UP Board 12th Question Paper And Answer Key: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने आज कक्षा 12वीं की हिंदी परीक्षा 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद, छात्र अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए प्रश्न पत्र पीडीएफ और इसकी उत्तर कुंजी की जांच करने के लिए उत्सुक हैं। चूंकि अधिकांश छात्रों के लिए हिंदी एक अनिवार्य विषय है, इसलिए कई छात्र आधिकारिक परिणाम घोषित होने से पहले अपने अंकों का अनुमान लगाने के लिए अनौपचारिक उत्तर कुंजी की तलाश कर रहे हैं। यहां यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी परीक्षा 2025 के लिए प्रश्न अनुसार उत्तर के साथ मुफ्त पीडीएफ प्राप्त करें।
यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी प्रश्न पत्र 2025 PDF
यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिंदी परीक्षा 2024-25 आज (24 फरवरी, 2025) दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय दिया गया था। छात्रों को पहले 15 मिनट में केवल प्रश्नपत्र पढ़ने की अनुमति थी, लिखने की अनुमति नहीं थी। आज की परीक्षा में छात्रों को वितरित किए गए प्रश्नपत्र का पीडीएफ यहां प्राप्त करें। उत्तर कुंजी प्राप्त करने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।
यूपी बोर्ड 12th हिंदी Answer Key 2025
जो छात्र आज की परीक्षा के उत्तर की तलाश में हैं, उन्हें यहाँ अवश्य देखना चाहिए। UP Board कक्षा 12 हिंदी 2024-25 के सभी प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं। उत्तरों को देखें और उन्हें अपने उत्तरों से मिलाएँ ताकि पता चल सके कि आपको इस पेपर में कितने अंक मिल सकते हैं।
खण्ड - 'क' (1). 'पाणिनीयकालीन भारतवर्ष' नामक कृति के लेखक हैं : उत्तर: (C) डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल (2). दिव्यदृश्टि लेखक हैं : उत्तर: (B) अध्यापक पूर्ण सिंह (3). रामचन्द्र शुक्ल लिखित कहानी है : उत्तर: (C) एक टोकरी भर मिट्टी (4). 'जहाज का पंछी' रचना की विधा है : उत्तर: (D) आत्मकथा (5). 'आनन्द कादम्बिनी' के सम्पादक थे : उत्तर: (A) बालकृष्ण भट्ट (6). 'निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल' - यह कथन है : उत्तर: (D) भारतेंदु हरिश्चन्द्र (7). "कितनी नावों में कितनी बार" के रचनाकार हैं : उत्तर: (D) 'अज्ञेय' (8). छायावादयुगीन कवि हैं : उत्तर: (B) जयशंकर प्रसाद (9). भारतेन्दुयुगीन रचना है : उत्तर: (A) आनन्द कादम्बिनी (10). जयशंकर प्रसाद की काव्यकृति है : उत्तर: (D) 'दीपशिखा' 3. दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (5×2=10) प्राकृतिक पर विचार करने वाले मनुष्य राष्ट्र का विचार आगे है। पृथ्वी और मनुष्य के ही तो मुख्य स्वरूप अवस्थाएँ हैं। पृथ्वी और देनी के माध्यम से ही राष्ट्र एक समाज स्थापित होता है। अब के कारण हमें भौगोलिक सत्ता प्राप्त होती है। पृथ्वी और अन्न से अनायास ही पृथ्वी जन हैं – (माता भूमि: पुत्रोहम पृथिव्या।)
जब के हृदय में इस सूत्र का अनुभव ही राष्ट्रीयता की सूचना है। इसी भावना के राष्ट्र-निर्माण के अंदर तत्व होते हैं – (i) उपयुक्त गद्यांश का संक्षेप लिखिए। (ii) 'राष्ट्रीयता' शब्द की व्याख्या कीजिए। (iii) राष्ट्र की कल्पना कब तक असंभव है ? (iv) पृथ्वी किसके कारण मनुष्यों की सत्ता स्वीकारती है ? (v) पृथ्वी अन्न और देनी किसके कारण बना-बना हुआ है ? अथवा भाषा की धारा इसकी गद्य, छंद, पद्य के अथवा यह भाषा का अध्ययन है। यदि भाषा के नियम व्यवस्थित होते हैं तो कोई देश, जाति, समाज, नीति, दर्शन, इतिहास, साहित्य में विचारों की धारा का विस्तार स्पष्ट हो जाता है। अंग्रेजी, फारसी, हिंदी आदि विदेशी भाषाओं में उत्पत्ति हुई है। ऐसी ही नयी शब्दावली का गठन भी अनजाने में अनायास हो जाता है। से अर्थ अत्यंत दृढ़ निर्णयों से सीधे संचार होते हैं और नये लिये गए गद्य भाषी के मूल शब्दों के मूल शब्द ही अध्ययन हैं, साहित्यिक शब्दों के बगैर अध्ययन नहीं। (i) उपयुक्त गद्यांश का संक्षेप लिखिए। (ii) 'रेखांकित' शब्द की व्याख्या कीजिए। (iii) भाषा की साधना कब सफल होती है ? (iv) 'विदेशी भाषाओं' का मुख्य उद्देश्य क्या है ? (v) 'दैनंदिन' और 'अविकृत' शब्द का अर्थ लिखिए।
. बाकि उत्तर यहां अपडेट किए जाएंगे| |
यूपी बोर्ड 12th हिंदी परीक्षा 2025 विश्लेषण
छात्रों की प्रतिक्रिया:
"इस साल यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी का प्रश्नपत्र संतुलित था। गद्यांश और पद्यांश के प्रश्न अपेक्षित स्तर के थे, लेकिन कुछ व्याकरण के प्रश्न चुनौतीपूर्ण लगे। निबंध और पत्र लेखन के विषय रोचक थे, जिससे हमें अपने विचार अच्छी तरह व्यक्त करने का मौका मिला। कुल मिलाकर, पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान।"
अध्यापकों की समीक्षा:
"प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के अनुरूप था और सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को कवर करता था। रचनात्मक लेखन और भाषा ज्ञान की सही परख हुई। छात्र अच्छी तैयारी से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।"
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