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ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग होने के क्या फायदे होंगे?

BREXIT यानी ब्रिटेन का यूरोपियन यूनियन से एग्जिट होना I ऐतिहासिक रेफरेंडम में ब्रिटेन यूरोपियन संघ से 24 जून को बाहर हो गया हैI ब्रिटेन के यूरोपिय संघ से अलग होने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी I प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्रिटेनवासियों को कई कानूनों से छुटकारा मिल जायेगा I यूरोपिय संघ के इन सख्त नियमों से तंग आकर ही ब्रिटेनवासियों ने ब्रेक्सिट के पक्ष में वोट दिया I
Jun 29, 2016 18:15 IST
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BREXIT यानी ब्रिटेन का यूरोपियन यूनियन से एग्जिट होना I ऐतिहासिक रेफरेंडम में ब्रिटेन यूरोपियन संघ से 24 जून को बाहर हो गया हैI ब्रिटेन के यूरोपिय संघ से अलग होने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी I प्रक्रिया पूरी होने के बाद ब्रिटेनवासियों को कई कानूनों से छुटकारा मिल जायेगा I यूरोपिय संघ के इन सख्त नियमों से तंग आकर ही ब्रिटेनवासियों ने ब्रेक्सिट के पक्ष में वोट दिया I
इस सिलसिले में हुए जनमत संग्रह में अलग होने का 51.9 प्रतिशत लोगों ने समर्थन किया है जबकि 48.1 प्रतिशत ने ईयू के साथ रहने का समर्थन किया.

लेकिन क्या वजहें रहीं कि लोगों ने ईयू से अलग होने का समर्थन किया?
1. बेरोकटोक आवागमन: यूरोप से अलग होने का यह सबसे बड़ा कारण रहा है I नियमों के अनुसार,कोई भी सदस्य देश का व्यक्ति ब्रिटेन में आ सकता है (प्रवास पर ब्रिटेन का कोई नियंत्रण नहीं है) जिसके कारण ब्रितानी लोगों के लिए नौकरी के अवसर कम होने लगे थे और बेरोजगारी बढ़ने लगी थी I इस मुद्दे को भी इस पूरे अभियान में खास माना गया है I

2. चाइल्ड बेनिफिट्स : फ़िलहाल ब्रिटेन में रह रहे EU के नागरिक यहाँ चाइल्ड बेनेफिट्स का दावा कर सकते हैं भले ही इनके बच्चे ब्रिटेन में रहें या नहीं I अलगाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबसे पहले गाज़ इसी नियम पर गिरने की आशंका है I

3. मत्स्य उद्योग : कॉमन फिशरीज पालिसी के तहत यूरोप के मछुआरे यूरोप के किसी भी देश के समुद्र में मछली पकड़ सकते हैं I हालाँकि मछलियों को संरक्षित करने के लिए यहाँ कोटा निर्धारित किया गया है इस कोटा पर ब्रिटेन ने आपत्ति जतायी थी I लिहाजा इसे ख़त्म किया जा सकता है I

4. बिजली पर वैट: फ़िलहाल EU के सभी देशों में वैट की मानक दर 15% है I इसके अलावा कुछ खास उत्पाद और सेवाओं पर 5% का अनिवार्य वैट है I लिहाजा EU से निकलने के बाद ब्रिटेन गैस और बिजली के बिल से वैट हटा सकता है क्योंकि इससे निम्न आय वर्ग के लोगों पर काफी दबाव होता है I

5. अक्षय उर्जा दिशा निर्देश: जलवायु परिवर्तन को लेकर EU के नियम काफी सख्त हैं इसके तहत २०२० तक सभी सदस्य देशों के लिए EU ने अक्षय उर्जा उत्पाद को 20% करने का लक्ष्य रखा है I इस पर हर साल 4.7 अरब की सालाना लागत है I ब्रिटेन को इस पर आपत्ति है I इसलिए ब्रिटेन को भारी भरकम राशी बचाने का मौका मिल सकता है I

6. ड्राइविंग लाइसेंस: सदस्य देशों के जिन नागरिकों को डायबिटीज के चलते रोजाना इन्सुलिन लेना पड़ता है उन्हें अलग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है I मसलन उनका लाइसेंस ‘कुछ विशेष परिस्तिथियों में’ से हटाकर सामान्य लाइसेंस दिया जायेगा I

7. राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्कीम का 350 मिलियन पाउंड ब्रिटेन को मिलेगा:  ईयू से अलग होने वालों को एक बहुत ही मज़बूत नारा मिला. वो ये कि अगर ब्रिटेन ईयू से हटता है तो हर हफ्ते राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के लिए 350 मिलियन पाउंड की राशि ब्रिटेन इस्तेमाल कर सकेगा I

8. वीटो का अधिकार: वित्तीय संकट के बाद एक ओर यूरोप को और एकताबद्ध करने की मांग हो रही है तो लंदन राष्ट्रीय संसदों की भूमिका बढ़ाना चाहता है I इससे राष्ट्रीय जन प्रतिनिधियों को ब्रसेल्स के मनमाने बर्ताव के खिलाफ लाल कार्ड दिखाने का अधिकार मिलेगा I

9. सामाजिक भत्तों की चिंता: ब्रिटेन नहीं चाहता कि गरीब सदस्य देशों के सस्ते कामगार ब्रिटेन में सामाजिक भत्तों का लाभ उठाएं. ब्रिटेन चाहता है कि ईयू देशों से अचानक बहुत से लोगों के आने पर उसे रोक लगाने का हक होना चाहिए I ब्रिटेन को सालाना यूरोपियन यूनियन के बजट के लिए 9 अरब डॉलर नहीं देने होंगे.

10. संतान भत्ता: यूरोपीय संघ में वह सरकार संतान भत्ता देती है जहां मां बाप काम करते हैं, चाहे बच्चा कहीं और रह रहा हो I ब्रिटेन पोलैंड और रोमानिया के कामगारों को बच्चों के लिए भत्ता देता है I अब यह बहस हो रही है कि क्या भत्ते को संबंधित देश के जीवन स्तर के अनुरूप होना चाहिए I