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क्रिएटिव छात्र इन क्षेत्रों में बना सकते हैं अपना करियर

Dec 27, 2018 15:47 IST
Creative Students can build their Career in these Fields

क्रिएटिविटी या रचनात्मकता मानव का ऐसा गुण है जिसके कारण सदियों से मानव सभ्यता का निरंतर विकास हो रहा है. हम लोगों में से कई लोग काफी क्रिएटिव होते हैं और इस वजह से ऐसे लोग निरंतर कुछ नया करना चाहते हैं. आज से कुछ वर्ष पहले तक क्रिएटिव फ़ील्ड्स में जॉब या करियर के बहुत ज्यादा अवसर मौजूद नहीं थे लेकिन अब समय बिलकुल बदल गया है. अब, रोज़ाना कई करियर्स और ऑफ-बीट करियर्स जॉब मार्केट में अपनी पहचान बना रहे हैं. वास्तव में, भारत की जॉब मार्केट इस समय परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और वर्ष 2022 तक देश की अनुमानित 600 मिलियन वर्क-फोर्स में से 9% लोग ऐसी नई जॉब्स करेंगे जो अभी जॉब मार्केट में मौजूद नहीं हैं. इसी तरह, 37% जॉब्स के लिए बिलकुल अलग स्किल-सेट्स की जरूरत होगी (सोर्स: फिक्की – नैसकॉम एंड ईवाई रिपोर्ट).

यहां आपकी सहूलियत के लिए हम कुछ ऐसे प्रमुख क्षेत्रों की एक लिस्ट पेश कर रहे हैं जिन क्षेत्रों में क्रिएटिव स्टूडेंट्स अपना शानदार करियर शुरू कर सकते हैं. आइये लिस्ट देखें:

  • आर्किटेक्चर
  • फोटोग्राफी
  • वीडियोग्राफी
  • एक्टिंग
  • थिएटर
  • फिल्म
  • म्यूजिक 
  • टीवी/ रेडियो
  • एडिटिंग
  • क्रिएटिव/ कॉपी राइटिंग/ कंटेंट राइटिंग 
  • जर्नलिज्म
  • एनीमेशन
  • आर्ट एंड डिज़ाइन
  • क्राफ्ट्स एंड हैंडीक्राफ्ट्स
  • एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग 
  • म्यूजियम्स एंड लाइब्रेरीज
  • फैशन डिजाइनिंग

आइये अब कुछ ऐसे करियर ऑप्शन्स के बारे में जानते हैं जिन्हें अपनाकर आप काफी पैसा कमाने के साथ-साथ अपनी क्रिएटिविटी को भी संतुष्ट कर सकते हैं.

इंटीरियर डिज़ाइनर

सबसे अधिक क्रिएटिव पेशों में से एक इंटीरियर डिज़ाइनर्स ऐसे पेशेवर होते हैं जो बिल्डिंग की आंतरिक साज-सज्जा (इंटीरियर डिजाइनिंग) का काम करते हैं. उन्हें इंटीरियर्स के विशेष डिज़ाइन तैयार करने के साथ ही सुरक्षा, सुंदरता, स्टाइल और डिज़ाइन की उपयोगिता का पूरा ध्यान रखना होता है. किसी इंटीरियर डिज़ाइनर के तौर पर, आपको अपने क्लाइंट्स के साथ मिलकर काम करना होता है, अपने क्लाइंट्स की जरूरतों को अच्छी तरह समझना होता है और उनकी पसंद के अनुसार ही डिज़ाइन तैयार करके देने होते हैं. इसके अलावा, ये लोग उपलब्ध स्थान के वास्तविक उपयोग को ध्यान में रखकर ही बढ़िया से बढ़िया डिज़ाइन तैयार करते हैं. ये पेशेवर अपने डिज़ाइन पेपर्स पर या कंप्यूटर पर विशेष सॉफ्टवेयर पर भी तैयार कर सकते हैं. इनके कार्य में यह बहुत जरुरी है कि कॉन्ट्रैक्टर्स, आर्किटेक्ट्स, स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स के साथ मिलकर बिल्डिंग रेगुलेशन्स के अनुकूल काम करने के लिए आपका नेटवर्क काफी मजबूत हो ताकि ये लोग अपने क्लाइंट की जरूरतों के अनुसार अपना प्रोजेक्ट पूरा कर सकें.

