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एक तारे का नाम, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा गया, जानें इसके बारें में

'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को चिह्नित करते हुए, औरंगाबाद की भाजपा यूनिट ने बताया कि एक तारे का नाम उनके नाम पर रखा गया है. यह तारा पृथ्वी से 392.01 प्रकाश वर्ष (light years) दूर स्थित है और यह सूर्य के सबसे निकट का तारा है.

एक तारे का नाम, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा गया
एक तारे का नाम, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम पर रखा गया

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को चिह्नित करते हुए, औरंगाबाद की भाजपा यूनिट ने बताया कि एक तारे का नाम उनके नाम पर रखा गया है. औरंगाबाद भाजपा यूनिट के अध्यक्ष शिरीष बोरालकर ने इस बात की जानकारी दी है. 

पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को प्रतिवर्ष देश भर में 'सुशासन दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है. जिस तारे का नाम उनके नाम पर रखा गया है वह सूर्य से काफी नजदीक का तारा है.

अटल बिहारी वाजपेयी स्टार, हाइलाइट्स:

जिस तारे का नाम उनके नाम पर रखा गया है वह पृथ्वी से 392.01 प्रकाश वर्ष (light years) दूर स्थित है और यह सूर्य के सबसे निकट का तारा है.
 25 दिसंबर, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष रजिस्ट्री (International Space Registry) में इसको अटल जी के नाम पर रजिस्टर कराया गया है जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 'CX16408US' है. 

इस तारे का कोआर्डिनेट '14 05 25.3 -60 28 51.9' है.     

'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी के बारें में:

अटल बिहारी वाजपेयी भारत के एक प्रसिद्ध राजनेता थे जो भारत के 10वें प्रधान मंत्री के रूप में तीन बार देश की सेवा की इसके साथ ही वह एक प्रखर कवि भी थे.

पहली बार अटल जी 16 मई, 1996 से 1 जून, 1996 तक देश के पीएम बने थे उसके बाद वह 1998 से 1999 तक 13 महीने की अवधि के लिए पीएम बने थे. 

प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपना तीसरा और पूर्ण कार्यकाल 22 मई, 2004 तक पद पर रहकर पूरा किया. 

अटल जी ने 1977 से 1979 तक प्रधान मंत्री मोराजी देसाई के मंत्रिमंडल में भारत के विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया था. 

उनका जन्म 25 दिसम्बर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. उनकी मृत्यु 16 अगस्त, 2018 को दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया था.

भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2015 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया था. उन्हें वर्ष 1992 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था. 

दिल्ली में उनका स्मृति स्थल है जिसको 'सदैव अटल' (Sadaiv Atal) के नाम से जाना जाता है. उनके  सम्मान में भारत सरकार ने उनके जन्म दिवस 25 दिसंबर को हर साल 'सुशासन दिवस' के रूप में मानाने का निर्णय लिया था.      

इंटरनेशनल स्पेस रजिस्ट्री:

इंटरनेशनल स्पेस रजिस्ट्री (ISR) अनौपचारिक रूप से तारों के नामकरण का अधिकार देता है. इसकी स्थापना 1979 में की गयी थी. अक्सर ये नामकरण उपहार या स्मृति शेष के लिए दिए जाते है ये नाम योर प्लेस इन द कॉस्मॉस बुक में दर्ज होते है. इन नामों को वैज्ञानिक या खगोलीय कम्युनिटी द्वारा दर्जा प्राप्त नहीं होता है. 

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