भारत में कितने प्रकार का होता है ड्राइविंग लाइसेंस, जानें
यह बात हम सभी जानते हैं कि भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस पूरे देश के किसी भी राज्य में वैध होता है। हालांकि, इसकी समयावधि पूरी होने के साथ इसका नवीनीकरण कराना होता है। भारत में अलग-अलग उपयोग के लिए अलग-अलग प्रकार का ड्राइविंग लाइसेंस होता है। क्या आपको पता है कि भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस कितने प्रकार का होता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस संबंध में जानेंगे।
भारत में वैध रूप से सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है, जो कि परिवहन विभाग द्वारा जारी किया जाता है। हालांकि, इसके लिए टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसमें पास होने पर आपको ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
गाड़ी चलाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है, जो आपको वैध तरीके से सड़कों पर गाड़ी चलाने का अधिकार देता है। वहीं, सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अब लाइसेंस पर भी सरकार सख्त हो रही है।
यही वजह है सड़कों पर यातायात पुलिस सबसे पहले लाइसेंस की मांग करती है, जिसके बाद अन्य दस्तावेजों को जांचा जाता है। वाहनों के अलग-अलग प्रयोग को लेकर अलग-अलग प्रकार के लाइसेंस होते हैं। क्या आपको पता है कि भारत में कितने प्रकार का ड्राइविंग लाइसेंस होता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे।
कितने प्रकार का होता है Driving License
भारत में चार प्रकार का ड्राइविंग लाइसेंस होता है, जिसका अलग-अलग उपयोग है। ये चार ड्राइविंग लाइसेंस पर्मानेंट, कमर्शियल, इंटरनेशनल परमिट और लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस है।
क्या होता है Learner License
जब भी कोई व्यक्ति पहली बार लाइसेंस के लिए आवेदन करता है, तो उसका लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाता है। इसके लिए एक कंप्यूटर आधारिट टेस्ट से गुजरना होता है, जिसमें ट्रैफिक के नियम संबंधी सवाल पूछे जाते हैं।
एक सामान्य फीस जमा करने के बाद इसे प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, इस लाइसेंस की अवधि केवल छह माह तक होती है और लर्नर लाइसेंस बनने के एक महीने बाद पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।
आपको बता दें कि लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के साथ यदि कोई व्यक्ति गाड़ी चला रहा है, तो उसके साथ एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो। वहीं, लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस धारक को अपने वाहन पर लाल रंग से ‘L’ लिखवाना होता है, जिससे अन्य वाहन चालकों को पता चल सके कि आप गाड़ी सीख रहे हैं और आप से दूरी बनाकर चल सके।

क्या होता है Permanent License
यह सबसे अधिक उपयोग होने वाला लाइसेंस है। लर्निंग लाइसेंस के एक महीने के बाद इसके लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके बाद आप RTO की ओर से एक तारीख लेकर ड्राइविंग टेस्ट दे सकते हैं। यदि आप उस टेस्ट में पास हो जाते हैं, तो आपको एक पर्मानेंट लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
क्या होता है Commercial License
कमर्शियल लाइसेंस व्यावसायिक वाहनों के लिए इस्तेमाल होता है, जिसमें बस, ट्रक, ऑटो व अन्य वाहन शामिल होते हैं। इसमें भी तीन श्रेणियां होती हैं, जो कि भारी, मध्यम और हल्के वाहन है। इसके लिए अलग से आवेदन करना होता है।
क्या होता है International Permit
यह परमिट विदेशों में गाड़ी चलाने के लिए जारी किया जाता है। इसके लिए आपके पास पर्मानेंट ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है, जिसके बाद ही इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। इस परमिट की वैधता एक साल के लिए होती है।
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