भारत में आमतौर पर पति-पत्नी दोनों के उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्य करते हुए सुना ही जाता है, लेकिन इस बार केरल राज्य में कुछ अलग हुआ है. केरल के निवर्तमान मुख्य सचिव डॉ. वी. वेणु ने 31 अगस्त को अपना पद अपनी पत्नी शारदा मुरलीधरन को सौंपा, जिसे एक अनूठी पहल के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने अपनी बैठक में शारदा मुरलीधरन की नियुक्ति को मंजूरी दी थी जिसके बाद यह देखने को मिला.
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इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा:
केरल में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक पति-पत्नी ने एक ही पद पर एक-दूसरे का उत्तराधिकार संभाला है. 31 अगस्त को निवर्तमान मुख्य सचिव डॉ. वी. वेणु ने अपने पद से विदाई ली और अपनी पत्नी शारदा मुरलीधरन को पद सौंप दिया. शारदा मुरलीधरन, 1990 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जो पहले योजना और आर्थिक मामलों की अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थीं.
दोनों एक ही बैच के आईएएस अधिकारी:
केरल सरकार ने 21 अगस्त को शारदा मुरलीधरन की मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति की पुष्टि की थी. दिलचस्प बात यह है कि दोनों पति-पत्नी, वी. वेणु और शारदा मुरलीधरन, 1990 बैच के ही आईएएस अधिकारी हैं. हालांकि, वी. वेणु अपनी पत्नी से कुछ महीनों बड़े हैं.
इस ऐतिहासिक परिवर्तन की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर इस औपचारिक समारोह का वीडियो साझा किया. थरूर ने कहा, "भारत में शायद पहली बार ऐसा हुआ है (कम से कम जो याद किया जा सकता है), जब केरल के निवर्तमान मुख्य सचिव, डॉ. वी. वेणु ने मुख्य सचिव का पद अपनी पत्नी शारदा मुरलीधरन को सौंपा है."
शुक्रवार को वी. वेणु के विदाई समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस ऐतिहासिक घटना पर अपनी बात रखी और कहा कि केरल में पहले भी पति-पत्नी की जोड़ी ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है, लेकिन यह पहली बार है जब एक मुख्य सचिव के बाद उनकी पत्नी ने पदभार संभाला है.
8 महीने और सेवा में रहेंगी शारदा:
शारदा मुरलीधरन ने इस परिवर्तन को एक अजीब अनुभव बताया, खासकर इसलिए क्योंकि उन्हें अपने पति के रिटायरमेंट के बाद आठ महीने और सेवा में रहना है. उन्होंने कहा, "अब मुझे थोड़ा चिंता हो रही है क्योंकि उनके रिटायरमेंट के बाद मुझे आठ महीने और सेवा करनी है. हम 34 वर्षों से सिविल सेवा में एक साथ काम कर रहे हैं, लेकिन मैंने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया कि हम दोनों एक साथ सेवा से विदा नहीं लेंगे."
एम.एन. बुच और निर्मला बुच:
भारत में ऐसे कुछ उदाहरण हैं जहां पति-पत्नी दोनों ने उच्च प्रशासनिक पदों पर सेवा की है, हालांकि, पति से पत्नी द्वारा मुख्य सचिव पद का उत्तराधिकार संभालने का यह केरल का मामला संभवतः पहला है.
एम.एन. बुच मध्य प्रदेश कैडर के एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी थे और उनकी पत्नी निर्मला बुच भी आईएएस अधिकारी थीं. एम.एन. बुच को साल 2011 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. हालांकि दोनों ने एक साथ सेवा की, परन्तु उन्होंने एक-दूसरे का उत्तराधिकार नहीं संभाला.
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— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) September 1, 2024
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