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UPSC Success Story : महंगी कोचिंग के बजाय घर में पढ़कर IAS बनीं श्रद्धा शुक्ला

UPSC Success Story : यूपीएससी से जुड़ी तमाम सफलता, असफलता, आशा और निराशा का कहानियां हैं। आज हम आपको श्रद्धा शुक्ला की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंंने कई बार फेल होने के बाद भी महंगी कोचिंग के बजाय घर से ही तैयारी की और सिविल सेवा में आईएएस बनकर सफलता हासिल की। 

UPSC Success Story : महंगी कोचिंग के बजाय घर में पढ़कर IAS बनीं श्रद्धा शुक्ला
UPSC Success Story : महंगी कोचिंग के बजाय घर में पढ़कर IAS बनीं श्रद्धा शुक्ला

UPSC Success Story :  देश में हर साल लाखों लोग यूपीएससी में सिविल सेवा क्रैक कर अधिकारी बनने का सपने देखते हैं। इन सपनों को सच करने के लिए वे मेहनत भी करते हैं। कुछ युवा दिल्ली समेत दूसरे शहरों में महंगी-मंहगी कोचिंग में दाखिला  लेकर अपनी तैयारी को धार देते हैं। वहीं, कुछ युवा बिना कोचिंग के ही इस कठिन परीक्षा को पास कर लेते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी बताने जा रहे हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ की रहने वाली श्रद्धा शुक्ला ने बिना कोचिंग के ही सिविल सेवा परीक्षा को पास किया और आईएएस अधिकारी बन गई।  

 

श्रद्धा शुक्ला का परिचयः 

श्रद्धा शुक्ला मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने रायपुर के गायत्री नगर स्थित एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। स्कूली पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने गवर्मेंट डीबी गर्ल्स पीजी कॉलेज में बीएससी में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। 

 

 

बिना कोचिंग के खदु से की तैयारी, पहली बार हुईं फेल 

अक्सर लोग सोचते हैं कि यूपीएससी के लिए महंगी कोचिंग में दाखिला लेना जरूरी है। इसके बिना सिविल सेवा को क्रैक करना बहुत मुश्किल होता है। हालांकि, इस धारणा को श्रद्धा ने गलत साबित किया है। उन्होंने महंगी कोचिंग में दाखिला लेने के बजाय घर में ही रहकर यूपीएससी की तैयारी की। वह अपने पहले प्रयास में असफल हो गई। हालांकि, उन्होंने फिर भी कोचिंग में दाखिला नहीं लिया, बल्कि घर में ही रहकर अच्छे से तैयारी की। उन्होंने दूसरी बार परीक्षा दी, लेकिन वह फिर से आईएएस बनने में असफल हो गई। श्रद्धा को भारतीय डाक एवं दूरसंचार विभाग में वित्तीय सेवाओं में नौकरी मिली। हालांकि, उन्होंने फिर भी किसी कोचिंग में दाखिला नहीं लिया, बल्कि अपनी तैयारी को खुद से ही जारी रखा।

 

तीसरे प्रयास में मिली 45वीं रैंक 

श्रद्धा शुक्ला ने पूरी तैयारी के साथ अपना तीसरा प्रयास किया और इस बार उन्होंने आईएएस बनने में सफलता पा ली। उन्हें साल 2021 के तीसरे प्रयास में 45वीं रैंक हासिल हुई। श्रद्धा के मुताबिक, उनके पिता छत्तीसगढ़ में ही नेता हैं, जिनसे उन्हें तैयारी के दौरान काफी मदद मिली। उनके पिता सुशील आनंद शुक्ला छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख पद पर हैं। जब भी श्रद्धा को किसी विषय को लेकर कोई दुविधा होती थी, तो श्रद्धा अपने पिता से विषय को लेकर बात करती थी, जिनसे उन्हें काफी मदद मिलती थी। उन्हें असफलताओं के बीच अपने परिवार से सकारात्मक ऊर्जा मिलती रही, जिससे वह अपनी तैयारी में लगी रहीं। 

 

जब इंटरव्यू में सुनाने को मिला राज्यगीत

श्रद्धा के यूपीएससी इंटरव्यू में एक खास बात हुई, जब पैनल ने उनसे उनके बारे में पूछा तो, श्रद्धा ने अपने राज्यगीत को सुनाया। यह राज्यगीत  "अरपा पैरी के धार " था, जिससे सुनने के बाद पैनल ने इसका मतलब भी पूछा, तो श्रद्धा ने गीत के शब्दों का अर्थ समझाया। श्रद्धा के मुताबिक, इंटरव्यू में उनसे हालातों पर आधारित प्रश्न पूछे गए थे, जिनका उन्होंने अपनी तार्किक क्षमता के हिसाब से उतर दिया था। श्रद्धा ने यूपीएससी परीक्षा पास करने के साथ राज्य का नाम भी ऊंचा किया है। क्योंकि, वह यहां की पहली टॉपर हैं, जिसने देशभर में टॉप 50 में जगह बनाई है। 

 

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