बहुत से इंटीरियर डिज़ाइनर्स किसी विशेष स्ट्रक्चर या स्टाइल को चुनते हैं. इस फील्ड में भी आप अपनी सहूलियत के अनुसार रेगुलर जॉब या फ्रीलांसिंग पर काम कर सकते हैं. इस जॉब के लिए छात्रों के पास इंटीरियर डिजाइनिंग या ड्राइंग में बैचलर डिग्री होनी चाहिए और उन्हें अपनी फील्ड में इस्तेमाल किये जाने वाली डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की काफी अच्छी जानकारी होनी चाहिए. छात्र अपनी फील्ड में ज्यादा तरक्की पाने के लिए एडवांस लेवल के कोर्स कर सकते हैं.  हमारे देश में आमतौर पर असिस्टेंट इंटीरियर डिज़ाइनर्स एवरेज रु. 30 हज़ार – रु. 40 हज़ार तक कमाते हैं और सीनियर इंटीरियर डिज़ाइनर्स रु. 8 लाख – रु. 30 लाख तक सालाना कमाते हैं.

भारत में इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स:

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिजाईन, अहमदाबाद
  • कॉलेज ऑफ़ आर्किटेक्चर
  • जेजे स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई
  • पर्ल एकेडेमी
  • रहेजा स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर, मुंबई

एनिमेटर

इस पेशे में मुख्य रूप से ऐसी इमेजेज तैयार करनी होती हैं जो स्क्रीन पर लाइव हो जाती हैं. किसी एनिमेटर के तौर पर, आप वेबसाइट्स, वीडियो, गेम्स, फीचर फिल्म्स और अन्य मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली चलती-फिरती इमेजेज तैयार करते हैं.  छात्रों को विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर ग्राफ़िक्स और हैंडमेड ड्राइंग्स में ट्रेंड होना चाहिए ताकि छात्र विभिन्न किस्म के 2डी और 3डी एनीमेशन्स बना सकें. छात्रों के काम में ड्राइंग्स, स्पेशलिस्ट सॉफ्टवेयर, मॉडल मेकिंग, एनीमेशन की प्रत्येक स्थिति के लिए अलग इमेजेज तैयार करना शामिल होता है. इस फील्ड में भी आप अपनी सहूलियत के अनुसार रेगुलर जॉब या फ्रीलांसिंग पर काम कर सकते हैं. किसी अच्छे एनीमेशन स्टूडियो में एंट्री लेवल की जॉब प्राप्त करने के लिए छात्रों के पास आर्ट, कंप्यूटर ग्रफिक्स या किसी अन्य संबद्ध फील्ड में बैचलर डिग्री होनी चाहिए तथा उनके पास कार्य अनुभव, बढ़िया पोर्टफोलियो और बेहतरीन टेक्निकल स्किल्स भी होने चाहियें.

हमारे देश में जूनियर एनिमेटर्स/ ट्रेनर्स एवरेज रु. 8 हज़ार – रु. 15 हजार कमाते हैं और 3 से 5 वर्ष के वर्क एक्सपीरियंस के बाद रु. 25 हजार – रु. 40 हजार तक कमाते हैं. एक अच्छे अनुभवी एनिमेटर को रु. 50 हजार – 60 हजार मासिक मिलते हैं.

