, बाल, नाखून, सींग, खुर के निर्माण में सहायक होते है.
4. इलास्टिन (Elastin)
यह भी तंतुमय प्रोटीन है, जो लिगामेंट्स व रुधिर वाहिनियों के पीले ऊतक में मिलता है. इलास्टिन संयोजी ऊतकों में भी पाया जाता है परन्तु कोलेजन की तुलना में एक अलग प्रकार का प्रोटीन है. इसमें लचीलेपन की प्रॉपर्टी होती है. यह शरीर में ऊतकों को बढ़ाकर या अनुबंधित होने के बाद अपने मूल आकार में "वापस स्नैप" में आजाता है.
5. गोसिपिन (Gossypin)
गोसिपिन एक कपास प्रोटीन है, जो कीट नाशक के रूप में प्रयुक्त होता है.
6. एक्टिन एवं मायोसिन (Actin and Myosin)
आमतौर पर मायोसिन के साथ मिलकर एक्टिन फिलामेंट्स, कई प्रकार के सेल मूवमेंट्स कराता हैं. मायोसिन एक आणविक मोटर का प्रोटोटाइप प्रोटीन है जो कि एटीपी के रूप में रासायनिक ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है, जिससे कारण फ़ोर्स और मूवमेंट होता है. इसका सबसे अच्छा उदाहरण  मांसपेशी संकुचन (muscle contraction) है. इसलिए यह सभी कंकालीय पेशियों में संकुचनशीलता का हेतु हैं.

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7. ग्लाएडिन (Gliadin)
ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त होता है जब दो अन्य प्रोटीन, ग्लाएडिन और ग्लूटेनिन मिलते हैं. ग्लाएडिन प्रोटीन गेहूँ में पाया जाता है.
8. जिन (Zein)
यह मक्का में पाये जाने वाला प्रोटीन है.
9. ग्लोब्युलिन (Globulin)
ग्लोबुलिन, ग्लोबुलर प्रोटीन का ही हिस्सा है जिसका एल्ब्यूमिन से भी अधिक आणविक वजन है और शुद्ध पानी में अघुलनशील होता है, लेकिन नमक के पानी में यह घुल जाता है. कुछ ग्लोब्युलिन लीवर में बनते हैं, जबकि अन्य प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा बनाए जाते हैं. यह प्रोटीन अंडे में पाया जाता है.
10. केसीन (Casein)
केसीन प्रोटीन शारीर में धीरे-धीरे पचता है, इसमें अपचयी गुण होते हैं, जिसका मतलब यह है कि भोजन की अनुपस्थिति में भी यह प्रोटीन मांसपेशियों को टूटने नहीं देता है. यह दूध, दही, पनीर आदि में पाया जाता है.
11. ग्लूटेलिन्स (Glutelins)
अनाज में पाया जाने वाला प्रोटीन है.
12. प्रोलामिन (Prolamin)
प्रोलामिन पौध भंडारण प्रोटीन का एक समूह है जिसमें एक उच्च प्रोलीन सामग्री होती है. यह दालों में पाया जाता है.

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13. फाइब्रिनोजन तथा थ्रोम्बिन (Fibrinogen and Thrombin)
यह प्रोटीन चोट लगने पर रुधिर का थक्का बनाकर रक्तस्त्राव को रोकता है.
14. हिस्टोन (Histone)
यह न्यूक्लिओ प्रोटीन है जो अनुवांशिक लक्षणों के विकास एवं वंशागति का नियंत्रण करता हैं.
15. ग्लोबिन (Globin)
यह रुधिर में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो हीमोग्लोबिन के रूप में ऑक्सीजन का संवहन करता है.
16. साइटोक्रोम (Cytochrome)
यह माइटोकॉन्ड्रिया में पाये जाने वाला प्रोटीन है जो श्वसन-प्रक्रिया को पूर्ण करने में सहायता करता है.
17. एंटीबॉडीज (Antibodies)
यह सुरक्षात्मक प्रोटीन होता है जो हानिकारक पदार्थों तथा आक्रमणकारी जीवाणुओं आदि से शारीर की सुरक्षा करता है.
उपरोक्त लेख से विभिन्न प्राकार के प्रोटीन और उनके कार्यो के बारे में ज्ञात होता है.

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