विश्व की 10 सबसे शक्तिशाली कमांडो फोर्सेज कौन सी हैं

Oct 8, 2018, 11:35 IST

हर एक देश की अपनी ही एक सेना होती है और उस सेना में से सबसे जांबाज, सबसे बेस्ट सैनिकों को चुन कर बनाई जाती है “स्पेशल फोर्स”.जिसका गठन देश के विशेष उद्देश्यों के लिए किया जाता है. दुनिया के लगभग सभी बड़े देशों ने अपनी अपनी स्पेशल फोर्सेस का गठन किया हुआ है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं दुनिया के 10 सबसे खतरनाक कमांडों कर बारे में.

विशेष बल किसी भी सामाजिक विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ संचालन करने के लिए विशेष रूप से व्यापक मशीनरी और हथियार के साथ प्रशिक्षित बल है. विशेष बल देश के अंदर और बाहर किसी भी चीज़ से निपटने के लिए बहुत ही कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण से गुजरते हैं. इसलिए ये देश की सुरक्षा के लिए सबसे शक्तिशाली ताकत हैं. ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि ये अत्यधिक प्रशिक्षित सैन्य इकाइयां हैं, जो कि अपरंपरागत गुप्त मिशन करने के लिए अच्छी तरह सुसज्जित है जो आमतौर पर देश के राजनीतिक, आर्थिक उद्देश्यों से संबंधित होती हैं.

हर एक देश की अपनी ही एक सेना होती है और उस सेना में से सबसे जांबाज, सबसे बेस्ट सैनिकों को चुन कर बनाई जाती है “स्पेशल फोर्स”.जिसका गठन देश के विशेष उद्देश्यों के लिए किया जाता है. दुनिया के लगभग सभी बड़े देशों ने अपनी अपनी स्पेशल फोर्सेस का गठन किया हुआ है और इनका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद को रोकना, दुश्मन के बढ़ते कदम को रोकना इत्यादि होता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं दुनिया के 10 सबसे खतरनाक कमांडों कर बारे में.

विश्व के 10 शक्तिशाली कमांडो बल 

10. पोलिश GROM (पोलैंड)

Source: www.tactical-life.com

पोलैंड की स्पेशल फोर्स GROM है, जिसका गठन 13 जुलाई,1990 में विशेष उद्देश्यों के लिए किया गया था. GROM का अर्थ है "थंडरबॉल्ट" जो कि उनकी रणनीति का वर्णन करता है - गति, सटीकता और घातक बल. इस फोर्स का मुख्य काम है आतंकवादियों को ढूंढना और उन्हें मार गिराना. इस फोर्स में  लगभग 270 से 300 सैनिक होते हैं और प्रत्येक को मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्थायित्व परीक्षणों के साथ-साथ "truth test" की एक गंभीर श्रृंखला उत्तीर्ण करनी पढ़ती है.

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9. GIS (इटली)


  Source: www.teninsider.com

इटली की स्पेशल फोर्स GIS (The Gruppo di Intervento Speciale) है, जिसका प्रमुख उद्देश्य इटली को कट्टरपंथी आतंकवादियों से बचाना है. 1978 में बनाया गया, यह इकाई इटली की सैन्य पुलिस का हिस्सा है और यह निशानेबाज़ी के लिए जानी जाती है. इसकी ट्रेनिंग बहुत ही कठिन मानी जाती है तथा इसमें करीब 200 कमांडोज काम करते हैं.

8. इज़राइली सैरेत मटकाल (Israeli Sayeret Matkal), इज़राइल

 

Source: www.google.com

इजरायल अत्यधिक शत्रुतापूर्ण राष्ट्रों से घिरा हुआ है.  इसकी स्थापना 1957 में हुई थी जिसने 1972 में ब्लैक सितंबर के आतंकवादियों द्वारा आयोजित बोइंग 707 और गाजा पट्टी में बसे अपहर्ताओं के बल की हत्या जैसे कई आतंकवाद और बचाव अभियान में हिस्सा लिया था. वे 1976 में युगांडा में एंटेबे हवाई अड्डे पर 106 यात्रियों को बचाने के लिए अपने बचाव अभियान के लिए जाने जाते हैं. मटकाल कमांडो के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिए सैरेत मटकाल के सदस्यों को 1 साल और 8 महीने की कठोर ट्रेनिंग करनी पड़ती है. यूनिट 269 हाई-प्रोफाइल और गुप्त आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लेती है.

