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Data Centre in Gr. Noida: सीएम योगी ने ग्रेटर नोएडा में किया नार्थ इंडिया के पहले डेटा सेंटर का उद्घाटन, जानें इसके बारें में

Data Centre in Gr. Noida: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में उत्तर भारत के पहले हाइपर-स्केल डेटा सेंटर Yotta Yotta D1 का उद्घाटन किया है. इसका विकास 5,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. जानें इसके बारें में

नार्थ इंडिया के पहले डेटा सेंटर का उद्घाटन
नार्थ इंडिया के पहले डेटा सेंटर का उद्घाटन

Data Centre in Gr. Noida: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में उत्तर भारत के पहले हाइपर-स्केल डेटा सेंटर Yotta Yotta D1 का उद्घाटन किया है. इसका विकास 5,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. यह सेंटर 3,00,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैला है. 

इस डेटा सेंटर के विकास के लिए राज्य सरकार ने हीरानंदानी समूह के साथ 39,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए है. इस अवसर पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि 'पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया मूवमेंट को गति देने वाले उत्तर भारत के पहले डेटा सेंटर के उद्घाटन को देखकर मुझे खुशी हो रही है'.

हाइपर-स्केल डेटा सेंटर के बारें में:

इस डेटा सेंटर पार्क में कुल 06 डेटा सेंटर होंगे जिसमे Yotta D-1 इस कड़ी का पहला भाग है जिसे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के आधार पर तैयार किया गया है. इसकी मदद से सभी प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों को सीधे फाइबर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी. इसे हीरानंदानी ग्रुप द्वारा विकसित किया जा रहा है. Yotta D-1 को उत्तर भारत की 5G रिवोल्यूशन का पहला स्तंभ  माना जा रहा है.

हाइपर-स्केल डेटा सेंटर के लाभ:

  • हाइपर-स्केल डेटा सेंटर उत्तर भारत का एक प्रमुख डिजिटल सेंटर के रूप में उभरा है. जहाँ से उत्तर भारत में सभी प्रकार के डिजिटल डेटा के एक्सेस की सुविधा होगी.
  •  Yotta D1 में इंटरनेट पीयरिंग एक्सचेंज और वैश्विक क्लाउड ऑपरेटरों से सीधे फाइबर कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करेगा.
  • इसकी मदद से ग्राहक जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल के नेटवर्क पर, हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से गेम और अन्य संबंधित डेटा का एक्सेस प्राप्त कर सकेंगे.
  • इसकी मदद से देश की डेटा स्टोरेज क्षमता का भी विकास होगा जो अब तक केवल 2% था. इसकी मदद से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अधिक डेटा एक्सेस की सुविधा मिलेगी.
  • इस तरह के प्रयास से भारत की डिजिटल इकोनॉमी ग्रोथ को भी मजबूती मिलेगी.

भारत की डेटा सेंटर पॉलिसी:

वर्ष 2020 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने डेटा सेंटर पॉलिसी जारी की थी, जिसका उद्देश्य देश में डेटा केंद्र स्थापित करने के लिए मंजूरी को आसान बनाना है. भारत के डेटा सेंटर उद्योग में अगले 5-10 वर्षों में 70,000-72,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है. इसका उद्देश्य भारत को ग्लोबल डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करना है साथ ही इस क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा देना है. 

डेटा सेंटर पॉलिसी की 2021 के एक नोटिफिकेशन के अनुसार विभिन्न निवेशकों द्वारा 04 डेटा सेंटर पार्क स्थापित किये जा रहे है जिसमें से हाइपर-स्केल डेटा सेंटर ग्रेटर नोएडा भी शामिल है.

डिजिटल इंडिया मूवमेंट को मिलेगी मजबूती:

इस बड़े डेटा सेंटर की मदद से पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया मूवमेंट को एक नयी गति मिली है. डिजिटल दुनिया के इस परिवेश में ऐसे डेटा सेंटर देश के डिजिटल मूवमेंट को और मजबूती प्रदान करेंगे. भारत में जहाँ 1.5 बिलियन मोबाइल फोन और 650 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता है वहां इस तरह का डेटा सेंटर काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

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