Search

महिलाओं के लिए एयर फोर्स, आर्मी व नेवी में करियर के अवसर: जानें क्या है पद, योग्यता और चयन प्रक्रिया

Nov 1, 2018 15:48 IST
Women in Defence Forces

बचपन से चाहे लड़का हो या लड़की, सभी अपने देश की सेवा करने के स्वपन के साथ बड़े होते हैं और इसके लिए भारतीय सशस्त्र बल में शामिल होने से बेहतर विकल्प क्या हो सकता है? हम भारतीय सशस्त्र बलों को सदैव उच्च सम्मान से देखते हैं. हमारे देश में लक्ष्य और बोर्डर फिल्म की सफलता इसका ज्वलंत उदाहरण है. लेकिन अफ़सोस की बात है कि जब कभी हम भारतीय सेना, नौसेना या वायु सेना के बारे में सोचते हैं तो सिर्फ एक वर्दीधारी पुरुष की छवि  हमारे मानस पटल पर उभरती है. बहुत जोर देने पर एक दो महिलाओं की तस्वीर हमारे जेहन में कौंधती है .

भारतीय रक्षा बल में पुरूष उम्मीदवारों के लिए नौकरी अवसरों की उपलब्धता हेतु काफी जागरूकता देखने को मिलती है पर महिला उम्मीदवारों के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है. हालाँकि अब आम धारणा के विपरीत, भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंग अर्थात सेना, नौसेना और वायु सेना सहित  देश के अन्य रक्षा संगठनों ने भी महिलाओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए है. अब महिलाएं भी इन क्षेत्रों में अपने करियर बना सकती है.

हम भारतीय सशस्त्र बल में महिला उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध पदों तथा क्षेत्रों का विवरण आगे प्रस्तुत कर रहें हैं ताकि इस विषय में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर महिला प्रत्याशी भी इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने को प्राथमिकता दें सकें.

भारतीय सेना

भारतीय सशस्त्र बलों में से भारतीय सेना सबसे महत्वपूर्ण एवं शीर्ष अंग है. इसलिए अधिकांश महिलायें इसके अंतर्गत अपनी सेवाएँ देना चाहती हैं.

1992 से भारतीय सेना अधिकारी संवर्ग में महिला उम्मीदवारों की भर्ती कर रही है. भारतीय सेना में शामिल होने की इच्छुक महिला उम्मीदवार अगर इस सेवा में जाना चाहती है तो उनके लिए निम्न अवसर उपलब्ध हैं-

एसएससीडब्ल्यू – नॉन टेक (महिलाओं के लिए शार्ट सर्विस कमीशन – नॉन टेक्निकल ) - भारतीय सेना खुली भर्ती परीक्षा द्वारा 12 महिला उम्मीदवारों की अधिकारियों के रूप में भर्ती करती है, जिसे वर्ष में दो बार यूपीएससी द्वारा आयोजित किया जाता है. अविवाहित महिला उम्मीदवार जो भारतीय सेना में इस योजना द्वारा शामिल होना चाहती हैं उनकी आयु सीमा  19 से 25 वर्ष के मध्य होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त उन्हें किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना चाहिए.

एसएससीडब्ल्यू (एनसीसी) - एसएससीडब्ल्यू - एनसीसी की विशेष भर्ती योजना के अंतर्गत महिला एनसीसी कैडेट भी भारतीय सेना में शामिल हो सकती हैं. भारतीय सेना 8 अविवाहित कैडेट की भर्ती करती है. जिन्होंने एनसीसी वरिष्ठ प्रभाग में 2 वर्ष की सेवा को पूर्ण किया हो और सी सर्टिफिकेट परीक्षा में कम से कम बी ग्रेड धारक हों, वह  इस सेवा के योग्य हैं. इसके लिए आयु सीमा 19 से 25 वर्ष के मध्य होने चाहिए. शैक्षणिक रूप में उम्मीदवारों के पास न्यूनतम कुल 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की उपाधि होना चाहिए. इस प्रवेश योजना के माध्यम से रिक्ति को जून एवं दिसम्बर में महानिदेशालय भर्ती/एजी शाखा द्वारा अधिसूचित किया जाता है.

