उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा किला कौन-सा है, जानें यहां
उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यह राज्य कुल 240,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत का यह राज्य अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के इतिहास में राज्य के किलों का भी विशेष महत्त्व है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी का सबसे बड़ा किला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत के उत्तर में जब भी प्रमुख राज्यों की बात होती है, तो इसमें उत्तर प्रदेश राज्य का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। भारत का यह राज्य सदियों का इतिहास समेटे हुए है। यह राज्य न सिर्फ भौगोलिक रूप से महत्त्वपूर्ण केंद्र है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से भी महत्त्वपूर्ण केंद्र है।
राज्य के इतिहास में यहां के किलों का भी अहम योगदान है। इस कड़ी में हमें यहां कई भव्य किले देखने को मिलते हैं, जो सदियों से समृद्ध इतिहास के प्रतीक हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी का सबसे बड़ा किला कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश का क्या इतिहास रहा है
उत्तर प्रदेश के इतिहास की बात करें, तो इसका इतिहास हजारों साल पुराना है। पहले यहां कोसल और पांचाल सम्राज्य हुआ करता था। बाद में यहां शर्की पहुंचे और उन्होंने यहां जौनपुर बसाया। जब मुगलों का राज हुआ, तो उन्होंने यहां अवध सूबा बसाया और इसकी कमान नवाबों के हाथों में चली गई।
ब्रिटिश का कब्जा हुआ, तो उन्होंने उत्तर-पश्चिम प्रांत बनाया और बाद में इसे अवध सूबे में मिला दिया, जिसके बाद यह संयुक्त प्रांत बना। देश आजाद होने के बाद प्रदेश का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा किला कौन-सा है
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े किले की बात करें, तो यह आगरा का किला है, जो कि एक विश्व धरोहर भी है। इसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी पहुंचते हैं।
कितना बड़ा है आगरा का किला
आगरा का किला कुल 94 एकड़ यानि कि 455960 वर्ग गज में फैला हुआ है। यह किला अपनी भव्यता और वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इसकी बाहरी दीवारों की ऊंचाई करीब 70 फीट है, जिसे दुश्मनों के लिए चढ़ना बहुत ही मुश्किल था। वहीं, किले के चारों तरफ एक गहरी खाई भी है, जिसमें बड़े-बड़े मगरमच्छों को रखा जाता था, जिससे दुश्मन किले की दीवारों तक न पहुंच सके।
1983 में मिला विश्व धरोहर का दर्जा
साल 1983 में आगरा के किले को विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया। इस किले में दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, मोती मस्जिद, जहांगीर महल और शीश महल मौजूद है।
1857 की क्रांति में अहम स्थान
आगरा का किला भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में महत्त्वपूर्ण स्थान रहा था। उस समय यहां हजारों ब्रिटिश परिवारों ने शरण ले रखी थी। ब्रिटिश अधिकारी इस स्थान से ही पूरे शहर पर पुनः कब्जा करने की योजना बना रहे थे। किले की ऊंची-ऊंची दीवारों ने तब क्रांतिकारियों को रोकने में मदद की थी।
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