National Cinema Day 2023: भारत का पहला सिनेमाघर कौन-सा है और क्या है इसकी कहानी, जानें
National Cinema Day 2023: भारत में शायद ही कोई व्यक्ति होगा, जिसने कभी कोई फिल्म न देखी हो। क्योंकि, भारतीयों के जीवन में फिल्मों का अहम स्थान है। शनिवार या रविवार की छुट्टी हो या फिर कोई नई फिल्म रिलीज हुई हो, भारतीय फिल्म देखने का समय निकाल ही लेते हैं। मौजूदा समय में बेशक मोबाइलों पर ही नई फिल्मों को देखा जा सकता है, लेकिन आज भी लोगों में सिनेमाघरों में पहुंच फिल्में देखने को क्रेज बाकी है। हर साल 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय सिनेमा दिवस का आयोजन किया जाता है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला सिनेमाघर कौन-सा है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
National Cinema Day 2023: भारत के आर्थिक विकास के पहिये को रफ्तार देने के लिए फिल्म उद्योग का भी अहम योगदान है। महाराष्ट्र के मुंबई को फिल्मों की नगरी भी कहा जाता है। दादा साहेब फाल्के को भारतीय फिल्म उद्योग का पिता भी कहा जाता है, जिनके नाम पर मुंबई में फिल्म सिटी भी है।
किसी भी फिल्म के बनने के बाद उसकी रिलीज में सिनेमाघरों का अहम योगदान होता है। हालांकि, तेजी से बदलते वक्त के साथ फिल्मों को रिलीज करने का तरीका भी बदला है और अब सिनेमाघरों की जगह लोगों के मोबाइल ने ले ली है। हर साल 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय सिनेमा दिवस (National Cinema Day) का आयोजन किया जाता है।
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अब मोबाइल पर ही ओटीटी प्लेटफॉर्म की मदद से फिल्मों को रिलीज कर दिया जाता है, लेकिन आज भी लोगों में सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखने की दिवानगी कम नहीं हुई है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला सिनेमाघर कौन-सा है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम भारत के पहले सिनेमाघर के बारे में जानेंगे।
कौन-सा है भारत का पहला सिनेमाघर
भारत में वर्तमान में 12 हजार से अधिक सिनेमाघर हैं, जो कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। ऐसे में इनमें से एक सिनेमाघर ऐसा भी था, जो कि भारत का पहला सिनेमाघर था। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता शहर में चैपलिन सिनेमा भारत का सबसे पुराना और पहला सिनेमाघर था।

किसने और कब बनवाया था
अब बात करें इसके निर्माण की, तो साल 1907 में जमशेद जी रामजी मदन द्वारा इस सिनेमा हॉल की नींव रखी गई थी। उन्होंने इस सिनेमाहॉल का निर्माण करवाया था। यह सिनेमाघर एक सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर हुआ करता था, जो कि 5/1 चौरंगी प्लेस में स्थित था।
जमशेदजी रामजी मदन ने एलफिंस्टन पैलेस नाम से इसकी स्थापना की थी, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर मिनर्वा कर दिया गया।
2013 में कर दिया गया था धवस्त
समय ने रफ्तार का हाथ थामा, तो तेजी से निकलने वक्त के साथ सिनेमाघर भी बूढ़ता होता चला गया और अंत में बंद हो गया। काफी समय तक बंद रहने के कारण अंत में साल 2013 में नगर निगम द्वारा इस सिनेमाघर को ध्वस्त कर दिया गया।
आपको बता दें कि इसके बाद साल 1911 में मुंबई में रॉयल थियेटर की स्थापना की गई थी और साल 1913 में भारतीय स्वामित्व वाला गेयटी बना था। वहीं, दिल्ली में 1932 में कनॉट प्लेस में रिगल सिनेमा बना था, जो कि अब बंद हो गया है।
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