एसएससीडब्ल्यू (जेएजी - जज एडवोकेट जनरल) - जज एडवोकेट जनरल शाखा के अंतर्गत कानूनी औपचारिकताओं से निपटने के लिए भी महिला अधिकारियों को भारतीय सेना में शामिल किया जाता है. जेएजी प्रवेश योजना के नाम से लोकप्रिय इस योजना के अंतर्गत भारतीय सेना प्रति वर्ष 8 महिला उम्मीदवारों की भर्ती करती है. एसएससीडब्ल्यू-जेएजी के लिए पात्रता की आवश्यकता यह है कि आयु 21 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए और 55 प्रतिशत अंक के साथ एक वैध एलएलबी / कानून स्नातक उपाधि प्राप्त होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त उम्मीदवार को भारत या राज्य के बार काउंसिल से पंजीकृत होना चाहिए. यह भर्ती अप्रैल या अक्टूबर के महीनों में अतिरिक्त महानिदेशालय के द्वारा किया जाता है.

एसएससीडब्ल्यू - टेक्निकल एंट्री स्कीम - शार्ट सर्विस कमीशन के तहत टेक्निकल एंट्री योजना आती है जिसके अंतर्गत भारतीय सेना में इंजीनियरिंग छात्रों को भी प्रवेश दिया जाता है. महिला इंजीनियरिंग विद्यार्थी जो 20 से 27 वर्ष के आयु समूह के अंतर्गत आते हैं (विज्ञापन की अधिसचूना के अनुसार) इस योजना के अंतर्गत प्रवेश के लिए पात्र हैं. शैक्षणिक आवश्यकताओं में इंजीनियरिंग के किसी भी क्षेत्र में स्नातक उपाधि शामिल है. प्रत्येक वर्ष, महानिदेशालय भर्ती/एजी शाखा इस योजना के अंतर्गत जून/जुलाई और दिसम्बर/जनवरी के महीनों के दौरान 40 महिला इंजीनियरों को नियुक्त करता है.

मिलिट्री नर्सिंग सर्विस - मिलिट्री नर्सिंग सर्विस एक अन्य महत्वपूर्ण विकल्प है जिसके माध्यम से  महिला उम्मीदवार भारतीय सेना में शामिल हो सकती हैं और देश की सेवा कर सकती हैं. इसके अंतर्गत 21 से 35 वर्ष के बीच की महिला उम्मीदवार भारतीय सेना के साथ नर्सिंग कार्य करने के लिए आवेदन कर सकती हैं. शैक्षणिक रूप से उम्मीदवार का एमएससी (नर्सिंग)/ पीबी बीएससी (नर्सिंग)/बीएससी (नर्सिंग)  होना अनिवार्य है. इसके अतिरिक्त उम्मीदवार स्टेट नर्सिंग काउंसिल से पंजीकृत नर्स एवं मिडवाइफ होना चाहिए. एसएससी पूर्ण होने के बाद एमएनएस महिला अधिकारी भी स्थायी कमीशन प्राप्त कर सकती हैं, जो कि संवंर्ग में रिक्तियों की उपलब्धि और साक्षात्कार के आधार पर होता है.

भारतीय नौसेना

ऐसी महिला उम्मीदवार जिनके पास भारतीय नौ सेना में शामिल होकर अपने देश की सेवा करने का जुनून और साहस है उनके लिए यहां अच्छे अवसर उपलब्ध हैं. वर्तमान में भारतीय नौसेना शार्ट सर्विस कमीशन प्रवेश परीक्षा के अंतर्गत महिला उम्मीदवारों को शामिल करती है. उनकी एसएससी अवधि पूर्ण होने पर महिला नौसैनिक अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जा सकता है, जो कि रिक्तियों की संख्या, मेरिट और उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर आधारित होता है.

भारतीय सशस्त्र बलों की नौसेना विंग के साथ महिलाओं को आकर्षक कैरियर का विकल्प विभिन्न वर्गों जैसे कानून, इंजीनियरिंग/नौसेना आर्कीटेक्चर, शिक्षा एवं अन्य के अंतर्गत प्राप्त हो सकता है. यहां हम उनमें से प्रत्येक स्तर पर शामिल होने के लिए शैक्षणिक योग्यता पर प्रकाश डाल रहे हैं-

एटीसी - भारतीय नौसेना में एयर ट्रैफिक कन्ट्रोलर का एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. महिला उम्मीदवार जोकि  आयु समह 191/2 से 25 वर्ष के अंतर्गत आती हैं इस रोजगार को प्राप्त करने की पात्रता रखती हैं. शैक्षणिक आवश्यकता के लिए, उम्मीदवार द्वारा अनिवार्य रूप से विज्ञान संकाय अर्थात भौतिक शास्त्र/गणित/इलैकट्रोनिक्स में स्नातक या स्नातकोत्तर होना चाहिए.

