हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए अब ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं, परन्तु कैसे? आखिर क्यों इसको कार या बाइक में लगवाना जरुरी है.
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्या है?
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को अब हर वाहन पर लगवाना अनिवार्य हो गया है. ये एक नए तरह की नंबर प्लेट है जो आपकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर बनाई गई है. यह प्लेट एल्युमीनियम की बनी हुई है और इस पर एक होलोग्राम है, जिस पर चक्र बना हुआ है. यह होलोग्राम एक प्रकार का स्टीकर है जिसपर वाहन के इंजन और चेसिस नंबर इंगित होते हैं. सबसे अच्छी बात यह की ये होलोग्राम जल्दी नष्ट नहीं हो सकेगा.
इसके अलावा इस प्लेट पर 7 अंकों का एक यूनीक लेजर कोड भी है जो हर वाहन के नंबर प्लेट पर अलग-अलग होगा. सबसे खास बात यह है कि इस नंबर प्लेट पर आपका रजिस्ट्रेशन नंबर भी होगा. जिसे आसानी से हटाया या मिटाया नहीं जा सकेगा क्योंकि यह नंबर ना तो पेंट और ना ही कोई स्टीकर से लिखी हुई है. नंबर को प्लेट पर प्रेशर मशीन से लिखा गया है जो कि प्लेट पर उभरा हुआ दीखता है. हम आपको बता दें कि यह कार्य आरटीओ द्वारा किया जा रहा है. इस वजह से जो अंक और अक्षर उभरेगा उस पर भी नीले रंग का आईएनडी दिखेगा.
इस प्लेट में स्नैप लॉक सिस्टम भी है: यह एक तरह का पिन है जो कि आपके हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को आपके वाहन से जोड़ता है. इसे विभाग द्वारा ही लगाया जायेगा. यह किसी स्क्रू या फिर नट-बोल्ट की तरह नहीं है जिसे आप स्क्रू ड्राईवर या फिर पाने से खोल सकेंगे. यह पिन एक बार आपके वाहन से प्लेट को पकड़ लेगा तो यह दोनों ही तरफ से लॉक होगा. जो कि किसी से भी नहीं खुलेगा या किसी के द्वारा खोला नहीं जा सकेगा.
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आइये अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के फायदों के बारे में अध्ययन करते हैं
- हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट काफी फायदेमंद साबित होगी. इससे वारदातों और हादसों पर लगाम लगेगी. क्योंकि इस प्लेट में क्रोमियम होलोग्राम वाले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट में सात डिजिट का लेजर कोड यूनिक नंबर है. इस नंबर के जरिये किसी भी हादसे या आपराधिक वारदात होने की स्थिति में वाहन और इसके मालिक के बारे में तमाम जानकारियाँ उपलभ्ध हो सकेंगी.
- जैसा की हम जानते हैं कि इन नंबर प्लेट पर आईएनडी लिखा होगा, साथ ही क्रोमियम प्लेटेड नंबर और इंबॉस होने के कारण इस नंबर प्लेट को रात के वक्त भी वाहनों पर कैमरे के जरिये नजर रखना संभव होगा.
- पहले अपराधी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ छेड़छाड़ करके भी फायदा उठा लेते थे लेकिन अब इन नंबर प्लेट या सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर ऐसा करना संभव नहीं होगा.
- इन नंबर प्लेट पर लेजर डिटेक्टर कैमरा लगा होगा जिससे किसी भी वाहन के बारे में कभी भी आसानी से पता लगाया जा सकेगा.
- देश भर में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के साथ ही इंजन, चेसिस नंबर सहित तमाम यूनीक जानकारियां भी नेशनल डाटाबेस में होंगी, इससे पूरे देश के वाहनों का एक सेंट्रलाइज्ड रिकॉर्ड होगा.
- ऐसा कई बार देखा गया है कि किसी हादसे या दुर्घटना के दौरान वाहन जल जाते हैं. इस दौरान सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि वाहन की नंबर प्लेट भी जल जाती है. लेकिन इस हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट के साथ ऐसा नहीं होगा. वाहन कितना भी बुरी तरह जल जाए लेकिन इस प्लेट पर उभरे हुए अंकों और अक्षरों को छू कर अंदाजा लगाया जा सकेगा कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है.
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की अंतिम तिथि क्या है?
परिवाहन विभाग के अनुसार दिल्ली में अगर 13 अक्टूबर के बाद भी आपके वाहन पर हाई सिक्योरिटी वाली नंबर प्लेट नहीं होगी तो आपको 500 रूपये का जुरमान भरना पड़ सकता है. इसके साथ ही 3 महीने के लिए जेल भी हो सकती है. क्या आप जानते हैं कि दिल्ली में अब जिन नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है उनको हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ही मिल रही है.
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) प्लेट्स के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र कैसे प्राप्त करें?
- दिल्ली परिवहन विभाग ने एक अलग पोर्टल पहले ही लॉन्च कर दिया है. सभी आवेदकों को सभी ऑनलाइन आवेदन संबंधी गतिविधियों का ध्यान रखने के लिए इस साइट पर लॉग इन करना होगा. होमपेज पर पहुंचने के लिए, लिंक hsrpdelhi.com पर क्लिक करना होगा.
- पेज खुलने के बाद, कई विकल्प दिखाई देंगे. नई नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन नामांकन के लिए, आवेदकों को “Book HSRP Plate Appointment & Pay Fee Online” विकल्प पर क्लिक करना होगा.
- इसके बाद, एक अलग टैब में एक नया पेज खोलने के लिए साइट ट्रिगर होगी. “HSRP Fittment Appointment Booking" पृष्ठ आवेदकों को आवश्यक सत्यापन विवरण में टाइप करने की अनुमति देगा.
- ओटीपी जनरेट होने के बाद, यह एप्लिकेशन को सील कर देगा. विभाग एक नियुक्ति तिथि उत्पन्न करेगा. हालांकि, एक अलग लिंक भी है जो लोगों को आवेदन की स्थिति की जांच करने की अनुमति देगा.
यहीं आपको बता दें कि पुराने वाहनों के लिए भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहन मालिक भी ऑनलाइन बुक कर सकते हैं. जिस कंपनी का वाहन होगा, उसी का डीलर नंबर प्लेट लगाएगा. एआरटीओ प्रशासन के अनुसार अब 1 जनवरी से हाई सिक्योरिटी नंबर पलट पुराने वाहनों के लिए भी अनिवार्य कर दी गई है.
अब सवाल यह उठता है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट कहां से बनेगी और कितना खर्चा आएगा?
जैसा की ऊपर हमने बताया कि नई गाड़ियों पर पहले से ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगी होगी परन्तु अगर पुराने वाहनों पर इस प्लेट को लगवाना है तो आपको अपने स्थानीय आरटीओ कार्यालय पर जाना होगा और वहां पर अपने वाहन के हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के अनुसार शुल्क जमा करना होगा. तकरीबन 48 घंटों के अंदर आपको हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट जारी कर दी जायेगी. आरटीओ द्वारा ही इस प्लेट को वाहन पर लगा दिया जाता है. अब आप इसे ऑनलाइन भी बुक करवा सकते हैं. इन नंबर प्लेटों की लागत लगभग दोपहिया वाहनों के लिए लगभग 125-150 रुपये और चार-पहिया वाहनों और भारी वाहनों के लिए लगभग 250-350 रुपये तक होगी.
तो आब आप जान गए होंगे कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्या है, इसे वाहनों पर लगाने के क्या फायदे हैं और किस प्रकार ये वाहनों पर लगाई जा सकेगी.
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