Neeraj Chopra: जैवेलिन रैंकिंग में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी बने नीरज चोपड़ा, जानें उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें
Neeraj Chopra: पुरुष मेन जैवेलिन में नीरज चोपड़ा विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 1455 अंकों के साथ पहले स्थान पर जगह बनाई है। इसके बाद दूसरे स्थान पर ग्रेनाडा का एंडरसन पीटर्स हैं। इस लेख के माध्यम से हम नीरज चोपड़ा के के करियर के बारे में जानेंगे।
Neeraj Chopra: टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर करोड़ों भारतीयों की दिल जीतने वाले जैवेलिन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर करोड़ों भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। वह पुरुष जैवेलिन में विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 1455 अंकों के साथ विश्व में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, दूसरे स्थान पर ग्रेनाडा का एंडरसन पीटर्स हैं, जिन्होंने 1433 अंक हासिल किए हैं। इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर पदक जीतने वाले चेक रिपब्लिक के जैकुब 1416 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। हालांकि, नीरज का यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। इस लेख के माध्यम से हम उनसे जुड़ी कुछ खास बातों को जानेंगे।
हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा मूलरूप से हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं। उनका जन्म 24 दिसंबर को पानीपत के खंडरा गांव में हुआ था। परिवार का मूल काम खेती हुआ करता था। वहीं, चोपड़ा की दो बहनें भी हैं, जो कि चंडीगढ़ के कॉलेज से ग्रेजुएट हैं।
बचपन में मोटापे का थे शिकार
नीरज चोपड़ा बचपन में मोटापे का शिकार थे। इस वजह से उन्हें उनके दोस्त चिड़ाया करते थे, जिसे देखते हुए उनके पिता ने उन्हें जिम में भेजना शुरू किया। नीरज जब पानीपत स्पोर्ट्स ऑथिरिटी में जाया करते थे, तब जयवीर चौधरी ने उनका टैलेंट पहचाना। वह उनके पहले गुरू भी थे।
पंचकुला में शुरू किया प्रशिक्षण
नीरज ने खेल के मूल गुर सीखने के बाद पंचकुला के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में नसीम अहदम के नेतृत्व में अपना प्रशिक्षण शुरू किया। उन्होंने 55 मीटर की भालाफेंक प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार किया, लेकिन जब वह 2012 में लखनऊ चैंपियनशिप में पहुंचे, तो उन्होंने 68 मीटर भाला फेंककर रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने सीनियर नेशनल गेम्स में 70 मीटर और जूनियर नेशनल गेम्स में 80 मीटर तक भाला फेंका।

पटियाला में शुरू हुआ प्रशिक्षण
नीरज द्वारा शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें पटियाला में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया, जहां उन्हें और अच्छा प्रशिक्षण दिया गया।
2014 में जीता पहला मेडल
नीरज ने अपना पहला मेडल साल 2014 में सिल्वर मेडल के रूप में जीता था। उन्होंने बैंककॉक में आयोजित हुई प्रतियोगिता में यूथ ओलंपकि के लिए क्वालिफाई किया था।
86 मीटर का रिकॉर्ड बनाकर जीता गोल्ड मेडल
नीरज ने अपना पहला गोल्ड मेडल साल 2016 में IAAF World U20 Championships में जीता। उन्होंने इस जैवेलिन थ्रो में 86.48 मीटर का जूनियर कैटेगरी में विश्व रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि, वह इस साल तारीख की परेशानी की वजह से रियो ओलंपिक जाने से रह गए थे।
नीरज चोपड़ा द्वारा जीते गए गोल्ड मेडल
2016: पोलैंड में वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप- 86.48 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड
2018: फ्रांस में सोटेविले एथलेटिक्स मीट- 85.17 मीटर के साथ गोल्ड
2018: फिनलैंड में सावो गेम्स- 85.6 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड
2018: ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ गेम्स- 86.47 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड
2018: जकार्ता में एशियाई खेल- 88.06 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड
2021: टोक्यो में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक- 87.58 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड
गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी
आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा शूटिंग खिलाड़ी अभिवन बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने गोल्ड मेडल जीता है। साल 2018 में नीरज को अर्जुन अवॉर्ड, 2020 में विशिष्ट सेवा मेडल और 2022 में भारत के चौथे सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
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