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महिलाओं के लिए SBI जल्द कर सकता है ये घोषणा

महिला कर्मचारियों को रिटेन करने  के लिए SBI महिलाओ को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने पर विचार कर रहा है। इससे महिला उम्मीदवारों को SBI में शामिल होने के लिए एक और कारण मिल जायेगा। महिलाओं के उम्मीदवारों को घर से काम करने की अनुमति देने के इस तरीके से महिला  कर्मचारियों को अपनी नौकरी जारी रखने में मदद मिलेगी।

 

Feb 21, 2018 12:17 IST
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Work from home facility for SBI Female employees
Work from home facility for SBI Female employees

 बैंकिंग क्षेत्र धीरे-धीरे महिला उम्मीदवारों के लिए अधिक अवसर खोल रहा है क्योंकि प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक महिला उम्मीदवार पूरे देश में राष्ट्रीयकृत बैंकों में विभिन्न अधिकारी और लिपिक स्तर की पदों पर शामिल हो रही हैं। उच्च रैंक पर भी महिला उम्मीदवार द्वारा बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है । वर्तमान में, देश में दो शीर्ष बैंकिंग संगठन; एसबीआई और आईसीआईसीआई के पास महिला प्रमुख हैं। एसबीआई के 208 वर्षो के इतिहास में अरुंधति भट्टाचार्य सबसे पहली महिला प्रमुख बनी है, जबकि चंदा कोचर देश में सबसे सफल निजी बैंक आईसीआईसीआई की एमडी और सीईओ है। अब बैंक महिला कर्मचारियों की आवश्यकताओं को देख रहे हैं और महिलाओं को काम करने के लिए इसे एक आरामदायक जगह बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं।

न केवल बैंक, बल्कि सरकार भी महिलाओं के लिए बैंकिंग क्षेत्र में उनके काम को आसान बनाने के लिए दिशानिर्देश  दे रही हैं। महिलाओं को 1 वर्ष की मातृत्व अवकाश और 2 वर्ष की विश्राम अवकाश (sabbatical leave) की अनुमति दी गई है। चूंकि महिलाएं घर और कार्य के बीच एक अच्छा संतुलन बनाए रखने के लिए  ज़िम्मेदार होती है ,उन्हें कुछ अतिरिक्त सुविधाएं की आवश्यकता होती है और शीर्ष प्रशासन में ये महिलाएं अच्छी तरह से आवश्यकताओं को समझती हैं। बैंकिंग क्षेत्र में महिलाओं ने लंबे समय से उनके लिए वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने की सुविधा)  के प्रावधान की मांग की है। यह उनके लिए जीवन को आसान बना देगी और उन्हें बच्चों और घर की देखभाल के साथ-साथ काम करने की इजाजत देगी।

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देश में कई कामकाजी महिलाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट देने के लिए, आईसीआईसीआई बैंक ने पिछले वर्ष आईआईटी दिल्ली में छात्रों के साथ साझेदारी में एक आंतरिक तकनीक विकसित की है, जिससे महिलाओं को एक साल तक अपने घर से काम करने की इजाजत होगी। तकनीक यह सुनिश्चित करेगी कि वे अपने घर से काम करते समय डाटा सुरक्षा और गोपनीयता बनाये रखे । यह तकनीक चेहरे की पहचान का उपयोग करेगी और केवल उन महिला उम्मीदवारों को अनुमति देगी जो बैंक में काम करने के लिए इसे एक्सेस कर सकते हैं क्योंकि तकनीक का उपयोग करने से पहले यह  चेहरे को स्कैन करेगा। आईसीआईसीआई बैंक ने  कस्टमर केयर के अलावा लगभग सभी रैंक की महिलाओं जिन्हें इसकी जरुरत है, वर्क फ्रॉम होम टेक्नोलॉजी से काम करने को अनुमति दी है। महिला उम्मीदवार जिन्होंने हाल ही में मातृत्व अर्जित किया है, या गर्भवती हैं या वे किसी भी मेडिकल स्थिति से पीड़ित हैं और ऑफिस आने की स्थिति में नहीं है, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकती है। इस तकनीक का नाम 'iWork @ home' रखा गया है और इस योजना का प्रायोगिक परीक्षण चल रहा है जिसमें बैंक की लगभग 50 महिला उम्मीदवार हैं।

यह सुविधा महिलाओं को अपनी मातृत्व और अन्य पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी नौकरी को जारी रखने में मदद करेगी ।

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देश का सबसे बड़ा ऋणदाता वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने के लिए अध्ययन कर रहा है -

एसबीआई देश में सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसमें 45 हजार से अधिक महिला उम्मीदवार हैं, जो बैंक में कुल कर्मचारियों की संख्या का लगभग एक चौथाई है। नौकरी की सुरक्षा और नौकरी से जुड़ी ग्रोथ की वजह से यह संख्या बढ़ रही हैं क्योंकि अधिक से अधिक महिला उम्मीदवार हर साल बैंकिंग उद्योग में शामिल हो रही हैं।

एसबीआई महिला कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने के लिए तकनीकी व्यवहार्यता का अध्ययन कर रही है। बैंक के आईटी(IT) डिपार्टमेंट प्रबंधन को सलाह देगा कि क्या वर्क फ्रॉम होम द्वारा किया जा रहा काम का निरीक्षण और पर्यवेक्षण सिस्टम में संभव है।

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बैंक ने कहा कि वह महिलाओं के कर्मचारियों की सुविधाओं को बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रही है। महिलाओं के उम्मीदवारों को घर से काम करने की अनुमति देने के इस तरीके से महिला  कर्मचारियों को अपनी नौकरी जारी रखने में मदद मिलेगी। यह मातृत्व या अन्य सामाजिक जिम्मेदारियों के कारण महिलाओं के बीच में नौकरी छोड़ने और बैंक में महिला कर्मचारियों के रिटेंशन में मदद करेगा।

भविष्य में, आईसीआईसीआई बैंक द्वारा उठाए गए  तकनीकी उन्नति अन्य बैंकों के लिए भी मापदंड बन जाएगी, दूसरे बैंक भी महिला कर्मचारियों को इस तरह की सुविधा देने का प्रयत्न करेंगे । इससे बैंक को पुरुष-महिला कर्मचारियों की संख्या में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस तरह की और ज्यादा प्रगति की उम्मीद है और एसबीआई स्तर के एक बैंक अपने कर्मचारियों की भलाई के लिए इस तरह की प्रौद्योगिकी शामिल करने के लिए तत्पर हैं।

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