ऐब्जर्बर - ऐब्जर्बर पद के लिए महिला उम्मीदवारों को 19 से 23 वर्ष के आयु समूह के अंतर्गत होना आवश्यक है. शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातक उपाधि एवं 10+2 स्तर पर गणित एवं भौतिक शास्त्र का होना अनिवार्य है.

लॉ - भारतीय नौसेना से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं की देख रेख के लिए महिला उम्मीदवार सेवा की कानूनी विंग में शामिल हो सकती हैं. कोई भी महिला स्नातक जो कि 22 से 27 वर्ष के आयु समूह में है इस पद पर आवेदन करने के लिए योग्य हैं. कानून की उपाधि अनिवार्य रूप से कुल 55 प्रतिशत अंकों के साथ पूर्ण की होनी चाहिए.

लॉजिस्टिक्स  - यदि लॉजिस्टिक्स में आपकी दिलचस्पी है तो यह आपके लिए उपयुक्त जॉब है. महिला उम्मीदवार जिनके पास वैध आर्कीटेक्चर,कम्प्यूटर इंजीनियरिंग,आईटी, सिविल, इलेक्ट्रिकल , मरीन, मैकेनिकल में इंजीनियरिंग स्नातक उपाधि (बी.टेक/बी.ई) है वे इसके लिए आवेदन कर सकती हैं. वैकल्पिक रूप से उम्मीदवार जिन्होंने मैटीरियल मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम पूर्ण किया है वे भी पात्र हैं. इसके लिए आवश्यक आयु 191/2 से 25 वर्ष है जो कि विज्ञापन अधिसूचना के अनुसार होती है.

एजुकेशन - भारतीय नैसेना की शिक्षा शाखा भी महिला उम्मीदवारों को कार्य प्रदान करती है. इस कार्य के लिए महिला उम्मीदवारों को अनिवार्य पात्रता मानदंड पूर्ण करने के लिए 21 से 25 वर्ष तक के आयु समूह के अन्दर होना चाहिए. शैक्षणिक रूप से उम्मीदवारों को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ कम्प्यूटर सांइस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेकेनिकल में बी.टेक/बी.ई पूर्ण किया होना चाहिए या गणित, भौतिक शास्त्र, कम्प्यूटर एप्लीकेशन एवं अन्य में एम.एससी. होना चाहिए.

नेवल आर्कीटेक्चर - भारतीय नौसेना उन महिला इंजीनियरों को भी स्वीकार करती है जिनमें इंजीनियरिंग चमत्कारों को निर्मित करने का तथा साथ ही पहले से ही कमीशन्ड मशीनरी के रखरखाव का जुनून है. भारतीय नौसेना की नेवल आर्कीटेक्चर विंग में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को 21 से 25 वर्ष के आयु समूह में आना जरूरी है. इसके साथ ही उन्हें न्यूनतम 60 प्रतिशत कुल अंकों के साथ  नेवल आर्कीटेक्चर, मैकेनिकल, सिविल, एरोनौटिकल, मेटालर्जीकल, एरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक/बी.ई उत्तीर्ण किया होना चाहिए.भारतीय नौसेना में महिला इंजीनियर एसएससी/यूनिवर्सिटी एण्ट्री स्कीम द्वारा ली जाती हैं.

भारतीय वायु सेना

भारतीय वायु सेना देश की सेवा हेतु महिला उम्मीदवारों को आईएएफ में शामिल करके उनके लिए रोजगार अवसरों को प्रस्तुत करती है. वर्तमान में महिला उम्मीदवारों का प्रवेश तीनों शाखाओं अर्थात फ्लाईंग ब्रांच, टेक्निकल ब्रांच, और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच के लिए उपलब्ध है. इन तीनों शाखाओं के लिए सामान्य पदों का विवरण और शैक्षणिक आवश्यकताएं नीचे उल्लेखित हैं

फ्लाईंग ब्रांच

यदि आपका सपना है कि आप भारत की सेवा एक लड़ाकू पायलट की तरह आसमान में ऊँचाई को छुएँ तो आपको फ्लाईंग ब्रांच में शामिल होने का विचार करना चाहिए. इंडियन एयरफोर्स के सभी एयर वॉरियर, एएफसीएटी के द्वारा भर्ती होते है. महिला उम्मीदवार जो कि आयु समूह 19 से 23 वर्ष के मध्य आती हैं (जैसा कि विज्ञापन में अधिसूचित है) फ्लाईंग ब्रांच के तीन श्रेणियों फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकोप्टर्स के लिए आवेदन कर सकती हैं.

