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गाड़ियों के शीशे पर क्यों होती हैं काले रंग की बिंदियां, जानें

Last Updated: May 25, 2023, 11:56 IST

यदि आपके पास कार है या फिर आप किसी सार्वजनिक वाहन से सफर करते होंगे, तो आपने गौर किया होगा कि गाड़ियों के कांच के किनारों पर काले रंग की बिंदियां बनी होती हैं। हालांकि, क्या आपने कभी ध्यान दिया है आखिर इन बिंदियों को क्यों बनाया जाता है। कोई खास वजह या सिर्फ डिजाइन के लिए, इन बिंदियों को बनाने की क्या है वजह, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

शीशे पर काले रंग की बिंदियां
शीशे पर काले रंग की बिंदियां

जब भी आप किसी सार्वजनिक वाहन बस, मेट्रो या फिर एसी ट्रेन से सफर करते होंगे, तो आपने इनकी खिड़कियों पर लगे शीशों के किनारों पर काले रंग कि बिंदियां देखी होंगी। हालांकि, यह काले रंग के डॉट्स आपको अपनी कार के शीशे के किनारों पर भी देखने को मिल सकते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर वाहनों के शीशे पर इन Black Dots को क्यों बनाया जाता है। इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या फिर सिर्फ डिजाइन के लिए इन्हें शीशों पर बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि शीशे पर दिखने वाले इन काले रंग के डॉट्स के पीछे कई कारण हैं। इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे इनके पीछे की कहानी। 

 

शीशे के चारों ओर बने होते हैं Black Dots

गाड़ियों के शीशे पर कंपनी की ओर काले रंग के डॉट्स बनाए जाते हैं। कुछ कंपनियों की ओर इनका आकार गोल किया जाता है, जबकि कुछ कंपनियां इनका आकार चकोर रखती हैं। इन काले डॉट्स को शीशे के चारों ओर बनाया जाता है। शुरुआत में यह बिंदियां गहरे काले रंग की होती हैं, लेकिन बाद में यह आकार में छोटी होती जाती हैं। 

 

Black Dots का पहला कारण 

कंपनियां शीशे का निर्माण करने के बाद इन्हें गाड़ियों के विंडस्क्रीन पर चिपकाने के लिए एक विशेष प्रकार की काली गोंद का इस्तेमाल करती हैं, जिसे Urethane कहा जाता है। ऐसे में समय के साथ-साथ और सूरज की तपिश और रोशनी से यह ग्लू पिघलने लगती है। ऐसे में शीशे पर बने यह डॉट्स ग्लू को पिघलने से बचाते हैं, जिससे शीशे अपनी जगह पर मजबूती से चिपका रहता है। आपको बता दें कि काले रंग के यह डॉट्स विशेष प्रकार के पदार्थ सिरेमिक से बने होते हैं। 

 

क्या है दूसरा कारण

कांच हर मौसम की मार झेलते हैं। गर्मी के मौसम में यह बहुत जल्दी गर्म हो जाते हैं। अधिक गर्म होने की वजह से इनमें लगी ग्लू के पिघलने की संभावना रहती है। ऐसे में कांच के किनारों पर बनाए गए यह डॉट्स तापमान को एक समान वितरित करते हैं, जिससे एक जगह पर शीशे गर्म नहीं होते हैं। इस वजह से कांच अपनी पकड़ को बनाए रखता है। 

 

लंबे समय तक बने रहते हैं Dots

इन डॉट्स को शीशे पर इस तरह से बनाया जाता है कि ये लंबे समय तक शीशे पर बने रहते हैं। हालांकि, कई सालों तक मौसम की मार झेलने के बाद यह डॉट्स हल्के पड़ने लगते हैं। डॉट्स के हल्के होने पर ग्लू के पिघलने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, यह एक लंबी प्रक्रिया है। 

 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: May 25, 2023, 11:48 IST

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