किसने लिखा है भारत का मूल संविधान, जानें
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जिसके बनने की भी दिलचस्प कहानी है। आज भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुसार ही चलती है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में किस जगह पर संविधान की मूल कॉपी रखी है और मूल संविधान किसने लिखा है। यदि आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जिसके बनने की भी दिलचस्प कहानी है। आज भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुसार ही चलती है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में किस जगह पर संविधान की मूल कॉपी रखी है। साथ ही इस कॉपी को लिखने में कितने समय लगा था और किसने मूल संविधान को लिखा था। यदि आप नहीं जानते हैं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
किसने दिया था संविधान सभा का विचार
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि संविधान सभा का विचार किसने दिया था, तो आपको बता दें कि यह विचार सबसे पहले मानवेंद्रनाथ राय द्वारा 1934 में दिया गया था। इन्हें हम एमवी राय के नाम से भी जानते हैं।
कितने समय में तैयार हुआ था मूल संविधान
अब हम यह जान लेते हैं कि भारतीय संविधान कितने समय में तैयार हुआ था। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। ऐसे में इससे बनने में भी उतना ही अधिक समय लगा था। मूल संविधान 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में लिखा गया था।
कहां रखा है मूल संविधान
अब सवाल है संविधान की मूल कॉपी भारत में कहां रखी है, तो आपको बता दें कि यह कॉपी संसद भवन के पुस्तकालय में रखी गई है। इस कॉपी को सुरक्षित एक बॉक्स में रखा गया है, जिसमें हीलियम गैस भरी गई है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर मूल संविधान और हीलियम गैस का क्या संबंध है, तो आपको बता दें कि मूल संविधान की स्याही का ऑक्सीकरण होने से बचाने के लिए इसे जिस बक्से में रखा गया है, उसमें हीलियम गैस को भरा गया है, जिससे इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
किसने लिखा था भारतीय संविधान
अब सवाल है कि आखिर भारतीय संविधान की मूल कॉपी को किस भारतीय द्वारा लिखा गया था। आपको बता दें कि संविधान की मूल कॉपी को प्रेम बिहारी रायजादा द्वारा लिखा गया है। उन्होंने संविधान को लिखने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया था, बल्कि इसके बदले उन्होंने प्रत्येक पन्ने पर अपना नाम लिखा था।
किसने किया था संविधान का अलंकरण
संविधान के अलंकरण की बात करें, तो यह राममनोहर सिंह और नंदलाल बोस द्वारा किया गया था। यहां अलंकरण से मतलब संविधान के पन्नों पर किया गया डिजाइन है, जिससे पन्नों को खूबसूरती दी गई थी।
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A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.