Jasdeep Singh Gill Story: कौन हैं जसदीप सिंह गिल? केमिकल इंजीनियर से धार्मिक गुरु बनने तक की कहानी
Jasdeep Singh Gill Story: हाल ही में फार्मास्यूटिकल उद्योग के विशेषज्ञ जसदीप सिंह गिल (Jasdeep Singh Gill) को अमृतसर स्थित डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) का अगला आध्यात्मिक प्रमुख चुना गया है. उनकी जीवन की यह अद्वितीय कहानी न केवल उनके व्यक्तिगत परिवर्तन की कहानी है, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक खोज और धार्मिक नेतृत्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की भी है. बता दें कि मार्च 2024 तक, वह वेल्थी थेरेप्यूटिक्स के बोर्ड सदस्य थे. चलिये जानें इनके बारें में.
Jasdeep Singh Gill Story: हाल ही में फार्मास्यूटिकल उद्योग के विशेषज्ञ जसदीप सिंह गिल (Jasdeep Singh Gill) को अमृतसर स्थित डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) का अगला आध्यात्मिक प्रमुख चुना गया है. मुंबई में बसे 45 वर्षीय गिल, मौजूदा डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का स्थान लेंगे, उन्होंने 31 मई को सिप्ला के मुख्य रणनीतिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रबंधन कर्मी के पद से इस्तीफा दे दिया था.
हाल ही में डेरा के सचिव देवेंद्र सिंह सिकरी ने एक लिखित संदेश के माध्यम से संगत (अनुयायियों) को ढिल्लों का निर्णय बताया. बता दें कि गिल तत्काल प्रभाव से डेरा ब्यास सोसाइटी के संरक्षक के रूप में कार्यभार संभालेंगे.बता दें कि मार्च 2024 तक, वह वेल्थी थेरेप्यूटिक्स के बोर्ड सदस्य थे.
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क्यों चुना गया नया प्रमुख:
बता दें कि मौजूदा डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों कैंसर की बीमारी का सामना कर रहे हैं, इसके अलावा वह हृदय रोग से भी पीड़ित हैं, जिस कारण राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) का नया प्रमुख जसदीप सिंह गिल को बनाया गया है. बता दें कि उनके पास दीक्षा देने का अधिकार होगा.
69 वर्षीय ढिल्लों ने अपने जीवनकाल में ही उत्तराधिकारी घोषित करने की परंपरा का पालन किया है. खुद ढिल्लों को 1990 में उनके पूर्ववर्ती बाबा चरन सिंह द्वारा डेरा प्रमुख नामित किया गया था.
कौन है जसदीप सिंह गिल?
जसदीप सिंह गिल केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम से केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर और आईआईटी, दिल्ली से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग और बायोटेक्नोलॉजी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है. जसदीप सिंग गिल की पत्नी पेशे से डॉक्टर हैं.
वह 2024 तक वेल्थी थेरेप्यूटिक्स के सदस्य रहे. साथ ही उन्होंने रेनबैक्सी में सीईओ के कार्यकारी सहायक भी रहे है. वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एंटरप्रेन्योर्स में अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं.
गिल के पिता सुखदेव सिंह एक पूर्व सेना अधिकारी हैं और भारत में डेरा के सैकड़ों सत्संगों के प्रबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं. गिल की मां ब्यास में स्थित डेरा परिसर के एक हॉस्टल का प्रबंधन करती हैं.
पंजाब के सबसे प्रमुख डेरों में से एक माने जाने वाले RSSB के पास पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में जमीनें हैं. साथ ही डेरा के लाखों अनुयायी भी है.
गिल सिप्ला लिमिटेड में साल 2019 से 2024 तक मुख्य रणनीति अधिकारी (Chief Strategy Officer) के रूप में कार्य किये है. गिल ने फार्मास्यूटिकल्स में एक बड़ा प्रभाव डाला था.
बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के करीबी रिश्तेदार जसदीप सिंह लगभग पांच दशकों से अपने परिवार के साथ ब्यास प्रतिष्ठान में रह रहे हैं. 15 मार्च 1979 को पंजाब के मोगा में जन्मे उनके पिता सुखदेव सिंह गिल एक सेवानिवृत्त सेना कर्नल हैं.
31 मई, 2024 को संप्रदाय की गतिविधियों में पूर्णकालिक रूप से शामिल होने से पहले, जसदीप स्वास्थ्य सेवा उद्योग में एक कॉर्पोरेट रणनीतिकार के रूप में काम कर रहे थे.
90 देशों में डेरा ब्यास के अनुयायी:
पंजाब में बाबा जयमल सिंह जी महाराज के द्वारा राधा स्वामी सत्संग की स्थापना साल 1891 में की गयी थी. देश-विदेश में इस डेरा के लाखों अनुयायी है. राधा स्वामी सत्संग पंजाब में ब्यास नदी के पास है. बता दें कि समय-समय पर देश के शीर्ष राजनेता भी डेरा ब्यास जाते रहते हैं. डेरा ब्यास के अनुयायी दुनिया के लगभग 90 देशों में है.
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