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7. GIGN (The National Gendarmerie Intervention Group), फ्रांस


Source: www.francetvinfo.fr.com

फ्रांस की स्पेशल फोर्स GIGN है. इसका गठन 1973 में वैश्विक कट्टरपंथी आतंकवादियों से निपटने के लिए किया गया था. इसे फ्रांस की बेस्ट फोर्स भी कहा जाता है. जब भी पूरे फ्रांस में कहीं भी एंटी टेररिज्म ऑपरेशन होता है तो GIGN फोर्स की मदद ली जाती है. बड़े पैमाने पर वर्तमान में यह आतंकवादियों के खिलाफ काम कर रही है.

6. SSG (Special Services Group), पाकिस्तान


Source: www.pakgreeneagles.com

पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स SSG है. इसको बहादुरी और काउंटर हमले के संचालन के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विशेष बलों में से एक माना जाता है. इसका गठन 1956 में हुआ था और पहली बार इनको 1965 के युद्ध में तैनात किया गया था. हम आपको बता दें कि पाकिस्तान की SSG अफगानिस्तान में और देश के भीतर भारत, आतंकवादियों और अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ विभिन्न अभियानों में शामिल रहा है. ये 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सेना की सहायता करने के लिए भी शामिल थी.

5. मार्कोस (भारत)

Source: www.hindinx.com

मार्कोस भारतीय नौसेना के समुद्री कमांडो समूह हैं जिन्हें बहादुरी और सफल ऑपरेशन के लिए विश्व भर में सराहना मिलती है. देश के मरीन कमांडो जमीन,हवा,और पानी में लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम होते है. ये कमांडो HALO और HAHO में प्रशिछित होते हैं और घातक युद्ध हतियार जैसे रायफल, स्नाइपर से सुसज्जित किया जाता है. साथ ही इन्हें मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों से लड़ने का सबक भी सिखाया जाता है. मार्कोस दुनिया के सबसे ताकतवर और खतरनाक कमांडों में से एक हैं. कहा जाता है कि 10,000 में से एक बनता है मार्कोस कमांडो. हाथ-पैर बंधे होने पर भी तैर सकते है ये भारत के मार्कोस कमांडो. मानसिक और शारीरिक क्षमताओं में ये नेवी सील को भी पीछे छोड़ देते हैं. कारगिल युद्ध में इन्होने सेना की सहायता की थी और 26 /11 के मुंबई हमले में आतंकवादियों से निपटने में इनकी खास भूमिका थी. इन कमांडो को स्पेशल कराटे ( मार्शल आर्ट ) सिखाये जाते है. यह हर तरह के हथियार, हेलीकाप्टर , जहाज चलाना जानते है.

4. रूसी स्पट्सनाज (Russian Spetsnaz)

Source: www.infowars.com

रूस की स्पेशल फोर्स  स्पट्सनाज है. अच्छी तरह से प्रशिक्षित अल्फा समूह स्पट्सनाज का ही हिस्सा है. यह दुनिया का अत्यधिक प्रशिक्षित समूह है. इनके प्रशिक्षण को दुनिया में सबसे क्रूर और सबसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है. ये कमांडों इतने खतरनाक हैं कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी रूस को उबारने की काबिलियत रखते हैं. इतना खतरनाक परिक्षण यूरोप और अमेरिका में प्रतिबंधित है. ये सीधे सैन्य खुफिया समूह GRU (Spetsnaz GRU) द्वारा नियंत्रित हैं. ये द्वितीय विश्व युद्ध, बचाव अभियानों और कई उच्च-प्रोफाइल हत्याओं के दौरान गुप्त कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं. कुछ महत्वपूर्ण मिशनों में ये अल्फा समूह के साथ काम करते हैं.

