Digital Payments Index: हाल ही में जारी हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक का डिजिटल भुगतान सूचकांक (Digital Payments Index-DPI) सितंबर 2022 में मार्च के 349.30 के स्तर से बढ़कर 377.46 हो गया है.
यह इंडेक्स देश भर में भुगतान के डिजिटलीकरण की सीमा को दर्शाता है. RBI ने हाल ही में एक प्रेस रिलीज़ की थी जिसमें कहा गया है कि डीपीआई सूचकांक देश भर में भुगतान बुनियादी ढांचे और भुगतान प्रदर्शन में महत्वपूर्ण वृद्धि से प्रेरित सभी मानकों में बढ़ोत्तरी हुई है.
डिजिटल पेमेंट इंडेक्स, हाइलाइट्स:
आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, फिनटेक अपनाने की दर वैश्विक औसत 64 प्रतिशत की तुलना में भारत में 87 प्रतिशत रही है.
इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और चीन के बाद भारत ने डिजिटल भुगतान में तीसरा स्थान प्राप्त किया है.
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में बताया था कि वर्ष 2022 में कुल डिजिटल भुगतान लेनदेन 59 प्रतिशत y-o-y बढ़कर 8,840 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें UPI प्लेटफॉर्म की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत रही है.
इकॉनोमिक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 और वित्त वर्ष 2022 के बीच UPI लेनदेन वैल्यू के लिहाज से औसतन 121 फीसदी और वॉल्यूम के लिहाज से 115 फीसदी बढ़ा है.
अवधि | आरबीआई-डीपीआई इंडेक्स |
मार्च 2018 (बेस) | 100 |
मार्च 2019 | 153.47 |
सितम्बर 2019 | 173.49 |
मार्च 2020 | 207.84 |
सितम्बर 2020 | 217.74 |
मार्च 2021 | 270.59 |
सितम्बर 2021 | 304.06 |
मार्च 2022 | 349.30 |
सितम्बर 2022 | 377.46 |
क्या है डिजिटल पेमेंट इंडेक्स?
रिज़र्व बैंक ने देश भर में भुगतान के डिजिटलीकरण की लिमिट की जानकारी रखने के लिए आधार के रूप में मार्च 2018 के साथ डिजिटल भुगतान सूचकांक (RBI-DPI) की घोषणा की थी. आरबीआई-डीपीआई सूचकांक, डिजिटल भुगतान में हो रही वृद्धि और उसके परफॉरमेंस को दर्शाता है.
RBI-DPI में 5 व्यापक पैरामीटर शामिल हैं जो विभिन्न समय अवधि में देश में डिजिटल भुगतानों के बारें में डेटा उपलब्ध कराते है.
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