जानें कैसे बनते हैं आर्मी में मेजर; सेलेक्शन प्रोसेस, सैलरी सहित पायें अन्य विस्तृत जानकारी
मेजर भारतीय सेना में सभी प्रतिष्ठित रैंक में से एक होती है. मेजर की रैंक लेफ्टिनेंट से दो रैंक उपर और कैप्टन से एक रैंक उपर होती है. मेजर सभी प्रकार की रणनीतिक भूमिकाओं के लिए उत्तरदायी होता है और एक मिलिट्री यूनिट का निर्देशन करता है.
मेजर भारतीय सेना में सभी प्रतिष्ठित रैंक में से एक होती है. मेजर की रैंक लेफ्टिनेंट से दो रैंक उपर और कैप्टन से एक रैंक उपर होती है. मेजर सभी प्रकार की रणनीतिक भूमिकाओं के लिए उत्तरदायी होता है और एक मिलिट्री यूनिट का निर्देशन करता है. मेजर की भूमिका बहुत ही चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि उसकी यूनिट के सभी सोल्जर उसी के आदेशों का पालन करते हैं. इसलिए मेजर को बहुत तेज, इंटेलीजेंट और क्विक डिसिजन मेकर होना चाहिए.
भारतीय सेना में मेजर बनने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) या कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस ज्वाइन करना होगा. नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) या कंबाइंड डिफेंस सर्विसेस ज्वाइन करने के लिए उम्मीदवारों को संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा वर्ष में दो बार आयोजित प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना होगा. संघ लोक सेवा आयोग चयन के मानकों एवं प्रवेश परीक्षा के आयोजन के लिए पूरी तरह से उत्तरदायी है.
नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के लिए
मेजर बनने के लिए आवश्यक योग्यता मानदंड:
उम्मीदवारों को किसी स्टेट एजूकेशन बोर्ड या यूनिवर्सिटी से 10+2 पैटर्न आधारित 12वीं कक्षा पास होना चाहिए.
आयु सीमा:
उम्मीदवार की आयु 16-1/2 से 19 वर्ष के मध्य होना चाहिए.
10वीं पास के लिए डिफेंस जॉब्स, जानें इस वीडियो के माध्यम से
शारीरिक मानदंड:
उम्मीदवार को अच्छी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति में और किसी भी प्रकार की बीमारी /विकलांगता से मुक्त होना चाहिए अन्यथा उसको मिलिट्री की ड्यूटी करने में बाधा आएगी.
उम्मीदवार की शारीरिक स्थिति, किसी भी प्रकार का डिफेक्ट या अंडरवेट नहीं होना चाहिए. उम्मीदवार को ओवरवेट या मोटापे का शिकार नहीं होना चाहिए.
न्यूनतम स्वीकार्य उंचाई 157 सेंटीमीटर (162.5 सेंटीमीटर एयर फोर्स के लिए) है. गोरखा या भारत के नॉर्थ-ईस्टर्न, गढ़वाल और कुमाऊं रीजन के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम स्वीकार्य उंचाई 5 सेंटीमीटर कम भी हो सकती है. लक्षद्वीप क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम स्वीकार्य उंचाई 2 सेंटीमीटर तक कम हो सकती है.
उम्मीदवार का चेस्ट अच्छी प्रकार से विकसित होना चाहिए. पूर्ण रूप से फुलाव की दशा में चेस्ट 81 सेंटीमीटर से कम नहीं होना चाहिए. पूर्ण श्वास की दशा में न्यूनतम फुलाव 5 सेंटीमीटर होना चाहिए.
उम्मीदवार की हड्डियों या जोड़ों में किसी भी प्रकार का दोष नहीं होनी चाहिए या कार्य-क्षमता में कमी नहीं होनी चाहिए. उम्मीदवार को पूर्व में किसी भी प्रकार का मानसिक दौरा या स्वास्थ्य प्रभावित हुआ नहीं होना चाहिए.
स्किन से संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी जिससे विकलांगता या शारीरिक बनावट में परिवर्तन हो सकता हो, रिजेक्शन का कारण बन सकता है.
डिस्टांस वीजन (करेक्टेड) अच्छे आँख की दशा में 6/6 और खराब आँख की दशा में 6/9 होना चाहिए. मायोपिया 2.5 डी से अधिक नहीं होना चाहिए और हाइपरमेट्रोपिया ऑस्टीग्मैटिज्म समेत 3.5 डी से अधिक नहीं होना चाहिए.
उम्मीदवार के पर्याप्त संख्या में दांत होने चाहिए जो कि प्राकृतिक एवं स्वस्थ होने चाहिए. न्यूनतम 14 दांत स्वीकार्य हैं. कुल 32 दांतों की दशा में कुल 22 डेंटल प्वाइंट मिलते हैं. उम्मीदवार को पाइरिया से ग्रस्त नहीं होना चाहिए.
