Chandrayaan 3 Mission: कौन हैं रितु करिधाल जिन्हें दी गई है चंद्रयान की लैंडिंग की जिम्मेदारी, जानें
Chandrayaan 3 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान(ISRO) ने अपने महत्वपूर्ण मिशन चंद्रयान-3 को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इसरो की ओर से 14 जुलाई यानि शुक्रवार को दोपहर करीब ढाई बजे इस मिशन को लांच किया जाएगा। भारत के इस मिशन की ओर दुनिया टकटकी लगाकर देख रही है और सभी लोग उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब भारत चंद्रयान-3 मिशन को लांच करेगा। खास बात यह है कि इस मिशन को संभालने के लिए इस बार इसरो की ओर से एक महिला को जिम्मेदारी दी गई है, जो कि ऋतु करिधाल हैं। उन्हें चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग कराने की जिम्मेदारी दी गई है। आखिर क्यों दी गई है रितु करिधाल को जिम्मेदारी, हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे।
Chandrayaan 3 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान(ISRO) चंद्रयान-3 मिशन को लेकर चर्चा में बना हुआ है। इस नई घोषणा के बाद से दुनियाभर की निगाहें भारत की ओर आकर टिक गई हैं और 14 जुलाई की उस दोपहर का इंतजार कर रही हैं, जब भारत चंद्रयान मिशन-3 को लांच करेगा।
भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण इस अभियान को सफल बनाने में दिन-रात अधिकारी लगे हुए हैं और इसमें कई महिला अधिकारी भी शामिल हैं। इन अधिकारियों में शामिल हैं इसरो की अधिकारी ऋतु करिधाल, जिन्हें चंद्रयान-3 मिशन की सफलतापूर्वक लैंडिंग की जिम्मेदारी गई है।
हालांकि, क्या आप रितु करिधाल के बारे में जानते हैं और क्या आपको पता है कि रितु करिधाल को यह जिम्मेदारी क्यों दी गई है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
चांद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी लैंडिंग
आपको बता दें कि इस बार चंद्रयान 3 मिशन की लैंडिंग चांद के उस क्षेत्र में होने जा रही है, जिसे चांद का दक्षिणी ध्रुव भी कहा जाता है।
यहां अभी तक दुनिया के किसी भी देश ने लैडिंग नहीं करवाई है। ऐसे में भारत की इस लैंडिंग को लेकर पूरी दुनिया की नजरें भारत के इस मिशन पर टिकी हुई हैं।
प्रोजेक्ट में हैं कितने अधिकारी
भारत के इस महत्वपूर्ण मिशन में पुरुषों के साथ-साथ महिला अधिकारियों को भी लगाया गया है। इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने जानकारी दी थी कि इस मिशन में कुल 29 उप-निदेशक और 55 प्रोजेक्ट मैनेजर काम कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
कौन हैं रितु करिधाल
रितु करिधाल मूल रूप से उत्तरप्रदेश के लखनऊ की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एग्नीस स्कूल से पूरी करने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय से फिजिक्स में एमएससी किया।
इसके बाद उन्होंने बंगलुरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक किया। वह पीएचडी के लिए भी पढ़ रही थी, हालांकि इस दौरान उनका चयन इसरो में हो गया।

क्यों दी गई है लैंडिंग की जिम्मेदारी
रितु करिधाल को इसरो में लंबा अनुभव है। साल 2007 में उन्हें इसरो की ओर से यंग साइंटिस्ट का अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके साथ ही वह मगंलयान में डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर व चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर रही हैं।
उन्हें अंतरिक्ष में इस तरह के मिशन को लेकर अच्छा अनुभव है। ऐसे में इस बार उन्हें चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
रितु को देश में रॉकेट वुमन के रूप में भी जाना जाता है। आपको बता दें कि इस मिशन में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में पी.वीरा मुथुवेल भी शामिल हैं व इसके मिशन डायरेक्टर मोहन कुमार हैं।
इस बार खास रूप से भेजा जा रहा है चंद्रयान 3
चंद्रयान 3 को इस बार खास तरह से भेजा जा रहा है। इस बार इसे ऑर्बिटर के साथ नहीं भेजा जा रहा है, बल्कि प्रोपल्शन मॉड्यूल के साथ भेजा जा रहा है, जिसे भारत में ही तैयार किया गया है।
चंद्रयान में इस बार फ्यूल भी अधिक भेजा जा रहा है, जिसका वजन 1600 किलो से अधिक है। वहीं, पूरे चंद्रयान-3 का वजन 2145.01 किलो है।
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