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RBI Assistant या Bank PO : किसका चयन बेहतर विकल्प ?

Feb 14, 2018 13:56 IST
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RBI Assistant or Bank PO: Which one to go for?
RBI Assistant or Bank PO: Which one to go for?

हाल के दिनों में लिपिक और अधिकारी कैडर जैसे कई स्तरों पर कर्मचारियों की भर्ती के लिए बैंकिंग क्षेत्र बड़े पैमाने पर रिक्तियों के साथ सामने आया है। RBI समेत सभी प्रमुख बैंक प्रत्येक वर्ष भर्ती के लिए अधिसूचनाएं प्रकाशित करते हैं। कई आवदेक ऐसे भी होते हैं, जो एक साथ कई परीक्षाओ में सफल हो जाते है और जिन्हें कई बैंकों से नौकरी करने के प्रस्ताव मिलते हैं। इसके बाद उनके जीवन का सबसे निर्णायक क्षण आता है क्योंकि उन्हें उन प्रस्तावों में से किसी एक को चुनना होता है। एक गलत फैसला आपके करिअर को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है जबकि एक सही फैसला आपका जीवन बना सकता है। RBI प्रत्येक वर्ष देश भर के अलग–अलग कार्यालयों में सहायकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करता है। बैंक में नौकरी की इच्छा रखने वालों के लिए IBPS PO तथा SBI PO ऐसी दो परीक्षाएं हैं जिनके बारे में सबसे अधिक बातचीत की जाती है। किसी पब्लिक सेक्टर बैंक में अधिकारी या RBI में लिपिक (Clerk), यदि किसी के पास दोनों ही नौकरी का विकल्प मौजूद हो तो नौकरी का चयन करना मुश्किल हो जाता है। आखिर इनमे से कौन से नौकरी ज्वाइन की जाये? दोनों ही नौकरियों के फायदे और नुकसान को समझाते हुए हम यहां इस प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।

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आरबीआई : केंद्रीय बैंक में पहुंचने का आधार

RBI देश भर में अपने अलग– अलग कार्यालयों में सहायक (असिस्टेंट) कैडर में भर्ती करता है। उम्मीदवार अक्सर भ्रमित हो जाते हैं कि वे RBI में सहायक के पद पर नौकरी करने का विकल्प चुनें या किसी अन्य बैंक में अधिकारी स्तर की नौकरी कर लें। RBI सहायक के पद पर नौकरी करने से आपको निम्नलिखित सुविधाएं प्राप्त होंगीः

  • वेतन और भत्तेः आरबीआई के सहायक का आरंभिक वेतन करीब 24000/- रु. मासिक होता है और कटौती के बाद, हाथ में करीब 22000/-रु.  आते हैं। इसके अलावा इन्हें किताब, वाहन भत्ता, सूटकेस अनुदान, चिकित्सा अनुदान, आवास आदि की सुविधाएं मिलती हैं।
  • पदोन्नतिः RBI के सहायक ग्रेड ए अधिकारी कैडर में पदोन्नति के लिए विभागीय परीक्षा का विकल्प चुन सकते हैं लेकिन यह विकल्प उन्हें बैंक में न्यूनतम पांच वर्ष नौकरी करने के बाद ही मिलता है। इसके बाद यह पांच वर्षों के नियमति अंतराल पर होता है लेकिन आमतौर पर रिक्तियों की संख्या कम होने के कारण आगे चल कर संगठन में उपर के पदों पर पहुंचना  मुश्किल होता जाता है।
  • काम का दबाव : केंद्रीय बैंक में काम का कोई खास दबाव नहीं है और अतिरिक्त लाभ के रूप में– अन्य बैंकों के जैसे आपको दैनिक आधार पर ग्राहकों के साथ नहीं जूझना पड़ता। RBI में सप्ताह में 5 दिन काम करना होता है। यहां काम करने के घंटे निश्चित होते हैं औऱ आपको कार्यालय में काम करने का समय समाप्त होने के बाद शायद ही अतिरिक्त काम करने के लिए रुकना पड़ता है।
  • सामाजिक स्थिति :  संगठन में आपने पोस्ट की परवाह किए बगैर RBI का नाम खुद में समाज में अपना दर्जा बताने के लिए काफी है। अगर आपने बैंक कर्मी बनने की ठान ली है और अपने गृह राज्य में ही रहना चाहते हैं तो यह नौकरी आपके लिए सर्वोत्तम है।
  • पोस्टिंगः RBI के बारे में सबसे अच्छी चीज इसकी पोस्टिंग है। आपकी नियुक्ति हमेशा महानगरों या राज्य की राजधानी में होगी क्योंकि RBI की शाखाएं सिर्फ यहीं होती हैं। इसलिए सहायक कैडर में शानदार सुविधाओ के साथ आपको हमेशा गृह राज्य (home state) में पोस्टिंग मिल जाती है।
  • जॉब प्रोफाइलः केंद्रीय बैंक में सहायक के तौर पर आपको लिपिक कार्यों की सभी जिम्मेदारियां दी जाएंगीं जैसे ईमेलों का रिकॉर्ड रखना, आरटीआई आवेदन पत्रों का जवाब देना, फाइलों का रखरखाव आदि। मूल रूप से यह निर्धारित काम की अवधि वाली डेस्क जॉब है।