उम्मीदवार की सुनने की क्षमता सामान्य होनी चाहिए. किसी शांत कमरे में 610 सेंटीमीटर की दूसरी प्रत्येक कान से ‘फोर्स्ड व्हीस्पर’ सुनने में सक्षम होना चाहिए.
चयन प्रक्रिया:
एनडीए परीक्षा में दो विषय, गणित एवं सामान्य योग्यता परीक्षा होंगे और प्रत्येक विषय के लिए 2 ½ घंटे का समय निर्धारित होता है. गणित के लिए अधिकतम अंक 300 होते हैं और सामान्य योग्यता परीक्षा के लिए अधिकतम 600 अंक निर्धारित होता है. दोनो ही विषय के प्रश्न पत्रों में आब्जेक्टिव टाइप प्रश्न होते हैं. लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों को एसएसबी (सर्विसेस सेलेक्शन बोर्ड) के लिए लिए बुलाया जाता है. एसएसबी में दो चरण होते हैं - स्टेज I एवं स्टेज II. जो उम्मीवादर स्टेज I उत्तीर्ण होते हैं उन्हें ही स्टेज II की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है.
सीडीएस के लिए:
मेजर बनने के लिए योग्यता मानदंड:
किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन होना चाहिए.
आयु सीमा:
19 से 24 वर्ष.
चयन प्रक्रिया:
लिखित परीक्षा में अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान एवं एलीमेंट्री मैथमेटिक्स विषय होते हैं और जिनमें आब्जेक्टिव टाइप प्रश्न होते हैं और अधिकतम निर्धारित समय 2 घंटे है जबकि प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम 100 अंक निर्धारित होते हैं. लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. एसएसबी में दो स्टेज होते हैं – स्टेज I एवं स्टेज II. जो उम्मीवार स्टेज I में सफल होते हैं उन्हें ही स्टेज II की परीक्षा में बैठने की अनुमति होती है.
वेतमान एवं अन्य भत्ते:
ऑर्मी ऑफिशियल का वेतमान पे-बैंड के आधार पर निर्धारित होता है. प्रत्येक कर्मचारी का वेतनमान पद एवं ग्रेड के अनुसार निर्धारित होता है. चूंकि मेजर उच्च स्तर का अधिकारी होता है इसलिए इनका वेतनमान रु. 15600-39100 के मध्य होता है. इस पद के लिए ग्रेड पे रु. 6600 है और मिलिट्री सर्विस का ग्रेड पे रु. 6000 है. कुल वेतनमान लगभग रु. 1,00,000 होता है.
मेजर को मिलने वाले अन्य भत्तों में ट्रांसपोर्ट एलाउंसेस, हाउस रेंट एलाउंस (यदि आवंटित क्वार्टर में नहीं रहता हो), डीयरनेस एलाउंस, टेक पे शामिल होते हैं. सभी प्रकार के भत्तों के लिए निश्चित नियम एवं शर्ते होती हैं और क्षेत्र व परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग होते हैं.
---
टॉप डिफेंस जॉब्स
रक्षा मंत्रालय में 125 LDC, फायरमैन, ट्रेड्समैन मेट, मटेरियल असिस्टेंट पदों के लिए अधिसूचना जारी
रक्षा मंत्रालय में फायरमैन पदों की निकली वेकेंसी, जल्द करें आवेदन
मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेन्स के अंतर्गत जूनियर रिसर्च फेलो पदों के लिए करें आवेदन
रिपब्लिक डे पर इंडियन आर्मी में करें अप्लाई, JAG एवं NCC इंट्री स्कीम के तहत हो रही है भर्ती
आर्मी रिक्रूटमेंट रैली तेजपुर के लिए - ऑनलाइन आवेदन; सोल्जर पदों पर भर्ती
इन्डियन नेवी में एग्जीक्यूटिव/ एजूकेशन ब्रांच में एसएससी अधिकारियों के 38 पदों पर भर्ती
नेवी में एग्जीक्यूटिव/ टेक्निकल ब्रांच में 108 ऑफिसर्स के पदों पर आवेदन
Manish Kumar, an education Journalist and content professional with 15+ years of experience in Education and Career Development domain in digital and print media. He has previously worked with All India Radio (External Service Division), State Times and others. A Science Graduate (Hons in Physics) with PGJMC in Journalism and Mass Communication. At Jagranjosh, he used to create high-quality, engaging educational content for Education and Career sections including News/Notifications/Current Affairs/Preparation etc. He can be reached at manish.kumarcnt@jagrannewmedia.com.