जापान की स्याही और फ्रांस के पन्नों से बनी है दुनिया की सबसे महंगी रामायण, पढ़ें
अयोध्या राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के कुछ घंटे ही शेष रह गए हैं। ऐसे में हर दिल में इंतजार की घड़ियां खत्म होने को है और इतिहास के पन्नों पर एक नया अध्याय जुड़ने को तैयार है। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंदिर में रामायण पहुंची है, जिसे दुनिया की सबसे महंगी रामायण होने का दावा किया गया है। क्यों खास है यह रामायण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में अब सिर्फ कुछ घंटों की दूरी रह गई है। इसके बाद इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है और इस अध्याय के लिखे जाने के साथ ही देश के करोड़ों देशवासियों का इंतजार खत्म हो जाएगा, जब अयोध्या के राम मंदिर गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
इसके साथ ही मंदिर की चर्चा हर जुबान पर है। इस कड़ी में मंदिर में एक रामायण पहुंची है, जिसे दुनिया की सबसे महंगी रामायण होने का दावा किया गया है। कितनी है रामायाण की कीमत और क्यों खास है यह रामायण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
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कौन लेकर पहुंचा है रामायण
अयोध्या राम मंदिर में इन दिनों पुस्तक विक्रेता मनोज सती रामायण लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI को दिए साक्षात्कार में दावा किया है कि यह रामायण दुनिया की सबसे महंगी रामायण है, जो कि वाल्मीकि द्वारा लिखित पवित्र रामायण का संस्करण है।
कितनी महंगी है रामायण
मनोज सती द्वारा लाई गई इस रामायण की कीमत की बात करें, तो यह 1,65,000 रुपये बताई गई है, जिससे इस रामायण का दुनिया की सबसे महंगी रामायण होने का दावा किया गया है।
राम मंदिर से है प्रेरित
रामायण अयोध्या के राम मंदिर से प्रेरित है। दरअसल, जिस प्रकार राम मंदिर के आगे तीन मंडप बनाए गए हैं, उसी प्रकार रामायण को तीन बक्शों में विभाजित किया गया है।
#WATCH | Uttar Pradesh: Ramayana worth Rs 1,65,000 displayed in Ayodhya. The weight of the Ramayana is 45 kg and it comes in three boxes. (19.01) pic.twitter.com/WbEsOCpQcZ
— ANI (@ANI) January 20, 2024
फ्रांस के पन्नों पर लिखी गई है रामायण
इस रामायण की खास बात यह भी है कि इस रामायण में इस्तेमाल किए गए पन्ने विदेशी की धरती यानि कि फ्रांस से मंगाए गए हैं, जिनके ऊपर रामायण को छापा गया है।
जापान की स्याही का किया गया है इस्तेमाल
रामायण से जुड़ी एक और खास बात यह भी है कि इस रामायण को एक विशेष स्याही से छापा गया है, जो कि जापान से मंगाई गई है। इससे रामायण में छपे अक्षरों की अलग ही चमक निकलकर आती है।
चार पीढ़ी तक पढ़ सकेंगी
रामायण में जिस प्रकार की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है, वह सामान्य लकड़ी नहीं है, बल्कि उस लकड़ी को अमेरिका में मिलने वाले अखरोट से तैयार किया गया है, जिससे रामायण लंबे समय तक टिकी रहेगी। ऐसा दावा है कि यह रामायण चार पीढ़ियों तक पढ़ी जा सकेगी।
45 किलो है वजन
यह रामायण अन्य रामायणों की तुलना में अधिक भारी है, जिसका कुल वजन 45 किलो है। क्योंकि, इस रामायण को लकड़ी से तैयार किया गया है, इसलिए इसका वजन अधिक है। वहीं, देखने में भी यह सबसे सुंदर रामायण बताई जा रही है।
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