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Bank PO : अधिकारी वर्ग की नौकरी

IBPS देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अधिकारी के पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती के लिए प्रत्येक वर्ष इस परीक्षा का आयोजन करता है जबकि SBI अपने विभिन्न कार्यालयों में अधिकारियों की भर्ती के लिए प्रत्येक वर्ष खुद अलग से परीक्षा आयोजित करता है। कई उम्मीदवारों के लिए यह उनके सपनों वाली नौकरी है क्योंकि यह उनके लिए पब्लिक सेक्टर बैंक में अधिकारी कैडर की नौकरी पाने का जरिया है।

  • वेतन और भत्ता : बैंक अधिकारियों के वेतन और भत्ते RBI के सहायकों की तुलना में कहीं अधिक होते हैं। हालांकि सभी बैंकों में भत्ते मिलते हैं, किसी में कम तो किसी में अधिक। आपको अन्य सुविधाओं के साथ वाहन भत्ता, आवास किराया भत्ता, सूटकेस अनुदान, अखबार भत्ता, इंटरनेट भत्ता, क्लोजिंग भत्ता, मोबाइल के बिल की प्रतिपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं आदि मिलती हैं।

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  • जॉब प्रोफाइलः यह अधिकारी स्तर की नौकरी होती है और इसलिए आपको अपनी बुद्धि से सही फैसले करना होते हैं। ज्यादातर फैसले लेने के लिए आपको खुद से सोचना होता है लेकिन यह जीवन को रोचक बना देता है और आपकी डिसिशन मेकिंग और स्ट्रोंग बनाता है। इसके अलावा  दैनिक कार्यों को पूरा करने के लिए आपको लिपिक कर्मचारियों की मदद मिलती है। आम बैंकिंग अधिकारी के रूप में आपको दैनिक कार्य जैसे रसीदें, भुगतान, नकद सत्यापन, एटीएम नकद आपूर्ति, सावधि जमा, अपने उच्च अधिकारियों से समन्वय स्थापित करना, रिपोर्ट्स भेजना आदि काम करने होते हैं जबकि एक क्रेडिट अधिकारी के तौर पर आपसे बैंक के ऋण विभाग की देख–रेख करने की भी उम्मीद की जाती है।
  • पोस्टिंगः ज्यादातर उम्मीदवार जिनका चयन किसी भी पीएसबी में अधिकारी के तौर पर होता है, उनके लिए अगला सही जगह पोस्टिंग मिलना होता है। अक्सर देखा गया है शुरुवात में ज्यादातर उम्मीदवारो को सूदूर ग्रामीण इलाकों में पोस्टिंग मिल जाती है और वहां जीवन बिताना या रहने की व्यवस्था करना उनके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए यदि आप Bank PO का विकल्प चुनते हैं तो लगातार स्थांतरण(ट्रान्सफर) के साथ– साथ सूदूर इलाकों में पोस्टिंग के लिए भी तैयार रहें।
  • पदोन्नतिः बैंकिंग क्षेत्र अर्थव्यवस्था के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में पदोन्नति के सबसे अच्छे अवसर प्रदान करता है। अगर आप अच्छा काम करने वाले व्यक्ति हैं, तो आपको आपकी मेहनत के अनुसार फल मिलेगा और अधिकारी के तौर पर संगठन में शामिल होने के बाद आप एमडी– सीईओ का पद भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी अन्य नौकरी में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। 
  • सामाजिक दर्जाः अधिकारी के रूप में आपको समाज में अच्छा दर्जा मिलता है और आपके परिवार को निश्चित रूप से आप पर गर्व होगा। आपके हाथों में लोगों के जीवन को बदल देने की शक्ति होती है और इसकी वजह से लोगों से आपको जबरदस्त सम्मान मिलता है।
  • काम का दबावः जैसा कि पहले बताया गया है, आपको फैसले लेने होंगे और अपने रिपोर्टिंग अधिकारी को रिपोर्ट देनी होगी लेकिन यही तो इस नौकरी का असली रोमांच है। आपको दबाव में काम करना होता है लेकिन दबाव में काम करने के लिए आपको पर्याप्त प्रोत्साहन भी दिया जाता है।

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दोनों ही नौकरियों में अपने– अपने फायदे और नुकासन है। आखिरकार आपको अपनी प्रथमिकताओं पर विचार करना है और उसी अनुसार फैसला लेना है। अगर आप अच्छे वेतन और सुखी पारिवारिक जीवन के साथ अपने गृह राज्य में ही रहना चाहते हैं तो RBI की नौकरी आपके लिए है। साथ ही आपको दूसरी नौकरी के लिए पढ़ने का पर्याप्त समय भी मिलेगा। दूसरी तरफ Bank PO की नौकरी है, इसमें आपके पास दूसरी चीजों पर ध्यान देने के लिए काफी कम समय मिलता है क्योंकि आपको अपना सारा समय  बैंक को देना होता है लेकिन इसके लिए आपको पर्याप्त वेतन मिलता है और आपकी ज्यादातर जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसलिए समझदारी से सोचें और बुद्धिमानी से चुनें क्योंकि एक से ज्यादा विकल्प होना हमेशा वरदान नहीं होता।

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