3. डेल्टा फोर्स, यूएसए

Source: www.pinterest.co.uk.com

प्रथम Sppecial Force Operational Detachment-Delta (1st SFOD-D), मुख्य रूप से डेल्टा के नाम से विश्व प्रसिद्ध है. इस कमांडो फोर्स को दुनिया की सबसे खतरनाक और तेज कार्यवाई के लिएजाना जाता है. इसका स्थान अमेरिका खुफिया बलों में सबसे ऊपर है. हम आपको बता दें कि डेल्टा फोर्स यू एस की नेवी सील से अलग है, क्योंकि इसकी चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण दोनों अलग हैं. इस फोर्स को सबसे अधिक परिष्कृत तकनीक के साथ प्रशिक्षित किया जाता है ताकि विशेष अभियानों और बचाव कार्यों को अंजाम दिया जा सके. 1997 में विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों के बाद इसे सार्वजनिक तौर से प्रदर्शित किया गया है. इसका मुख्य कार्य आतंकवादी गतिविधियों को रोकना तथा अन्य राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकना और इसके लिए अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित अमेरिका सरकार ने किया है. 11 सितंबर, 2001 के दौरान अफगानिस्तान में तालिबान को खत्म करने के लिए डेल्टा फोर्स का इस्तेमाल किया गया था. क्या आप जानते हैं कि डेल्टा फोर्स के ऊपर नेशनल ज्योग्राफिक चैनल और Discovery चैनल भी कई डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं.

2. अमेरिकी नौसेना सील (US Navy SEALS)


Source: www.military.com

अमेरिका की सबसे घातक और खतरनाक कमांडो फोर्स नेवी सील को माना जाता है. सील टीम को जमीन से अधिक पानी में प्रशिक्षित किया जाता है, क्योंकि वे एक समुद्री विशेष समूह बनने के लिए परिपूर्ण हैं. इसका गठन 1962 में नदी, महासागर और दलदल जैसे जल निकायों के हमलों से निपटने के लिए किया गया था. इनकी ट्रेनिंग को भी दुनिया में सबसे खतरनाक माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि 100 में से 95 सैनिक तो नेवी सील में शामिल होने से पहले ही रिजेक्ट कर दिए जाते हैं. मिशन का मुकाबला करने के लिए इस फोर्स को अत्यधिक आक्रामक और शारीरिक क्षमताओं वाला कहा जाता है. क्या आप जानते हैं कि सील टीम -6 को अफगानिस्तान में ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए भी जाना जाता है.


1. SAS (Special Air Service) ब्रिटिश

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Source: www.thetimes.co.uk.com

ब्रिटेन की स्पेशल फोर्स SAS है. यह दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे अच्छी अभिजात वर्ग समूह है. इस स्पेशल एयर सर्विस का गठन दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 1941 में किया गया था. इसको पूरी दुनिया में सम्मान अपनी जाबांजी के लिए दिया जाता है. इसे दुनिया की बेहतरीन स्पेशल फोर्सेस में से एक माना जाता है. ये फोर्स भी घातक प्रशिक्षण से गुजरती हैं और हर प्रकार के माहौल का मुकाबला करने के लिए इन्हें तैयार किया जाता है. हम आपको बता दें कि ये फोर्स आतंकवादी घटनाओं के खिलाफ तो काम करती ही है और साथ ही अन्य देशों में विरोधी सेना को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है. ये अमेरिकी नौसेना सील और संयुक्त राज्य अमेरिका में अन्य विशिष्ट समूहों को प्रशिक्षित करने के लिए भी जानी जाती है.

तो ये थे दुनिया के सबसे खतरनाक कमांडो फोर्सेज जो अपने देश में आतंकवाद को खत्म करने में मुख्य भूमिका को निभाते हैं.

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Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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