यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिंदी प्रश्न पत्र 2025 PDF & Answer Key: यहां डाउनलोड करें

Feb 25, 2025, 10:43 IST

UP Board Exam: 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। ये वार्षिक परीक्षाएं हैं जो इस शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों की पढ़ाई का विश्लेषण करेंगी। उत्तर प्रदेश बोर्ड 12वीं हिंदी प्रश्न पत्र 2025 उत्तर कुंजी के साथ यहां देखें।

UP Board Exam 2025: यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिंदी प्रश्न पत्र PDF & Answer Key Download
UP Board Exam 2025: यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिंदी प्रश्न पत्र PDF & Answer Key Download

UP Board 12th Question Paper And Answer Key: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने आज कक्षा 12वीं की हिंदी परीक्षा 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद, छात्र अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए प्रश्न पत्र पीडीएफ और इसकी उत्तर कुंजी की जांच करने के लिए उत्सुक हैं। चूंकि अधिकांश छात्रों के लिए हिंदी एक अनिवार्य विषय है, इसलिए कई छात्र आधिकारिक परिणाम घोषित होने से पहले अपने अंकों का अनुमान लगाने के लिए अनौपचारिक उत्तर कुंजी की तलाश कर रहे हैं। यहां यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी परीक्षा 2025 के लिए प्रश्न अनुसार उत्तर के साथ मुफ्त पीडीएफ प्राप्त करें।

यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी प्रश्न पत्र 2025 PDF

यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिंदी परीक्षा 2024-25 आज (24 फरवरी, 2025) दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय दिया गया था। छात्रों को पहले 15 मिनट में केवल प्रश्नपत्र पढ़ने की अनुमति थी, लिखने की अनुमति नहीं थी। आज की परीक्षा में छात्रों को वितरित किए गए प्रश्नपत्र का पीडीएफ यहां प्राप्त करें। उत्तर कुंजी प्राप्त करने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

डाउनलोड | यूपी बोर्ड 12th हिंदी प्रश्न पत्र 2025 PDF 2025 |

यूपी बोर्ड 12th हिंदी Answer Key 2025

जो छात्र आज की परीक्षा के उत्तर की तलाश में हैं, उन्हें यहाँ अवश्य देखना चाहिए। UP Board कक्षा 12 हिंदी 2024-25 के सभी प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं। उत्तरों को देखें और उन्हें अपने उत्तरों से मिलाएँ ताकि पता चल सके कि आपको इस पेपर में कितने अंक मिल सकते हैं।

खण्ड - 'क'

(1). 'पाणिनीयकालीन भारतवर्ष' नामक कृति के लेखक हैं :
(A) बालकृष्ण भट्ट
(B) रामावतार शर्मा
(C) डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल
(D) राजा लक्ष्मण सिंह

उत्तर: (C) डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल

(2). दिव्यदृश्टि लेखक हैं :
(A) रामकुमार वरमा
(B) अध्यापक पूर्ण सिंह
(C) चतुरसेन शास्त्री
(D) उदयशंकर भट्ट

उत्तर: (B) अध्यापक पूर्ण सिंह

(3). रामचन्द्र शुक्ल लिखित कहानी है :
(A) राजा भोज का सपना
(B) इन्द्रधनुष
(C) एक टोकरी भर मिट्टी
(D) व्याह के वर्ष का समय

उत्तर: (C) एक टोकरी भर मिट्टी

(4). 'जहाज का पंछी' रचना की विधा है :
(A) उपन्यास
(B) नाटक
(C) कहानी
(D) आत्मकथा

उत्तर: (D) आत्मकथा

(5). 'आनन्द कादम्बिनी' के सम्पादक थे :
(A) बालकृष्ण भट्ट
(B) रामनाथ 'सुमन'
(C) चतुर्नारायण चौधरी 'प्रेमघन'
(D) अमृतराय

उत्तर: (A) बालकृष्ण भट्ट

(6). 'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' - यह कथन है :
(A) महावीरप्रसाद द्विवेदी
(B) बालमुकुन्द गुप्त
(C) दिगम्बर हरि
(D) भारतेंदु हरिश्चन्द्र

उत्तर: (D) भारतेंदु हरिश्चन्द्र

(7). "कितनी नावों में कितनी बार" के रचनाकार हैं :
(A) रामधारी सिंह 'दिनकर'
(B) केदारनाथ सिंह 'नirala'
(C) सुमित्रानंदन पंत
(D) 'अज्ञेय'

उत्तर: (D) 'अज्ञेय'

(8). छायावादयुगीन कवि हैं :
(A) अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
(B) जयशंकर प्रसाद
(C) रामनारायण मिश्र
(D) श्रीधर पाठक

उत्तर: (B) जयशंकर प्रसाद

(9). भारतेन्दुयुगीन रचना है :
(A) आनन्द कादम्बिनी
(B) कामायनी
(C) साकेत
(D) भारत भारती

उत्तर: (A) आनन्द कादम्बिनी

(10). जयशंकर प्रसाद की काव्यकृति है :
(A) 'अग्निकण'
(B) 'चित्राधार'
(C) 'प्रयास'
(D) 'दीपशिखा'

उत्तर: (D) 'दीपशिखा'

3. दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5×2=10)

प्राकृतिक पर विचार करने वाले मनुष्य राष्ट्र का विचार आगे है। पृथ्वी और मनुष्य के ही तो मुख्य स्वरूप अवस्थाएँ हैं। पृथ्वी और देनी के माध्यम से ही राष्ट्र एक समाज स्थापित होता है। अब के कारण हमें भौगोलिक सत्ता प्राप्त होती है। पृथ्वी और अन्न से अनायास ही पृथ्वी जन हैं –

