न्यूक्लियर ट्रायड किसे कहते हैं और विश्व में किन देशों के पास यह क्षमता है?

न्यूक्लियर ट्रायड एक देश की परमाणु हमले की क्षमता को बताता है. यदि कोई देश जल में मौजूद पनडुब्बी, हवा से उड़ते लड़ाकू विमान और जमीन में रखे लांचर की मदद से परमाणु हमला करने में सक्षम होता है तो कहा जाता है कि वह देश न्यूक्लियर ट्रायड की क्षमता रखता है. आसान शब्दों में कहें तो यदि कोई देश जल, थल और वायु तीनों जगहों से परमाणु हमला करने में सक्षम होता है तो उसे  न्यूक्लियर ट्रायड देश कहा जाता है.
Nov 14, 2018 18:30 IST

    भारत ने अपना पहला परमाणु परीक्षण मई 1974 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के शासनकाल में किया था. इस परमाणु परीक्षण का नाम "स्माइलिंग बुद्धा" था. इसके बाद पोखरण-2 परीक्षण मई 1998 में पोखरण परीक्षण रेंज पर किये गए पांच परमाणु बम परीक्षणों की श्रृंखला का एक हिस्सा था. भारत ने 11 और 13 मई, 1998 को राजस्थान के पोरखरण परमाणु स्थल पर 5 परमाणु परीक्षण किये थे. इस कदम के साथ ही भारत की दुनिया भर में धाक जम गई थी.

    आज विश्व में सिर्फ ऐसे 5 देश हैं जिन्होंने  परमाणु अप्रसार संधि- Non-Proliferation Treaty (NPT) पर हस्ताक्षर किये हैं और जिनके पास परमाणु हमला करने की क्षमता है. ये देश हैं; अमेरिका, रूस, चीन, फ़्रांस और ब्रिटेन. इसके अलावा भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया ने भी आधिकारिक घोषणा की है कि उनके पास भी परमाणु क्षमता है हालाँकि इन देशों ने NPT पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं.

    इनके अलावा कुछ देश ऐसे भी हैं जिनके पास परमाणु हथियार तो मौजूद हैं लेकिन उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसे स्वीकार नहीं किया है, इन देशों में शामिल हैं इजराइल, ईरान और दक्षिण अफ्रीका.

    आज विश्व के लगभग 12 से 15 देशों के पास परमाणु हमला करने की क्षमता है लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या ये देश न्यूक्लियर ट्रायड की क्षमता रखते हैं.

    आइये इस लेख में माध्यम से जानते हैं कि न्यूक्लियर ट्रायड किसे कहते हैं और विश्व में किन देशों के पास यह क्षमता है?

    भारत का गुजराल सिद्धांत क्या है?

    न्यूक्लियर ट्रायड किसे कहते हैं?

    न्यूक्लियर ट्रायड एक देश की परमाणु हमले की क्षमता को बताता है. यदि कोई देश जल में मौजूद पनडुब्बी, हवा से उड़ते लड़ाकू विमान और जमीन में रखे लांचर की मदद से परमाणु हमला करने में सक्षम होता है तो कहा जाता है कि वह देश न्यूक्लियर ट्रायड की क्षमता रखता है. आसान शब्दों में कहें तो यदि कोई देश जल, थल और वायु तीनों जगहों से परमाणु हमला करने में सक्षम होता है तो उसे न्यूक्लियर ट्रायड देश कहा जाता है.

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    भारत के पास परमाणु ट्रायड की क्षमता नहीं थी लेकिन भारत ने जब 2016  में पनडुब्बी अरिहंत का जलावतरण किया तो भारत भी न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता रखने वाले देशों की श्रेणी में आ गया है.

    ज्ञातव्य है कि भारत अरिहंत से पहले मिराज-2000, जगुआर IS/IB, मिग-27 की सहायता से हवा से परमाणु हमला करने के सक्षम था जबकि जमीन से हमला करने के लिए पृथ्वी 1, और अग्नि के सभी वर्जन का इस्तेमाल करके यह क्षमता रखता था लेकिन अब भारत पानी के भीतर से भी अरिहंत पनडुब्बी पर बैलिस्टिक मिसाइल की मदद से परमाणु हमला करने के सक्षम हो गया है.

    यहाँ पर यह बताना जरूरी है कि आईएनएस अरिहंत को पहली बार साल 2009 में विशाखापत्नम में शिप बिल्डिंग सेंटर में लॉन्च किया गया था. वर्ष 2016 में, अरिहंत को परीक्षण के लिए रखा गया वहीं उसी साल अगस्त में इसे सेवा के लिए सौंप दिया गया था.

    आईएनएस अरिहंत में 750 किमी और 3500 किमी क्षमता वाली मिसाइलें हैं. हालांकि इस मामले में भारत से आगे अमेरिका, रूस और चीन है, जिनके पास 5000 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक वार करने वाली मिसाइल हैं.

    न्यूक्लियर सबमरीन के लिए भारत का प्रयास 1970 में शुरू हुआ था. हालांकि इसका निर्माण 90 के दशक में शुरू हुआ था.

    वर्तमान ने भारत के पास 15 परंपरागत पनडुब्बियां (SSKs), दो परमाणु संचालित पनडुब्बियों (SSBs) जिनमें परमाणु ईंधन कि बैलिस्टिक मिसाइलें लगी हुई हैं और इसके अलावा एक परमाणु संचालित पनडुब्बी (SSN) आईएनएस चक्र है.

    इस रेस में अमेरिका 70 से ज्यादा न्यूक्लीयर पनडुब्बियों के साथ पहले नंबर पर है, जबकि 30 पनडुब्बियों के साथ रूस दूसरे नंबर पर है. ब्रिटेन के पास 12 और फ्रांस के पास 12 पनडुब्बियां हैं.

    किन देशों के पास न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता है?

    1. अमेरिका

    2. रूस

    3. चीन

    4. भारत

    5. इजराइल (संदेहास्पद)

    6. फ़्रांस

    भारत ने 2003 में अपनी परमाणु नीति बनायीं थी. भारत की परमाणु नीति की दो मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं?

    1. भारत की परमाणु नीति का मूल सिद्धांत " पहले उपयोग नही" है. इस नीति के अनुसार भारत किसी भी देश पर परमाणु हमला तब तक नही करेगा जब तक कि शत्रु देश भारत के ऊपर हमला नही कर देता.

    2. भारत अपनी परमाणु नीति को इतना सशक्त रखेगा कि दुश्मन के मन में भय बना रहे और यदि भारत हमला करेगा तो इतना भयानक होगा कि दुश्मन को अपूर्णीय क्षति हो और वह जल्दी इस हमले से उबर ना सके.

    इस प्रकार ऊपर दिए गए विविरण के आधार पर यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत का न्यूक्लियर ट्रायड संपन्न देश होना सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है. भारत द्वारा इस मील के पत्थर को छूने से दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन हुआ है और पूरे विश्व में भारत की धाक में भी वृद्धि हुई है.

    भारत में परमाणु हमले का बटन किसके पास होता है?

    भारत की परमाणु नीति क्या है?

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