UPSC: जहाँ अधिकांश व्यक्ति जीवन में आने वाली चुनौतियों और असफलताओं से हार मान लेते हैं वही 25 वर्षिय पूर्णा साँथरी अपनी सफलता से इन लोगों के लिए मिसाल बन गई हैं। हालांकि, इस सफलता के लिए पूर्णा को काफी लंबा सफर तय करना पड़ा। वह 2016 से ही UPSC परीक्षा की तैयारी कर रही थीं और चौथे प्रयास में पूर्णा ने यह परीक्षा क्रैक की है। इस सफलता का पूरा श्रेय वह अपने माता पिता को देती हैं। आइये जानते हैं कैसा रहा उनका यह संघर्षपूर्ण सफर:
5 साल की उम्र में खो दी थी आँखों की रोशनी
पांच साल की उम्र में पूर्णा की आंखों की रोशनी कम होने लगी थी। उनके माता पिता ने मदुरै के अरविंद नेत्र अस्पताल से उनका इलाज कराया हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें बताया की पूर्णा को एक दुर्लभ अपक्षयी विकार की बिमारी है। धीरे धीरे उनकी दाहिनी आंख पूरी तरह से नेत्रहीन हो गई थी और उनकी बाईं आंख को बचाने की कोशिश के लिए सर्जरी की गई। दुर्भाग्यवश यह सर्जरी असफल रही और पूर्णा ने धीरे-धीरे अपनी दोनों आँखों की रोशनी खो दी।
माता पिता ने दिन रात की पढ़ाई में मदद
पूर्णा ने मदुरै पिलिमार संगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। वह बताती हैं "मैं ग्यारहवीं कक्षा में एक IAS अधिकारी बनने का सपना देखने लगी।" उन्होंने आगे कहा कि टी उधायचंद्रन और यू सगायम जैसे आईएएस अधिकारियों के बारे में सुनकर उन्हें सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरणा मिली। वह IAS बन कर शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में सेवा करना चाहती हैं।
पूर्णा का UPSC की तैयारी का सफर आसान नहीं रहा। दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें पढ़ने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उनके माता पिता और दोस्तों ने इस सफर में उनका साथ दिया और उनके IAS बनने के सपने को पूरा करने के लिए अपना योगदान दिया। वह बताती हैं ""मुझे ऑडियो प्रारूप में सभी अध्ययन सामग्री नहीं मिलती थी। इसलिए मेरे माता-पिता दिन-रात मेरे लिए किताबें पढ़ते थे और मेरे दोस्तों ने कुछ पुस्तकों को ऑडियो प्रारूप में बदलने में मदद की। यहां तक कि वे इंटरनेट से ज़रूरी स्टडी मटेरियल सर्च कर उपलब्ध करने में भी मेरी मदद करते थे। यह उन सभी का सहयोग और मेहनत है जिसने मुझे एक आईएएस अधिकारी बना दिया है।"
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने की ट्विटर पर सराहना
25yr old visually impaired Purana Sunthari from TN beat the odds and cracked the UPSC exam. Since audio study material was hard to find, her parents and friends helped her in reading & converting books to audio so she could become an IAS officer. Never stop chasing your dreams. pic.twitter.com/3icQ6nPJPo
— Mohammad Kaif (@MohammadKaif) August 12, 2020
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने ट्वीट कर पूर्णा की सफलता की कहानी शेयर की और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करते रहने का सन्देश दिया। इस ट्वीट में वह लिखते हैं "टीएन की 25 वर्षीय दृष्टिबाधित पूर्णा सुनथरी ने बाधाओं को हराया और यूपीएससी परीक्षा को फटा। चूंकि ऑडियो अध्ययन सामग्री को खोजना मुश्किल था, इसलिए उसके माता-पिता और दोस्तों ने उसे किताबें पढ़ने और ऑडियो में परिवर्तित करने में मदद की ताकि वह एक आईएएस अधिकारी बन सके। अपने सपनों का पीछा करना कभी न छोड़ें।"
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