भारत का वह प्लान, जिससे देश को मिली थी पहली महिला CM, यहां पढ़ें पूरी कहानी

Feb 21, 2025, 15:00 IST

हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा विधायक रेखा गुप्ता को चुना गया है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर पदाभार भी संभाल लिया है। हालांकि, क्या आप देश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने की कहानी के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

देश की पहली महिला मुख्यमंत्री
देश की पहली महिला मुख्यमंत्री

हाल ही में दिल्ली की शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। वह दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं। इससे पहले सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी दिल्ली की मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठ चुकी हैं।

हालांकि, क्या आप देश की पहली महिला मुख्यमंत्री के बारे में जानते हैं और क्या आपको पता है कि भारत में किस प्लान के लागू होने से देश को पहली महिला मुख्यमंत्री मिली थी। क्या था यह पूरा किस्सा, इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

कौन थीं देश की पहली महिला मुख्यमंत्री

देश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं। वह प्रसिद्ध गांधीवादी नेता आचार्य कृपलानी की पत्नी थीं। कृपलानी का जन्म हरियाणा के अंबाला(उस समय पंजाब का हिस्सा) में एक संपन्न बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। पिता पेशे से चिकित्सक थे, तो विभिन्न शहरों में रहते हुए उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की।

जवाहर लाल नेहरू को मिलने लगी थी चुनौती

देश की आजादी के बाद एक समय ऐसा भी आया था कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को उनकी पार्टी के ही कुछ लोग चुनौती देने लगे थे। इन चेहरों में एक बड़ा चेहरा उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता का था।

गुप्ता द्वारा दी जाने वाली  चुनौतियों का डर दिल्ली तक पहुंच चुका था। ऐसे में हाईकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने का फैसला किया। हालांकि, इसके लिए कांग्रेस सरकार को एक योजना की जरूरत थी, जिसके तहत कामराज प्लान को लाया गया। 

क्या था कामराज प्लान

कामराज योजना (Kamaraj Plan) भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 1963 में शुरू की गई एक राजनीतिक पहल थी। इसका उद्देश्य कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना और प्रशासन में सुधार लाना था। इस योजना के तहत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को सरकारी पदों से हटकर पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कहा गया। ऐसे में चंद्रभानु गुप्ता को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। 

कांग्रेस के सामने खड़ी हुई समस्या 

गुप्ता के पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के आगे अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर दुविधा खड़ी हो गई थी। हालांकि, पार्टी के सामने हेमवती नंदन बहुगुणा, चौधरी चरण सिंह और कमलापति त्रिपाठी जैसे बड़े चेहरे थे, लेकिन गुप्ता इस बात से सहमत नहीं थे।

सुचेता कृपलानी का चुना गया नाम

कांग्रेस ने महिला चेहरा को अगला मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए 1963 में सुचेता कृपलानी को चुना गया। क्योंकि, 1962 में कृपलानी उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी थी और श्रम, समुदाय और उद्योग विभाग में कैबिनेट मंत्री का पद संभाल रही थी। उन्होंने 1963 से 1967 तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली। इसके बाद उन्होंने गोंडा सीट से लोकसभा का चुनाव जीता। 

1971 में राजनीति से संन्यास और 1974 में निधन

साल 1971 में सुचेता कृपलानी ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। इसके बाद वह दिल्ली में अपने पति के साथ आकर रहने लगी। धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य गिरता गया और 1974 में हृद्य गति रूकने से उनका निधन हो गया। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com
... Read More

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News