Raksha Bandhan 2020: तिथि, इतिहास, महत्व और उत्सव

Aug 3, 2020, 08:23 IST

Raksha Bandhan 2020: यह त्‍यौहार भाई और बहन के मजबूत रिश्ते की निशानी और प्यार का प्रतीक है. 2020 में, 3 अगस्त को राखी का त्यौहार मनाया जा रहा है. आइए हम रक्षाबंधन त्‍यौहार के इतिहास, महत्व और इसे कैसे मनाया जाता है, के बारे में जानते हैं.

Raksha Bandhan
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Raksha Bandhan 2020: रक्षाबंधन हिंदू महीने श्रावण की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस वर्ष यह 3 अगस्त को मनाया जा रहा है. यह त्‍यौहार अपनी बहन के लिए भाई के प्यार का जश्न मनाता है. इस दिन बहन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं और उनके लंबे जीवन और खुशियों की प्रार्थना करती हैं. भाई अपनी बहनों से वादा करते हैं कि वे विपत्ति के दौरान उनकी रक्षा करेंगे और साथ ही इस दिन उपहार भी देते हैं.
इस में कोई संदेह नहीं है कि पवित्र भावनाओं और शुभकामनाएं राखी के भीतर रहती हैं. रक्षाबंधन का त्यौहार ज्यादातर उत्तर भारत में मनाया जाता है. क्या आप राखी त्‍यौहार के पीछे की कहानी के बारे में जानते हैं? क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन? राखी त्‍यौहार से जुड़ी पौराणिक कथाएँ क्या हैं? आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं.

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रक्षाबंधन का इतिहास

रक्षाबंधन त्‍यौहार का इतिहास हिंदू पौराणिक कथाओं से जुड़ा है. इस त्‍यौहार के पीछे कई कहानियां हैं जिनमें से कुछ नीचे दी गई हैं:

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत में, जो कि एक महान भारतीय महाकाव्य है, द्रौपदी, पांडवों की पत्नी ने भगवान कृष्ण की कलाई से बहते खून को रोकने के लिए अपनी साड़ी के कोने को फाड़ दिया था और उनकी कलाई पर बांधा था क्योंकि भगवान कृष्ण ने अनजाने में खुद को जख्‍मी कर लिया था. इस प्रकार, भाई और बहन के बीच एक बंधन विकसित हुआ और भगवान कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा करने का वचन दिया था.

रक्षाबंधन की एक और कहानी चित्तौड़ की रानी कर्णावती और मुगल सम्राट हुमायूं के साथ जुड़ी हुई है. रानी कर्णावती चित्तौड़ के राजा की विधवा रानी थी. उनके राज्य पर गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह द्वारा हमला किया गया था और रानी कर्णावती  ने महसूस किया कि वह अपने राज्य को गुजरात के सुल्तान के आक्रमण से बचा नहीं पाएंगी. इसलिए, उन्होंने मुग़ल सम्राट हुमायूँ को राखी भेजी. सम्राट राखी देखकर भावुक हो गया और चित्तौड़ को आक्रमण से बचाने के लिए समय बर्बाद किए बिना अपने सैनिकों के साथ चित्तौड़ की ओर रवाना हो गया.

राखी का त्यौहार जीवन की प्रगति और मैत्री की ओर ले जाने वाला एकता का एक बड़ा पवित्र बंधन है. रक्षा का मतलब है बचाव और मध्ययुगीन भारत में कुछ स्थानों पर, जब महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थी, तो वे पुरुषों को भाई मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बाँधती थी या राखी भेजती थी. इस प्रकार, राखी का त्यौहार एक पवित्र त्यौहार है जो भाइयों और बहनों के बीच प्यार और स्नेह के बंधन को मजबूत बनाता है और इस भावनात्मक बंधन को पुनर्जीवित करता है. इस दिन, ब्राह्मण अपने पवित्र जनेऊ को बदलते हैं और धर्मग्रन्‍थों  के अध्ययन के लिए एक बार फिर खुद को समर्पित करते हैं.

रक्षाबंधन त्यौहार का महत्व

रक्षाबंधन एक पवित्र और सुंदर त्यौहार है जहां बहनें अपने भाइयों के साथ इस विशेष अवसर को मनाने के लिए तैयार होती हैं. बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके लंबे जीवन और समृद्ध भविष्य के लिए प्रार्थना करती हैं. राखी का त्यौहार बहुत भावनात्मक और धार्मिक महत्व रखता है. यह त्यौहार भाई-बहन की सच्ची भावनाओं का प्रतीक है, इस वादे का भी की वे एक साथ रहेंगे, चाहे खुशी हो या गम. यह त्यौहार भाई और बहन के बीच के रिश्ते को मजबूत करता है. इसलिए, अपने भाई और बहन के साथ त्यौहार और हर पल का जश्न मनाएं.

रक्षाबंधन का त्यौहार कैसे मनाया जाता है?

यह त्यौहार पूरे परिवार को एक साथ लाता है. इस दिन की शुरुआत पारंपरिक पोशाक पहनकर होती है. परिवार में हर तरफ खुशियों का माहोल होता है और सब अच्छे से तैयार होते हैं, पारंपरिक पोशाक पहनते हैं, मिठाई, उपहार, चॉकलेट इत्यादि लाए जाते हैं. बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, आरती करती है, भाई के माथे पर  कुमकुम लगाती है और लंबी आयु, सलामती की प्रार्थना करती है. इसके अलावा, अपने भाई को मिठाई भेंट करती हैं या मुंह मीठा कराती हैं. बदले में, भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और यह भी वादा करते हैं कि वे जीवन भर उनकी रक्षा करेंगे.
इस साल COVID-19 महामारी के कारण अगर भाई-बहन परिवार से दूर हैं तो यह उत्सव वर्चुअल मनाया जा सकता है. परिवार के साथ भाई-बहन वर्चुअल पार्टी का आयोजन कर सकते हैं, ऑनलाइन गेम खेल सकते हैं, और अपने पसंदीदा खाने को ऑनलाइन ऑर्डर भी कर सकते हैं.

तो अब आपको राखी के त्यौहार रक्षाबंधन के पीछे की कहानी के बारे में ज्ञात हो गया होगा. इस दिन का आनंद लें, रक्षाबंधन की शुभकामनाएं!

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Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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