UP Budget 2025: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए बजट पेश कर दिया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8% बड़ा बजट है. यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को ₹8,08,736 करोड़ के बजट 2025-26 को पेश किया. यह बजट शिक्षा, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता देता है.
योगी सरकार ने युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए इस बजट में कई बड़े कदम उठाए हैं. इंटर्नशिप योजना से लेकर उद्यमिता विकास और डिजिटल सशक्तिकरण तक, हर पहलू को मजबूती दी गई है.
यह भी देखें:
Delhi Cabinet Ministers List: दिल्ली की नई सरकार में किसे मिला कौन-सा मंत्रालय? यहां देखें
Rajasthan Budget 2025: इलेक्ट्रिक वाहन होंगे सस्ते, रोडवेज को 500 नई बसों की सौगात, देखें हाईलाइट्स
यूपी बजट हाईलाइट्स:
इस बार योगी सरकार का कुल बजट ₹8,08,736 करोड़ का था, जो पिछले साल की तुलना में 9.8% अधिक था-
कुल बजट: ₹8,08,736 करोड़
पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि: 9.8%
महत्वपूर्ण आवंटन:
- 22% - विकास कार्यों के लिए
- 13% - शिक्षा के लिए
- 11% - कृषि क्षेत्र के लिए
- 6% - स्वास्थ्य सेवाओं के लिए
प्रमुख घोषणाएं एवं योजनाएं:
योगी सरकार ने बजट 2025-26 में युवाओं, शिक्षा, तकनीक, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण पर खास ध्यान दिया है. राज्य स्तरीय इंटर्नशिप योजना, 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम, AI सिटी, स्मार्ट क्लासरूम, लेबर हब और 25 लाख युवाओं को स्मार्टफोन-लैपटॉप जैसी योजनाएं इसमें शामिल हैं.
राज्य स्तरीय इंटर्नशिप योजना:
- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में राज्य स्तरीय इंटर्नशिप योजना शुरू होगी.
- हर साल 10,000 युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
- प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को ₹4,500 प्रति माह की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
- यह योजना 12 महीनों तक चलेगी, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे.
सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ावा:
- हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित किए जाएंगे.
- सरकार नए स्टार्टअप और छोटे उद्योगों को वित्तीय सहायता देगी.
- इससे युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे.
25 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और लैपटॉप:
- स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत अब तक 49.86 लाख स्मार्टफोन और लैपटॉप बांटे जा चुके हैं.
- इस साल भी 4,000 करोड़ रुपये की लागत से 25 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट दिए जाएंगे.
- इससे युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
प्रौद्योगिकी और नवाचार:
- उत्तर प्रदेश में "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी" विकसित की जाएगी, जिससे राज्य को AI नवाचार का केंद्र बनाया जाएगा.
- साइबर सुरक्षा पर केंद्रित टेक्नोलॉजी रिसर्च ट्रांसलेशन पार्क की स्थापना होगी.
- विधानसभा को आधुनिक आईटी सिस्टम से लैस किया जाएगा.
शिक्षा और कौशल विकास:
- प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जाएंगे.
- सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित होंगी.
- AI एवं नई तकनीकों के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित किया जाएगा.
- मेधावी छात्राओं को निःशुल्क स्कूटी योजना के तहत स्कूटर प्रदान किया जाएगा.
शहरी विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर:
- ₹145 करोड़ की लागत से 58 शहरी स्थानीय निकायों को "स्मार्ट सिटी मॉडल" में बदला जाएगा.
- विज्ञान नगरी, विज्ञान पार्क और तारामंडल को अपग्रेड किया जाएगा ताकि युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़े.
सामाजिक कल्याण और श्रमिकों के लिए पहल:
- नए "लेबर हब" बनाए जाएंगे, जहां निर्माण श्रमिकों को कैंटीन, स्वच्छ जल, स्नानागार और शौचालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
- अयोध्या, बस्ती, बांदा, आजमगढ़, मिर्जापुर और सहारनपुर में छह नए फोरेंसिक साइंस लैब स्थापित की जाएंगी.
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा:
- ₹27 करोड़ की लागत से बलिया में नया स्वायत्त मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा.
- ₹25 करोड़ की लागत से बलरामपुर में दूसरा मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा.
- उत्तर प्रदेश का यह बजट शिक्षा, नवाचार, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण के नए आयाम स्थापित करने के लिए एक मजबूत कदम है.
यह भी देखें: दिल्ली की नई सीएम Rekha Gupta के परिवार में कौन-कौन? जानें पति, बच्चे और हरियाणा से उनका रिश्ता
Comments
All Comments (0)
Join the conversation