भारत में एनीमेशन का कोर्स करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स:

  • एरीना एनीमेशन
  • एफएक्स स्कूल, मुंबई
  • पिकासो एनिमेशन कॉलेज, बेंगलोर
  • मायाबियस एकेडमी - स्कूल ऑफ एनिमेशन एंड विजुअल इफेक्ट्स, कोलकाता
  • टून्ज़ एकेडेमी, तिरुवनंतपुरम
  • ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव आर्ट, बैंगलोर
  • वीसलिंग वुड्स इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट, मुंबई

फोटोग्राफर

एक पेशेवर फोटोग्राफर के तौर पर छात्र लोगों, स्थानों, इवेंट्स, वाइल्डलाइफ, ट्रेवल आदि में से अपनी कोई खास फील्ड चुन सकते हैं. कुछ लोग फैशन, एडवरटाइजिंग, क्लिनिकल या वेडिंग फोटोग्राफी में भी स्पेशलाइजेशन करते हैं. अधिकतर पेशेवर फोटोग्राफर्स अकेले काम करना पसंद करते हैं. लेकिन इस फील्ड में एंट्री करने के लिए छात्रों को शुरू में किसी प्रतिष्ठित फोटोग्राफर के साथ काम करना चाहिए ताकि आप अपने काम में महारत हासिल कर सकें और जब आप अपना काम शुरू करें तो उनके कॉन्टेक्ट्स आपके काम आ सकें. लेकिन, इस कार्यक्षेत्र में काम शुरू करने से पहले आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि यहां काम के घंटे निर्धारित नहीं होते हैं और आपको अपने काम के मुताबिक स्टूडियो के साथ ही बाहर कई स्थानों पर जाकर फोटोशूट्स लेने पड़ते हैं. वैसे तो इस फील्ड के लिए आपको कोई एकेडेमिक क्वालिफिकेशन नहीं चाहिए लेकिन, आजकल अधिकांश पेशेवर फोटोग्राफर्स टेक्निकल स्किल्स प्राप्त करने के लिए फोटोग्राफी में कोर्स करने लगे हैं.

भारत में फोटोग्राफी का कोर्स करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स:

  • निफ्ट
  • पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन, दिल्ली
  • त्रिवेणी कला संगम, दिल्ली
  • स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग, दिल्ली विश्वविद्यालय
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली
  • लाइट एंड लाइफ एकेडमी, ऊटी, तमिलनाडु
  • एक्सप्रेस इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन
  • इंडिया इंटरनेशनल फोटोग्राफिक काउंसिल, दिल्ली
  • एपेक्स इंस्टीट्यूट, दिल्ली

गेम डिज़ाइनर

अगर आपको वीडियो गेम्स खेलना अच्छा लगता है तो आप एक गेम डिज़ाइनर के तौर पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं. गेम डिज़ाइनर्स नई-नई कंप्यूटर गेम्स बनाते हैं. वे अपनी गेम के रूल्स, सेटिंग, स्टोरी और कैरेक्टर आदि तैयार करते हैं. गेम डिज़ाइनर को प्रोग्रामर्स, आर्टिस्ट्स, एनिमेटर्स, प्रोड्यूसर्स और ऑडियो इंजीनियर्स के साथ मिलकर काम करना होता है ताकि गेम काफी अच्छी बने. अक्सर गेम डिज़ाइनर्स ग्रेजुएट्स होते हैं. एम्पलॉयर्स अक्सर गेमिंग इंडस्ट्री में अनुभव प्राप्त उम्मीदवारों को काम पर रखना चाहते हैं. उदाहरण के लिए, किसी फ्रेशर के बजाय इस फील्ड में किसी गेम टेस्टर को ज्यादा आसानी से जॉब मिलती है. आप टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट्स पर एक शॉर्ट-टर्म कोर्स कर सकते हैं ताकि आपको इस फील्ड में इस्तेमाल किये जाने वाले सॉफ्टवेयर की जानकारी मिल जाए. लेकिन, आपको जॉब करते हुए ही अपने काम की प्रैक्टिकल जानकारी मिलती है. यह वीडियो गेम लवर्स के लिए सबसे उपयुक्त करियर ऑप्शन है.

