हरियाणा का कौन-सा जिला कहलाता है ‘शिक्षा नगरी’, जानें नाम
हरियाणा में आपने अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि प्रदेश में एक जिला ऐसा भी है, जिसे शिक्षा नगरी भी कहा जाता है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत के उत्तर में जब भी प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें हरियाणा राज्य का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां का देशी खान-पान और जीवनशैली विश्व विख्यात है, जो इसे देश के अन्य राज्यों से अलग बनाती है। प्रदेश के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है।
इस कड़ी में प्रदेश के प्रत्येक जिले की अपनी पहचान भी है। आपने अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि हरियाणा का वह जिला कौन-सा है, जिसे शिक्षा नगरी भी कहा जाता है। यदि नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
हरियाणा का परिचय
सबसे पहले हम हरियाणा के बारे में जान लेते हैं। हरियाणा कुल 44,212 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहां कुल 23 जिले हैं और 6 मंडल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में कुल 10 नगर निगम, 19 नगर परिषद् 58 नगर समितियां, 5 लोकसभा, 10 राज्यसभा और 90 विधानसभा सीटें हैं।
किस जिले को कहा जाता है शिक्षा नगरी
अब हम यह जान लेते हैं कि आखिर वह कौन-सा जिला है, जिसे शिक्षा नगरी भी कहा जाता है। आपको बता दें कि प्रदेश में सोनपीत जिले को शिक्षा नगरी भी कहा जाता है।
क्यों कहा जाता है शिक्षा नगरी
सोनीपत जिले को शिक्षा नगरी कहे जाने के पीछे यहां सबसे बड़ा कारण राजीव गांधी एजुकेशन सिटी है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शिक्षा का सबसे बड़ा लर्निंग हब बन गया है, जिसे हरियाणा सरकार द्वारा विकसित किया गया है।
कितनी बड़ी है शिक्षा नगरी
हरियाणा की शिक्षा नगरी कुल 2000 एकड़ में विकसित की गई है, जिसका प्रमुख उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख शिक्षण संस्थानों को एक ही जगह पर लाया जा सके। यदि आप राजीव गांधी एजुकेशन सिटी जाएंगे, तो आपको एक ही रोड पर कई बड़े शिक्षण संस्थान देखने को मिल जाएंगे।
क्या है भौगोलिक लाभ
सोनीपत जिला दिल्ली-एनसीआर में आने वाला प्रमुख जिला है। यह दिल्ली से करीब 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं, दिल्ली-अमृतसर हाईवे यानि कि NH-44 से इसकी बहुत ही कम दूरी है। ऐसे में यहां छात्रों व शिक्षकों के लिए आवागमन करना आसान है।
यही वजह है कि इस शिक्षा नगरी को दिल्ली के करीब बसाया गया था, जिससे भविष्य में शिक्षकों और छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ अनुसंधान और तकनीक को भी बढ़ावा मिला। आपको बता दें कि यहां राष्ट्रीय स्तर की डॉ. बी आर अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय भी स्थापित है। यह अपने आप में एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जहां विधि के क्षेत्र में पढ़ाई करने की चाह रखने वाले छात्र दाखिले के लिए पहुंचते हैं।
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