जून 2016 तक महिला उम्मीदवार को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट या हेलीकोप्टर्स को उड़ाने के सीमित अवसर प्रदान किए जाते थे.एक मील के पत्थर रूपी कदम में आईएएफ ने इस वर्ष महिला पायलट के पहले बैच को अपने फाइटर स्कवाड्रन में शामिल किया है. इस ब्रांच में आवेदन करने के लिए न्यूनतम लम्बाई 162.5 सेमी है. शैक्षणिक योग्यता के रूप में महिला उम्मीदवारों को निम्नलिखित शर्तो को पूरा करना होगा -

  • ग्रेजुएट (स्नातक) - 60 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातक उपाधि तथा 10+2 स्तर पर गणित एवं भौतिक शास्त्र उत्तीर्ण या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ बी.ई./बी.टेक. उपाधि.

टेक्निकल ब्रांच (तकनीकी शाखा)

भारतीय वायु सेना को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए विशेषज्ञ और योग्य उम्मीदवारों को एएफसीएटी परीक्षा के माध्यम से सेना द्वारा कार्य पर लिया जाता है. टेक्निकल ब्रांच के अंतर्गत आईएएफ दो प्रकार की तकनीकी सेवा में महिला उम्मीदवारों को कार्य प्रदान करता है जो निम्न हैं -

मैकेनिकल - मैकेनिकल इंजीनियरिंग विंग के लिए आईएएफ द्वारा मैकेनिकल क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ एरोनॉटिकल  इंजीनियरों को कार्य पर रखा जाता है. मैकेनिकल विंग में शामिल होने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों की आवश्यक योग्यता है -

  • ग्रेजुएट (स्नातक) - उम्मीदवार द्वारा अनिवार्य रूप से किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ 4 वर्षीय बी.टेक प्रोग्राम उत्तीर्ण किया होना चाहिए तथा एएफसीएटी द्वारा अधिसूचित अठारह विषयों में से कम से कम 08 विषयों में योग्यता होनी चाहिए.
  • परीक्षा के माध्यम से - मैकेनिकल एरोनॉटिकल इंजीनियर जिन्होंने इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियर्स की एसोसिएट सदस्यता या भारत की एरोनौटिकल सोसाइटी के नियमित पाठ्यक्रम में परीक्षा के सेक्शन ए और बी उत्तीर्ण किए हों वे भी आईएएफ के साथ नौकरी के लिए आवेदन हेतु पात्र हैं.

इलेक्ट्रॉनिक्स - महिला उम्मीदवार भारतीय वायुसेना में एक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर के रूप में भी शामिल हो सकती हैं यदि वे निम्न अर्हता को रखती हैं -

  • ग्रेजुएट (स्नातक) - उम्मीदवार द्वारा अनिवार्य रूप से किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ 4 वर्षीय बी.टेक प्रोग्राम उत्तीर्ण किया होना चाहिए तथा एएफसीएटी द्वारा अधिसूचित अठारह विषयों में से कम से कम 08 विषयों में योग्यता होनी चाहिए.
  • परीक्षा के माध्यम से - मैकेनिकल एरोनौटिकल इंजीनियर जिन्होंने इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियर्स की एसोसिएट सदस्यता या भारत की एरोनौटिकल सोसाइटी या इंस्टीटयूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंव टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियर के स्नातक सदस्यता परीक्षा के नियमित पाठ्यक्रम में परीक्षा के सेक्शन ए और बी उत्तीर्ण किए हों वे भी आईएएफ के साथ नौकरी के लिए आवेदन हेतु पात्र हैं.

इस ब्रांच में आवेदन करने की लिए महिलाओं की लम्बाई कम से कम 152 सेमी होनी चाहिए.