भारत में गेम डिजाइनिंग का कोर्स करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स:

  • IIFA मल्टीमीडिया
  • एकेडमी ऑफ एनिमेशन एंड गेमिंग, नोएडा
  • दिल्ली स्कूल ऑफ़ आर्ट्स, दिल्ली
  • एरीना एनीमेशन
  • एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गेमिंग एंड एनिमेशन, बैंगलोर
  • डीएसके सुपिनफोगेम इंटरनेशनल कैंपस पुणे
  • ग्लोबल स्कूल ऑफ एनिमेशन & गेम्स - नई दिल्ली, दिल्ली

ग्राफ़िक डिज़ाइनर

ग्राफ़िक डिज़ाइनर्स अपने क्लाइंट्स के लिए क्रिएटिव ग्राफ़िक्स और अन्य विजूअल इमेजेज तैयार करते हैं. इस जॉब के लिए आपके पास क्रिएटिव स्किल के साथ-साथ बढ़िया बिजनेस सेंस भी होना चाहिए. इस जॉब में आपको क्लाइंट की जरूरतों के अनुसार विजूअल इमेजेज, इलस्ट्रेशन्स, टेक्स्ट, एनीमेशन्स और प्रमोशनल मेटीरियल तैयार करना होता है. इस जॉब के तहत आपको मैगजीन्स, वेबसाइट्स, न्यूज़पेपर्स, जर्नल्स और अन्य ऐसे पब्लिकेशन मीडियम्स के लिए विशिष्ट सॉफ्टवेयर पर लोगोस, ब्रोशर्स, एडवरटाइजमेंट्स, एनीमेशन्स, इलस्ट्रेशन्स आदि तैयार करने होते हैं. आपको एडवरटाइजर्स, प्रमोशनल मैनेजर्स, पब्लिक रिलेशन्स विशेषज्ञों, मार्केटिंग मैनेजर्स, कैंपेन प्लानर्स और टीम के ऐसे अन्य क्रिएटिव मेंबर्स के साथ मिलकर अपना काम करना पड़ता है. किसी ग्राफ़िक डिज़ाइनर के तौर पर नौकरी प्राप्त करने के लिए आपके पास ग्राफ़िक डिजाइनिंग, फाइन आर्ट्स या किसी संबद्ध विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. आप किसी डिज़ाइन स्टूडियो में फुल टाइम जॉब या एक फ्रीलांसर के तौर पर जॉब कर सकते हैं.

भारत में ग्राफ़िक डिजाइनिंग का कोर्स करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स:

  • एनआईडी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिजाइन), अहमदाबाद
  • आईडीसी, आईआईटी, बॉम्बे
  • पर्ल एकेडेमी, (दिल्ली, मुंबई, जयपुर)

वीडियो एडिटर

किसी वीडियो एडिटर के तौर पर आप एक रॉ रिकॉर्डिंग को एक फिनिश्ड प्रोडक्ट के रूप में तैयार करते हैं ताकि उस रिकॉर्डिंग को वांछित प्लेटफॉर्म्स पर ब्रॉडकास्ट या अपलोड किया जा सके. आपका पोस्ट-प्रोडक्शन प्रोसेस में काफी अहम रोल होता है क्योंकि आप हाई-क्वालिटी अंतिम प्रोडक्ट पेश करने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होते हैं. कुछ प्रोजेक्ट्स में आपको रचनात्मक आजादी मिलती है लेकिन अधिकांश प्रोजेक्ट्स में आपको अपने क्लाइंट्स की इच्छा और निर्देशों के अनुसार कार्य करना पड़ता है. लेकिन, अगर आपको लगता है कि  आपके पास वीडियो तैयार करने और एडिट करने के अच्छे स्किल्स हैं तो यह आपके लिए उपयुक्त जॉब है. आप विज्ञापन एजेंसियों, प्रोडक्शन कंपनियों, टेलीविजन स्टूडियो या अन्य ऐसे संगठनों में काम कर सकते हैं. इस कार्यक्षेत्र में भी आप रेगुलर जॉब या फ्रीलांसिंग कर सकते हैं. लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखें कि यहां आपको बहुत कम समय में और काफी प्रेशर के तहत काम करना पड़ेगा.

