भारतीय क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड ने भारतीय महिला क्रिकेट खिलाडियों को 3 श्रेणियों में बांटा गया है. ये श्रेणियां हैं A,B और C. यह कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2019 से सितम्बर 2020 के बीच लागू रहेगा.
गौर करने वाली बात यह है कि परुषों और महिलाओं के कॉन्ट्रैक्ट में बहुत बड़ी असमानता है. ग्रेड A के पुरुष खिलाड़ी को हर साल 5 करोड़ रुपये मिलते हैं जबकि इसी श्रेणी में महिला खिलाड़ी को सिर्फ 50 लाख रुपये मिलते हैं.
भारतीय महिला क्रिकेट खिलाडियों की ग्रेड इस प्रकार है; (Indian women's cricket team Grade);
सीनियर महिला ग्रेड A: हर साल 50 लाख रुपये मिलते हैं.
सीनियर महिला ग्रेड B: हर साल 30 लाख रुपये मिलते हैं.
सीनियर महिला ग्रेड C: हर साल 10 लाख रुपये मिलते हैं.
BCCI के नए कॉन्ट्रैक्ट में महिला खिलाडियों को तीन श्रेणियों में इस प्रकार रखा गया है; (BCCI Annual Contract 2019-20)
ग्रेड A: इस ग्रेड में 3 महिला खिलाड़ी शामिल हैं.पिछली साल इसमें 4 खिलाड़ी थे. इस साल मिताली राज को इस ग्रेड से हटा दिया गया है.
1. पूनम यादव
2. हरमनप्रीत कौर
3. स्मृति मंधाना
ग्रेड B: इस साल इस ग्रेड में 2 खिलाडियों को बढ़ाया गया है. पिछले साल इस ग्रेड में 6 महिला खिलाड़ी थे.
1. मिताली राज
2. झूलन गोस्वामी
3. एकता बिष्ट
4. राधा यादव
भारत के प्रमुख घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों की सूची
5. तानिया भाटिया
6. शिखा पाण्डेय
7. जेमिमा रोड्रिग्स
8. दीप्ति शर्मा
ग्रेड C: इस ग्रेड में 11 महिला खिलाड़ी शामिल हैं जबकि पिछली साल इसमें केवल 9 खिलाड़ी थे.
1. वेदा कृष्णामूर्ति
2. पूनम राउत
3. मानशी जोशी
4. अनुजा पाटिल
5. हेमलता
6. अरुंधती रेड्डी
7. राजेश्वरी गायकवाड
8. पूजा वस्त्राकर
9. हरलीन देओल
10. प्रिया पुनिया
11. शैफाली वर्मा
भारतीय महिला क्रिकेटरों को पुरुषों की तुलना में कम सैलरी क्यों मिलती है (Why do Indian women cricketers get less salary than men?)
दरअसल, भारत में पुरुष क्रिकेट ज्यादा पसंद किया जाता है जिसके कारण विज्ञापन कम्पनियाँ पुरुष टीम के कॉन्ट्रैक्ट को काफी महँगी बोली लगाकर खरीदतीं हैं, पुरुष टीम के मैचों में भारी भीड़ भी होती है, जिसके कारण टिकटों की बिक्री से बहुत इनकम होती है.
इसके अलावा पुरुष मैचों के दौरान लगाये जाने वाले विज्ञापनों से भी BCCI को काफी इनकम होती है जबकि इस प्रकार की इनकम महिला क्रिकेट में नहीं होती है.
यही कारण है कि BCCI जितना ज्यादा पुरुष टीम से कमाती है उतना ज्यादा ही पुरुष खिलाडियों को सैलरी दी जाती है. सन्यास लेने के बाद BCCI से हर महीने पेंशन भी मिलती है लेकिन यहाँ पर पुरुष खिलाडियों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा पेंशन मिलती है.
पुरुष खिलाड़ी विज्ञापनों से भी भारी भरकम आय कमाते हैं जबकि महिला क्रिकेटरों को बहुत कम या फिर ना के बराबर विज्ञापन मिलते हैं.
उम्मीद है कि इस लेख को पढने के बाद आप जन गये होंगे कि भारतीय महिला क्रिकेटरों को कितनी सैलरी मिलती है और पुरुषों की तुलना में कम सैलरी क्यों मिलती है?
जानें भारतीय पुरुष क्रिकेटरों को कितनी सैलरी मिलती है?
भारत में रिटायर्ड क्रिकेट खिलाडियों को कितनी पेंशन मिलती है?
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