Vote और Poll में क्या होता है अंतर, जानें
कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसे लेकर चुनावी पार्टियों ने अपना-अपना मेनिफेस्टो जारी करना शुरू कर दिया है। वहीं, चुनावी मौसम में हमें Vote और Poll जैसे शब्दों के बारे में सुनने को मिलता है। इस लेख के माध्यम से हम इन दोनों के बीच अंतर को समझेंगे।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 का बिगुल बज चुका है। इस कड़ी में विभिन्न राजनीतिक पार्टियां चुनावी मैदान में उतर रही हैं। चुनावी मौसम में हमें Vote और Poll जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं, जिनका चुनाव के दौरन प्रयोग किया जाता है। कई बार लोग अक्सर इन दोनों के बीच दुविधा में पड़ जाते हैं। हालांकि, इन दोनों में ही अंतर मौजूद है। इस लेख के माध्यम से हम इन दोनों की परिभाषाएं समझने के साथ इन दोनों के बीच अंतर को जानेंगे।
क्या होता है Vote
Vote वह है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को चुनाव प्रक्रिया में उसकी पसंद का उम्मीदवार चुनने का मौका दिया जाता है। वोट के माध्यम से ही वह अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट देकर अपना समर्थन देता है। भारत में वोट करने के लिए व्यक्ति की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, पहले यह 21 वर्ष हुआ करती थी, जिसे बाद में बदलकर 18 वर्ष किया गया। वोट के अधिकार के तहत किसी भी प्रकार की जाति, धर्म और जेंडर से परे, वोट देने का अधिकार है।

क्या होता है Electoral
आपको बता दें कि हर चुनाव में इलेक्टोरल का भी महत्व होता है। यह वह दस्तावेज होता है, जिसमें किसी भी विधानसभा के मतदाताओं का पंजीकरण किया जाता है। इलेक्टोरल को हर चुनाव में अपडेट किया जाता है। क्योंकि, इसमें वह युवा शामिल होते हैं, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली होती है। वहीं, उन लोगों का नाम लिस्ट से हटा दिया जाता है, जिनका मृत्यु हो गई होती है।
क्या होता है Poll
Poll आमतौर पर एक सर्वे के माध्यम से चुनाव के रूझान बताते हैं। यह मतदान होने के बाद किया जाता है, जिससे पता चलता है लोगों का किस पार्टी की तरफ अधिक रूझान है। वहीं, यह कई प्रकार के होते हैं, जैसे एक्जिट पोल और ओपिनियन पोल आदि। कुछ संस्थान विशेषतौर पर पोल का आयोजन कराते हैं, जिससे आधिकारिक रूप से मतदान परिणाम जारी होने से पहले ही विजयी हो रही पार्टी का जीत का पता चल सके। हालांकि, इस तरह के पोल आधिकारिक नहीं होते हैं।
Vote और Poll में प्रमुख अंतर
-Vote के माध्यम से किसी भी व्यक्ति द्वारा उसके पसंद के उम्मीदवार को चुनने का मौका दिया जाता है, जबकि Poll व्यक्तियों के मतदान के रूझान को दर्शाता है।
-Vote चुनाव प्रक्रिया में शुरुआत में हो जाता है, जबकि Poll मतदान खत्म होने के बाद शुरू होता है।
-Vote के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से मतदान कराया जाता है, जबकि Poll का आयोजन विभिन्न एजेंसियों द्वारा होता है।
-Vote के लिए मतदान करने वाले सभी लोगों को शामिल किया जाता है, जबकि Poll में कुछ मतदाताओं को शामिल कर रूझान बताए जाते हैं।
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