जानें कंप्यूटर ऑपरेटर और DEO बनने के लिए क्या है योग्यता, चयन प्रक्रिया और कहां मिलेगी नौकरी?

Oct 18, 2018 12:34 IST

    आज के इस टेक्नीकल युग में जहाँ हमेशा नए-नए अवसर पैदा हो रहे हैं, उन्ही में से है कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा इन्ट्री ऑपरेटर जैसे जॉब्स जिनकी आज काफी डिमांड है. जी हाँ, दोस्तों आज के मॉडर्न समय में हर कार्यालय चाहे वह सरकारी, निजी, सार्वजानिक या कार्पोरेट हो कम्प्यूटरीकृत होता जा रहा है यही इस नए समय की जरुरत भी है और इसी नई स्थिति ने कुछ जॉब के अवसर पैदा किए हैं जिनकी दरकार दिनोंदिन बढती जा रही है. तो आज जानते हैं दो ऐसे हीं जॉब्स के बारे में जिनका सृजन कम्प्यूटर के नए युग की देन है. ये जॉब्स हैं कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा इन्ट्री ऑपरेटर के. अगर आपकी रूचि कम्पूटर में है, आपकी टाइपिंग स्पीड बढ़िया है और साथ हीं आपको कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी और समझ है तो ये दोनों जॉब्स ऐसे हैं जिन्हें आप बहुत आराम से हासिल कर सकते हैं. कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा इन्ट्री ऑपरेटर का ये जॉब कम उम्र और कम योग्यता वाले युवाओं को नौकरी पाने के लिए एक बहुत बढ़िया आप्शन है. यही नहीं ये जॉब्स ऐसे हैं जिन्हें फुल टाइम के अलावा पार्ट टाइम के लिए भी किया जा सकता है.

    कम्प्यूटर की बारीकियों की समझ रखने वाले इंटेलिजेंट कैंडिडेट्स को ये जॉब्स आसानी से हासिल हो सकते हैं क्योंकि आज हर ऑफिस, हर कम्पनी में इस पद की जगह और जरुरत अनिवार्य रूप से है.  कंप्यटर ऑपरेटर बनने के लिए कैंडिडेट को एम एस ऑफिस, वर्ड और एक्सेल की जानकारी होनी आवश्यक है. इस जॉब के लिए विभिन्न सरकारी विभागों तथा प्राइवेट कंपनियों द्वारा समय समय पर वेकेन्सी निकाली जाती है जिसमें इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर जॉब प्राप्त कर सकते हैं.

    चयन प्रक्रिया:

    कम्प्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा ली जाने वाली लिखित परीक्षा को पास करना होता है.

    योग्यता:

    किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम 12 वीं पास साथ हीं छः महीने से एक साल का कम्प्यूटर डिप्लोमा

    भिन्न भिन्न पदों के लिए यह योग्यता 12वीं से ग्रेजुएशन तक हो सकती है.

    आयु सीमा

    डाटा इन्ट्री ऑपरेटर - 18 से 28 वर्ष

    कम्प्यूटर ऑपरेटर - 18 से 30

    सैलरी स्ट्रक्चर

    कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा इन्ट्री ऑपरेटर की जॉब के लिए अलग अलग सेक्टरों में अलग अलग सैलरी दी जाती है. हमारे यहाँ के अलग अलग गवर्नमेंट सेक्टरों में भी इस जॉब के इम्प्लोई के लिए अलग अलग सैलरी प्रोवाईड की जा सकती है. यह सैलरी व्यक्ति की योग्यता, एक्सपीरियेंस और ओर्गेनाईजेशन पर भी निर्भर करती है. 

    गवर्नमेंट सेक्टर में सैलरी - 10,000 से 20, 000 के लगभग हर महीने

    प्राइवेट सेक्टर में सैलरी - 14, 000 से 26, 000 के लगभग हर महीने

    आइए सबसे पहले जानते हैं कि डाटा इन्ट्री ऑपरेटर और कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम क्या है ? तो जैसा कि नाम से हीं जाहिर है कि इनका काम कम्प्यूटर पर सूचनाओं को ऑपरेट करना और डाटा की इन्ट्री करना या डाटा को कम्प्यूटर में फीड करना है. अब ये डाटा क्या है ? तो डाटा उसे कहते हैं जिसे इनपुट डिवाइस जैसे - कीबोर्ड , माउस ,स्कैनर आदि के माध्यम से कम्प्यूटर में दर्ज, सेव या फीड किया जाता है. कम्प्यूटर की लैंग्वेज में कीबोर्ड द्वारा टाइप किया गया कोई भी वर्ड डाटा कहलाता है चाहे वह कोई वर्ड हो, ईमेज हो, चाहे फिर कोई विडिओ हीं क्यों न हो. किसी भी सरकारी या गैर सरकारी ऑफिस में बहुत से नाम,  एड्रेस, आंकड़े या और भी कई सारे डिटेल्स सुरक्षित रखने की जरुरत होती है कम्प्यूटर में इन डिटेल्स को फीड करने की ड्यूटी उस ऑफिस में कार्यरत डाटा इन्ट्री ओपरेटर की होती  है.

    डाटा इन्ट्री ऑपरेटर और कम्प्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए -

    भाषा का ज्ञान और भाषा पर पकड़ - डाटा इन्ट्री के दौरान कई सारी चीजें ऑपरेटर को ट्रांसलेट भी करनी होती है. एक भाषा से दूसरी भाषा में ट्रांसलेशन के क्रम में भाषा या स्पेलिंग की अशुद्धि डाटा इन्ट्री ऑपरेटर/कम्प्यूटर ऑपरेटर की खामी मानी जाती है.

    टाईपिंग स्पीड:

    क्योंकि डाटा इन्ट्री ऑपरेटर/कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम टाइपिंग से हीं शुरू होता है तो इस जॉब के लिए यह जरुरी हो जाता है कि कैंडिडेट टाइपिंग में निपुण हो. इसके लिए किसी व्यावसायिक टाइपिंग सेंटर में कुछ दिनों का कोर्स किया जा सकता है जहाँ प्रोफेशनल्स के द्वारा कम्प्यूटर कीबोर्ड के शोर्टकट्स सिखाये जाते हैं डाटा इन्ट्री ऑपरेटर/कम्प्यूटर ऑपरेटर की जॉब के इच्छुक अभ्यर्थी यहाँ टाइपिंग के गुर सीख सकते हैं . वैसे आजकल बहुत से साईट्स भी ऑनलाइन टाइपिंग सिखाते हैं इन्हें अपने मोबाइल में डाउनलोड कर आप घर पर भी टाइपिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं. ध्यान रहे कि टाइपिंग करते वक़्त बैकस्पेस का प्रयोग कम से कम किया जाए . एक बार टाइपिंग के गुर सीख लेने के बाद आपको केवल प्रैक्टिस करने की जरुरत होती है. नियमित प्रैक्टिस से धीरे धीरे आप आप टाइपिंग में एक्सपर्ट हो जायेंगे. इन दोनों हीं जॉब्स के लिए हिंदी अंग्रेजी का ज्ञान और बिना टाइपिंग मिस्टेक के फ़ास्ट टाइपिंग में निपुणता अनिवार्य है.

    कम्प्यूटर का ज्ञान:

    क्योंकि डाटा इन्ट्री ऑपरेटर/कम्प्यूटर ऑपरेटर कम्प्यूटर पर हीं सारे काम करते हैं तो इनके लिए कम्प्यूटर की गहरी समझ और सारे शोर्टकट्स की जानकारी रखना अनिवार्य हो जाता है.

    कोर्सेस:

    डाटा इन्ट्री ऑपरेटर के जॉब की इच्छा रखने वाले कैंडिडेट चाहे तो आई टी आई, स्टेनोग्राफर या डाटा इन्ट्री ऑपरेटर का कोर्स भी कर सकते हैं.

    इन कोर्सेस के बाद स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (एसएससी) द्वारा कंडक्ट किये जाने वाले एसएससी सीएचएसएल एक्साम्स में इलीजिबलिटी क्राइटेरिया के हिसाब से जॉब के लिए आवेदन किया जा सकता है. अलग अलग कैटेगरी के लिए अलग अलग इलीजिबलिटी क्राइटेरिया हुआ करते हैं.

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