भारत में वीडियो एडिटिंग का कोर्स करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स:

  • फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
  • सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता
  • वीसलिंग वुड्स इंटरनेशनल, मुंबई
  • सेंटर फॉर रिसर्च इन आर्ट्स ऑफ़ फिल्म एंड टेलीविजन, दिल्ली
  • एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन, नोएडा

फ्रीलांस राइटर

फ्रीलांसर राइटर्स असल में ऑनलाइन, प्रिंट, टेलीविज़न या रेडियो आदि के लिए आर्टिकल्स, स्टोरीज, बुक्स या अन्य कंटेंट मैटर की रिसर्च करते हैं और विषयवस्तु तैयार करते हैं. आपको विभिन्न सोर्सेज से जानकारी और सूचना स्वयं एकत्रित करनी होगी और फैक्ट्स चेक करने के बाद कंटेंट तैयार करके उस कंटेंट को पब्लिश करने या क्लाइंट को भेजने से पहले उसकी एडिटिंग और अंतिम ड्राफ्ट को रिव्यू करना होगा. टेक्निकल बैकग्राउंड वाले लोग टेक्निकल राइटिंग का काम कर सकते हैं लेकिन इसके लिए बढ़िया एजुकेशनल बैकग्राउंड के साथ ही आपको अपनी राइटिंग फील्ड की काफी अच्छी जानकारी होनी चाहिए. कंटेंट राइटिंग के तहत आप एकेडेमिक राइटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, मशहूर लोगों के लिए स्पीच और जर्नलिज्म जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं. फ्रीलांसर राइटर बनने के लिए आपको क्रिएटिव राइटिंग में किसी डिग्री की जरूरत नहीं होती है. लेकिन अपने कार्यक्षेत्र के अनुसार आप विभिन्न कोर्सेज जैसे, जर्नलिज्म, इंग्लिश लिटरेचर, स्क्रिप्ट राइटिंग और अन्य संबद्ध कोर्स कर सकते हैं. इंजीनियरिंग के किसी विषय में डिग्री प्राप्त करने के बावजूद भी आपके पास यदि बढ़िया राइटिंग स्किल्स हैं तो आप लिखना शुरू कर सकते हैं. फ्रीलांस राइटिंग के लिए आपको किसी राइटिंग कोर्स में डिग्री की कोई जरूरत नहीं है लेकिन आपमें अपने काम के संबंध में क्रिएटिविटी और समर्पण के साथ ही मोटिवेशन होना चाहिए.

क्रिएटिव छात्रों के लिए कुछ अन्य खास करियर ऑप्शन्स

  • आर्ट डायरेक्टर
  • बिजनेस मैनेजर/ आर्ट एजेंट 
  • आर्ट प्रोफेसर
  • कमर्शियल आर्टिस्ट
  • विज्युअल आर्टिस्ट
  • आर्ट गैलरी डीलर
  • एडवरटाइजिंग डिज़ाइनर
  • कंटेंट/ कॉपी राइटर
  • डायमंड्स एंड ज्वेलरी डिज़ाइनर
  • लेदर एंड फ़ूडवियर डिज़ाइनर
  • मटीरियल्स एंड गारमेंट डिजाइनिंग
  • एथिकल हैकिंग
  • वेबसाइट डिज़ाइनर
  • स्पा मैनेजमेंट
  • पेट ग्रूमिंग
  • टी टेस्टिंग
  • गार्डनिंग
  • फ़ूड फ्लेवरिस्ट
  • कारपेट डिज़ाइनर
  • ब्यूटिशियन
  • इवेंट मैनेजर
  • डीजे

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