ग्राउंड ड्यूटी

भारतीय वायु सेना को  ग्राउंड पर अपने दैनिक कार्यों की सहायता हेतु भी कई लोगों की आवश्यकता होती है. इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए बल ने ग्राउंड ड्यूटी सेक्शन में नौकरी के अवसरों को खोला है जो कि महिला उम्मीदवारों के लिए भी उपलब्ध हैं. वर्तमान में महिला उम्मीदवार आईएएम के साथ प्रशासन और लौजिस्टिक्स विंग, लेखा विभाग, शिक्षा एवं मौसम विज्ञान विंग में रोज़गार प्राप्त कर सकती हैं. ग्राउंड डयूटी ब्रांच में आवेदन करने के लिए महिला की लम्बाई 152 सेमी होना चाहिए. उम्मीदवार का वजन लम्बाई एवं उम्र से सह सम्बन्धित होना चाहिए. इन पदों के लिए आवश्यक सामान्य विवरण एवं शैक्षणिक योग्यता निम्न हैं -

एडमिनिस्ट्रेशन विंग (प्रशासन विंग) - अन्य व्यवसायिक संगठन की तरह ही भारतीय वायु सेना के पास भी समर्पित प्रशासन विंग है जो दिन प्रतिदिन के मामलों के सुचारू संचालन में संलग्न है. महिलाएं आईएएफ के प्रशासन विंग में एएफसीएटी द्वारा शामिल हो सकती हैं यदि वे निम्न शैक्षणिक मानदंड की अर्हता रखती हैं -

  • स्नातकों के लिए - कुल 60 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातक उपाधि.
  • स्नातकोत्तरों के लिए - कुल 60 प्रतिशत अंकों के साथ डिग्री/डिप्लोमा.

अकाउण्टस विंग (लेखा विंग) - महिला उम्मीदवार भारतीय वायुसेना के लेखा विभाग में भी एएफसीएटी द्वारा शामिल हो सकती है यदि वे धारण करती हैं -

  • स्नातकों के लिए - न्यूनतम कुल 60 प्रतिशत अंकों के साथ वाणिज्य संकाय में स्नातक उपाधि.
  • स्नातकोत्तर के लिए - न्यूनतम कुल 50 प्रतिशत अंकों के साथ वाणिज्य में डिग्री/डिप्लोमा (एम.कॉम/सीए/आईसीडब्ल्यूए)

लौजिस्टिक्स विंग - प्रशासन की तरह लौजिस्टिक्स प्रभाग भी भारतीय वायु सेना के लिए लौजिस्टिक्स एवं ढांचागत सुविधाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान दे रहा है. महिलाएं आईएएफ के प्रशासन विंग में एएफसीएटी द्वारा शामिल हो सकती हैं यदि वे निम्न शैक्षणिक मानदंड को पूरा करती हैं.

  • स्नातकों के लिए - कुल 60 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातक उपाधि.
  • स्नातकोत्तर के लिए - कुल 60 प्रतिशत अंकों से साथ डिग्री/डिप्लोमा/स्नातकोत्तर

एजुकेशन ब्रांच (शिक्षा शाखा) - महिलाएं जो भारतीय वायु सेना की एजुकेशन विंग में एएफसीएटी द्वारा शामिल होना चाहती हैं, उन्हें न्यूनतम कुल 50 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातकोत्तर उपाधि होना चाहिए.

मेटेरोलॉजी ब्रांच (मौसम विज्ञान शाखा) – महिला उम्मीदवार आईएएफ की मेटेरोलॉजी ब्रांच में एसएसबी द्वारा कार्य प्राप्त कर सकती हैं. इसके लिए वायु सेना चयन मण्डल उम्मीदवारों को सूचीबद्ध करता है और उन्हें एसएसबी के साक्षात्कार के लिए आमंत्रित करता है.

  • आयु सीमा - इसके लिए उम्मीदवार की आयु 25 से 27 वर्ष के अन्दर होना चाहिए.
  • शैक्षणिक योग्यता - उम्मीदवारों द्वारा न्यूनतम 50 प्रतिशत कुल अंकों के साथ विज्ञान के किसी भी संकाय/गणित/सांख्यिकी/भूगोल/सीएस/ईवीएस/भौतिक शास्त्र/जियोफिजीक्स आदि में स्नातकोत्तर उपाधि होनी चाहिए तथा स्नातक स्तर पर गणित एवं भौतिक शास्त्र दोनों विषयों में 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए.