सहकर्मी से हुए विवाद को सुलझाने के 6 आसान उपाय

किसी भी कार्यालय में एक सौहार्द पूर्ण माहौल बनाकर काम करना वास्तव में एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है.

Oct 24, 2017 19:02 IST
Modified On: Oct 26, 2017 18:16 IST
6 simple ways to handle conflict with co-workers professionally
6 simple ways to handle conflict with co-workers professionally

किसी भी कार्यालय में एक सौहार्द पूर्ण माहौल बनाकर काम करना वास्तव में एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है. यह कार्य थोड़ा मुश्किल उस समय और हो जाता है जब आपको भिन्न भिन्न वर्ग समुदाय, धर्म तथा रीति रिवाज को मानने वालों के साथ डील करना पड़ता है. अतः भिन्न भिन्न विचारधारा और प्रकृति वाले सहकर्मियों के साथ किसी भी मुद्दे पर विवाद होना स्वाभाविक है. कार्यालय में अपने सहकर्मियों के विवादों को सुलझाना अपने आप में बहुत कठिन काम होता है.कभी कभी इन विवादों के पीछे कुछ ठोस कारण होते है जबकि कभी कभी बिना किसी वजह के ही विवाद होते हैं. उदहारण के लिए जैसे बढ़ते कार्य दबाव को लेकर या फिर एयर कंडिशन के तापमान को लेकर. कार्य के दबाव को लेकर हुए विवाद का कारण तो समझ में आता है लेकिन एयर कंडीशन के तापमान को लेकर हुए विवाद को सुलझाने का आमतौर पर कोई सामान्य उपाय नहीं दिखाई देता है. कई एच आर टीम ने कर्मचारियों के बीच डिप्रेशन और असंतोष का मुख्य कारण कार्य स्थल पर सहकर्मियों से होने वाले विवाद को बताया है.

कार्यालय में सहकर्मियों के साथ होने वाले विवाद से बहुत आसानी से छुटकारा नहीं पाया जा सकता है. इसके लिए जरुरी है शांतिपूर्वक स्मार्ट तरीके से अपने सहकर्मी से बातचीत करके उसे निबटाना. इसके लिए आपको आत्म सयंमी, धैर्यवान और समस्या का आकलन कर उसके निराकरण की कला में स्मार्ट बनना पड़ेगा तभी आप प्रोफेशनल जगत में अपने कामयाबी का परचम लहरा पाएंगे.

यदि आप अपने कार्यालय के छोटे मोटे विवादों और झगड़ो से अपने आप को दूर रखना चाहते हैं,तो आपके लिए नीचे कुछ सरल टिप्स दिए गए हैं जिनको अपनाकर आप मानसिक शांति प्राप्त कर सकते हैं.

बहुत ज्यादा बातचीत करने से बचें

ध्यान रखिये कार्यालय में आप काम करने आते हैं सिर्फ बाते करने नहीं. बाते करना जरूरी होता है लेकिन सिर्फ जरुरत भर. किसी के साथ भी ज्यादा पर्सनल होने की कोशिश नहीं करें. अक्सर ऐसा होता है कि कार्यालय में जब किसी दो कर्मचारी के बीच विवाद होता है तो हम किसी एक पक्ष को लेकर दूसरे के साथ अपनी नाराजगी व्यक्त करते हैं लेकिन यह सही व्यवहार नहीं है. आपके लिए सब कोई बराबर है एवं आप हमेशा निष्पक्ष बने रहने की कोशिश करें. बेकार में किसी एक का पक्ष लेकर दूसरे पक्ष से अपनी दुश्मनी मोल न लें. इसलिए बेहतर है कि कार्यालय के गॉशिप से दूर रहकर अपने काम पर फोकस करें. ऐसा कर आप हर किसी के साथ निष्पक्ष व्यवहार बनाये रखने में सक्षम हो सकते है. 

किसी भी विवाद को बिना किसी मध्यस्थता के स्वयं सुलझाने की कोशिश करें

यदि आप अपने कार्यालय में अपने सहकर्मी के साथ किसी विवाद में उलझ गए हैं, तो सबसे पहले शांत मन से उस विवाद की गहराई तक जाकर उसका कारण जानने की कोशिश करते हुए उसे स्वयं हल करने की सफल कोशिश कीजिये. हो सके तो डायरेक्ट अपने सहकर्मी से इस सम्बन्ध में बात करें तथा उसे वस्तुस्थिति समझाने की कोशिश करते हुए विवाद को शांत या खत्म करें. यदि आप परिपक्वता के साथ अपने सहकर्मी की समस्या को समझते हुए समस्या का समाधान तलाशेंगे तो अवश्य ही आपको एक ऐसा रास्ता मिलेगा जो आपके तथा आपके सहकर्मी दोनों के लिए उपयुक्त होगा.

आम सहमति के आधार पर ही किसी प्रोजेक्ट पर कार्य करने की कोशिश करें

यदि आप अपने कार्यालय में एक टीम को लेकर किसी प्रोजेक्ट पर कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो स्वाभाविक है कि टीम के सभी सदस्यों के दृष्टिकोण, विचार, राय तथा कार्य करने का तरीका अलग होगा. अतः किसी भी तरह के मतभेद और विवाद से बचने का सबसे आसान उपाय है कि टीम के सभी सदस्यों के साथ बातचीत कर एक आम सहमति के आधार पर किसी प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करें. प्रारंभिक अवस्था में यह कार्य थोड़ा कठिन लग सकता है लेकिन बार बार अभ्यास करने से आप इस कला में निपुण हो जायेंगे तथा ऐसे छोटे मोटे विवादों को बड़ी आसानी से हल कर लेंगे. अपने सहकर्मियों की कमियों को देखने के साथ साथ अपनी कमी पर भी गौर करते हुए उसे दूर करने की कोशिश करें तभी आपके सहकर्मी आपकी बात सुनने को राजी होंगे.  

हमेशा खुले मन से बात करें

कभी कभी बहुत छोटी सी बात तर्कों की जाल में फंसकर एक बहुत बड़े झगड़े का स्वरुप धारण कर लेती है. आगे चलकर यह लड़ाई ईगो की लड़ाई बन जाती है. कार्पोरेट जगत में ऐसी लड़ाईयां ज्यादा प्रचलित हैं. ऐसी लड़ाईयों या विवादों का समाधान हमेशा खुले मन से करने पर ही इसके सकारात्मक परिणाम आपको मिलते हैं. अगर आप किसी तरह का पक्षपात या दुराग्रह अपने मन में रखते हैं तो ऐसे विवादों का सही समाधान निकालना थोड़ा मुश्किल होता है. इसलिए जब कभी आपका सामना कुछ इस तरह के विवादों से हो तो बिना किसी भेदभाव के खुले मन से उसका निराकरण करने की कोशिश कीजिये. आप उस विवाद को समाप्त करने में शत प्रति सफल होंगे.

अपरिहार्य स्थिति में ही थर्ड पार्टी को शामिल करें

कभी कभी वाद प्रतिवाद का दौर इतना गहन हो जाता है कि स्वयं उस विवाद का समाधान करना बहुत मुश्किल होता है. आप चाहकर भी अपने सहकर्मी को अपने विश्वास में नहीं ले सकते हैं. ऐसी परिस्थिति में आपको थर्ड पार्टी की मदद लेनी चहिये. लेकिन ध्यान रखिये मध्यस्थता करने वाला व्यक्ति निष्पक्ष, वरीष्ठ और ऐसा होना चाहिए कि उसकी बात दोनों पक्ष बिना किसी सवाल जवाब के मानने को तैयार हो. मध्यस्थता करने वाले व्यक्ति को न्यायप्रिय होना चाहिए तथा  दोनों पक्षों को ऐसा लगना चाहिए कि ये जोभी निर्णय लेंगे वो दोनों के लिए लाभदायी होगा. अगर ये सारी शर्तें पूरी होती हों तभी मध्यस्थता स्वीकार करें अन्यथा अपने स्तर पर ही विवादों को सुलझाएं.

पहले के अनुभव से सीख लें

जब भी कार्यालय में संघर्ष या विवाद होता है तो अपने पहले के अनुभवों से सीख लेते हुए उसका उचित समाधान निकाले. अगर आपका अनुभव कहता है कि ऐसे विवादों को आगे बढ़ाने से कोई फायदा नहीं तथा इसमें सिर्फ समय और शक्ति का खर्च मात्र ही होगा तो आप सहनशीलता के साथ स्वयं उस विवाद से हट जाएं, उससे अलग हो जाएं या फिर उसका अंत कर दें. हो सके तो छोटे मोटे झगड़ों को बस यूँ ही नजरंदाज कर दें तथा पुनः दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए नए सिरे से अपने रिश्ते तथा कार्य की शुरुआत करें. ऐसा करने से एक मैनेजर के रूप में अपनी टीम पर तथा सहकर्मी के रूप में कार्यालय के अन्य कर्मचारियों पर आपका सकारात्मक तथा प्रेरणास्पद प्रभाव पड़ेगा तथा लोग आपको सुनने तथा मानने को तैयार होंगे.

एक चुनौतीपूर्ण माहौल में कार्य करते समय कई तरह की समस्याएं सामने आती हैं. इस दौरान सहकर्मी के साथ हुआ विवाद एक बहुत बड़ी समस्या है जिसकी वजह से प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों लाइफ प्रभावित होती है तथा इससे करियर के ग्रोथ पर सीधे सीधे असर पड़ता है. इसलिए अगली बार आप जब कभी भी ऐसी स्थिति में आएं तो अवश्य ही ऊपर दिए गए उक्तियों का पालन करें. आप पायेंगे कि बड़ी सरलता से बिना किसी परेशानी के आपने विवादों का समाधान निकाल लिया.