कृषि और संबद्ध क्रियाकलाप – 14362 करोड़ रु.
• राष्ट्रीय कृषि विकास योजना – 7860 करोड़ रु.
• पूर्वी क्षेत्र में हरित क्रांति हेतु – 400 करोड़ रु.
• वर्षा सिंचित क्षेत्रों में 60000 दलहन ग्रामों के एकीकृत विकास हेतु – 300 करोड़ रु.
• ऑयल पाम के संवर्धन हेतु – 300 करोड़ रु.
• सब्जी समूह संबंधी कार्यक्रम हेतु – 300 करोड़ रु.
• पोषक अनाज हेतु – 300 करोड़ रु.
• राष्ट्रीय प्रोटीन संपूरण मिशन हेतु – 300 करोड़ रु.
• त्वरित चारा विकास कार्यक्रम हेतु – 300 करोड़ रु.
ग्रामीण विकास – 55438 करोड़ रु.
• ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि हेतु – 18000 करोड़ रु.
• ग्रामीण आवास निधि के अंतर्गत आवास वित्त पोषण हेतु – 3000 करोड़ रु.
• ग्रामीण बैंकों का पुनः पूंजीकरण – 500 करोड़ रु.
उद्योग और खनिज – 38852 करोड़ रु.
• माइक्रो-लघु एवं मध्यम उद्यम के वित्त पोषण हेतु – 5000 करोड़ रु.
• हथकरघा बुनकर को आर्थिक सहायतार्थ – 3000 करोड़ रु.
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन – 16186 करोड़ रु.
• राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा निधि हेतु – 200 करोड़ रु.
• पर्यावरणीय प्रबंधन हेतु – 200 करोड़ रु.
• नदियों तथा झीलों की सफाई हेतु – 200 करोड़ रु.
सामाजिक सेवाएं – 127157 करोड़ रु.
• शिक्षा – 52057 करोड़ रु.
• सर्वशिक्षा अभियान – 21000 करोड़ रु.
• चिकित्सा और स्वास्थ्य – 26760 करोड़ रु.
• राष्ट्रीय कौशल विकास निधि हेतु – वर्ष 2010-11 के मुकाबले अतिरिक्त 500 करोड़ रु.
• जनजातीय वर्गों हेतु – 244 करोड़ रु.
• पहली बार अनुसूचित जाति उपयोजना तथा अनुसूचित जनजातीय उपयोजना के लिए विशिष्ट आवंटन
• पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा विशेष श्रेणी के राज्यों में विकास को बढ़ाने हेतु – 8000 करोड़ रु.
• जम्मू व लद्दाख क्षेत्र के विकास हेतु – 250 करोड़ रु.
• पिछड़े क्षेत्रों में विकास को गति देने हेतु पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत – 9890 करोड़ रु.
अवसंरचना हेतु – 214000 करोड़ रु.
भारत निर्माण हेतु – 58000 करोड़ रु.
रक्षा सेवाओं हेतु – 164415 करोड़ रु. जिसमें पूंजीगत व्यय के लिए 69199 करोड़ रु.
शीघ्र न्याय के तहत न्याय विभाग के आयोजना प्रावधान हेतु – 1000 करोड़ रु.
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