(माता भूमि: पुत्रोहम पृथिव्या।)

  • भूमि माता है और मैं उसका पुत्र हूँ।

जब के हृदय में इस सूत्र का अनुभव ही राष्ट्रीयता की सूचना है। इसी भावना के राष्ट्र-निर्माण के अंदर तत्व होते हैं –

(i) उपयुक्त गद्यांश का संक्षेप लिखिए।
उत्तर: इस गद्यांश में राष्ट्र और उसकी आधारशिला पर विचार किया गया है। राष्ट्र की उत्पत्ति पृथ्वी और मनुष्य के संबंध से होती है। मनुष्य का अपनी मातृभूमि से जुड़ाव राष्ट्रवाद की भावना को जन्म देता है।

(ii) 'राष्ट्रीयता' शब्द की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: राष्ट्रीयता वह भावना है, जो किसी व्यक्ति को अपनी मातृभूमि और संस्कृति से जोड़ती है। यह राष्ट्र के प्रति प्रेम, सम्मान और उसकी एकता व अखंडता बनाए रखने की प्रेरणा देती है।

(iii) राष्ट्र की कल्पना कब तक असंभव है ?
उत्तर: राष्ट्र की कल्पना तब तक असंभव है जब तक मनुष्य अपनी मातृभूमि से जुड़ाव महसूस नहीं करता और राष्ट्रीयता की भावना विकसित नहीं होती।

(iv) पृथ्वी किसके कारण मनुष्यों की सत्ता स्वीकारती है ?
उत्तर: पृथ्वी मनुष्यों की सत्ता को उनके श्रम और परिश्रम के कारण स्वीकार करती है, क्योंकि मनुष्य अपने परिश्रम से उसे उपजाऊ और उपयोगी बनाता है।

(v) पृथ्वी अन्न और देनी किसके कारण बना-बना हुआ है ?
उत्तर: पृथ्वी अन्न और देनी मनुष्य के श्रम, परिश्रम और उसके द्वारा किए गए प्रयासों के कारण बना-बनाया हुआ प्रतीत होता है।

अथवा

भाषा की धारा इसकी गद्य, छंद, पद्य के अथवा यह भाषा का अध्ययन है। यदि भाषा के नियम व्यवस्थित होते हैं तो कोई देश, जाति, समाज, नीति, दर्शन, इतिहास, साहित्य में विचारों की धारा का विस्तार स्पष्ट हो जाता है। अंग्रेजी, फारसी, हिंदी आदि विदेशी भाषाओं में उत्पत्ति हुई है। ऐसी ही नयी शब्दावली का गठन भी अनजाने में अनायास हो जाता है। से अर्थ अत्यंत दृढ़ निर्णयों से सीधे संचार होते हैं और नये लिये गए गद्य भाषी के मूल शब्दों के मूल शब्द ही अध्ययन हैं, साहित्यिक शब्दों के बगैर अध्ययन नहीं।

(i) उपयुक्त गद्यांश का संक्षेप लिखिए।
उत्तर: इस गद्यांश में भाषा की महत्ता और उसकी विकास प्रक्रिया का वर्णन किया गया है। भाषा के नियम व्यवस्थित होने पर ही किसी देश, जाति, समाज और साहित्य में विचारों का प्रवाह संभव होता है।

(ii) 'रेखांकित' शब्द की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: 'रेखांकित' शब्द का अर्थ है – किसी विशेष शब्द, वाक्य या अंश को रेखा खींचकर उभारना या महत्व देना।

(iii) भाषा की साधना कब सफल होती है ?
उत्तर: भाषा की साधना तब सफल होती है जब उसके नियम व्यवस्थित हों और वह देश, समाज व संस्कृति को जोड़ने का कार्य करे।

(iv) 'विदेशी भाषाओं' का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
उत्तर: विदेशी भाषाओं का मुख्य उद्देश्य संचार, ज्ञान का आदान-प्रदान और विभिन्न संस्कृतियों के बीच आपसी समझ को बढ़ाना होता है।

(v) 'दैनंदिन' और 'अविकृत' शब्द का अर्थ लिखिए।
उत्तर:

  • दैनंदिन: प्रतिदिन होने वाला या दैनिक कार्य।
  • अविकृत: जो बिना किसी परिवर्तन के अपने मूल रूप में बना रहे।

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बाकि उत्तर यहां अपडेट किए जाएंगे|

यूपी बोर्ड 12th हिंदी परीक्षा 2025 विश्लेषण

छात्रों की प्रतिक्रिया:

"इस साल यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी का प्रश्नपत्र संतुलित था। गद्यांश और पद्यांश के प्रश्न अपेक्षित स्तर के थे, लेकिन कुछ व्याकरण के प्रश्न चुनौतीपूर्ण लगे। निबंध और पत्र लेखन के विषय रोचक थे, जिससे हमें अपने विचार अच्छी तरह व्यक्त करने का मौका मिला। कुल मिलाकर, पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान।"

अध्यापकों की समीक्षा:

"प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के अनुरूप था और सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को कवर करता था। रचनात्मक लेखन और भाषा ज्ञान की सही परख हुई। छात्र अच्छी तैयारी से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।"

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Atul Rawal
Atul Rawal

Executive

Meet Atul, he is a Master of Science in the field of biotechnology. He has a counting experience in the field of Ed-tech and is proficient in content writing. Atul is a creative person and likes to color his ideas on canvas. He is a graduate of the University of Delhi in Biochemistry. Constant learning is one of his traits and he is devoted to the school section of Jagran Josh. His belief is to help students in all possible ways. He can be reached at atul.rawal@jagrannewmedia.com

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