Search

जागरण एजुकेशन फाउंडेशन (जेईएफ) के शैक्षिक संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाओं ने दी कोरोना को चुनौती

जेईएफ के शैक्षिक संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाओं ने दी कोरोना को चुनौती

Apr 26, 2020 13:57 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
Jagran Education Foundatoin
Jagran Education Foundatoin

भारत में भी कोरोना के संकट के निरंतर बढ़ते जाने के कारण देश भर में सार्वजनिक गतिविधियां थमने लगीं. श्री पूर्णचंद्र गुप्त स्मारक ट्रस्ट की ईकाई जागरण एजुकेशन फाउंडेशन (जेईएफ) के सभी शैक्षिक संस्थानों ने भी कक्षाओं में उपस्थित रहकर अध्ययन-अध्यापन का कार्य अगले सरकारी आदेशों तक स्थगित कर दिया. लेकिन विद्यार्थियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी के नाते जेईएफ ने अपने सभी स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियां नियमित रूप से चलाते रहने का संकल्प लिया.

वर्तमान चुनौती को ध्यान में रखते हुए जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एनीमेशन, जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन, नोएडा और कानपुर, जागरण स्कूल ऑफ लॉ, देहरादून और पूर्णचंद्र विद्या निकेतन समेत जागरण पब्लिक स्कूल की सभी शाखाओं में विभिन्न डिजिटल माध्यमों से पाठ्यक्रम पूरा कराया जा रहा है. जागरण एजुकेशन फाउंडेशन की सभी संस्थान पठन-पाठन के तौर-तरीकों में इस बात का खास ध्यान रख रहे हैं कि छात्र-छात्राओं को सैद्धांतिक अवधारणाएं अच्छी तरह समझाते हुए उनकी हर जिज्ञासा का समाधान किया जाए. जेईएफ की सभी शिक्षक संस्थानों में शिक्षक जरूरी अध्ययन सामग्री वाट्सएप्प और यू-ट्यूब इत्यादि पर दे रहे हैं. गूगल क्लासरूम, जूम, वेबेक्स लाइव और टीच-नेक्स्ट डिजिटल क्लासरूम जैसे माध्यमों पर व्यावहारिक परिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. व्यवहारिक विषय सिर्फ पढ़ाए और समझाए जा रहे हैं बल्कि इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि व्यवहारिक कार्य नियमित रूप से कराए जाते रहें और उनका निरंतर मूल्यांकन भी होता रहे. इसके लिए पीपीटी, केस स्टडी, समूह-चर्चा इत्यादि का सहारा लिया जा रहा है.

दैनिक जागरण समूह के एक प्रयास-जेईएफ के सभी स्कूल, कॉलेज और व्यवसायिक संस्थान अपनी स्थापना के बाद से ही उत्तम छवि बनाए हुए हैं. लेकिन इतने व्यापक स्तर पर और अचानक ही ऑनलाइन पठन-पाठन का जेईएफ की सभी संस्थानों के लिए भी यह पहला मौका है. इसके बावजूद जेइएफ के सभी छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन को अति उत्साह से स्वीकारा है. दूसरी तरफ, जेईएफ के ज्यादातर शिक्षक भी अध्यापन की इस नई विद्या में स्वयं को और बेहतर बना रहे हैं. कुछ शिक्षक ऐसे वेबिनार्स में शामिल हो रहे हैं तो कुछ शिक्षकों ने ऑनलाइन अध्यापन के प्रमुख कार्यक्रमों में अपना पंजीकरण करा लिया है.

जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स

जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में विषयगत व्याख्यानों के साथ ही विद्यार्थियों को पीपीटी और उनकी रूची के अनुसार अन्य व्यवहारिक कार्य भी दिये जा रहे हैं. बीबीए के चौथे और छठे सेमेस्टर के छात्र अपने मार्गदर्शक के निर्देशन में कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं.

जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स के छात्र-छात्राओं को अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं और कंपनियों से दो माह के ऑनलाइन परिक्षण का मौका मिला है. इनमें आइआइटी, कानपुर के साथ मिलकर वरजोई, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मिक्रोड़ेस्क जैसी विशव-प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं. इस परिक्षण कार्यक्रम में छात्र विशेषज्ञों के निर्देशन में सीखेंगे. लगभग 110 छात्र इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं.

जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन, नोएडा और कानपुर

जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन (जेआईएमएमसी), के दोनों केन्द्रों नोएडा और कानपुर में समय-सारिणी के अनुसार व्याख्यान और व्यवहारिक कार्य दिए जा रहे हैं. पत्रकारिता के विद्यार्थियों को कुछ प्रमुख -अखबारों की पीडीएफ फाइल हर सुबह दी जाती है.

दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों को अखबार पढ़कर और टीवी समाचार चैनल देख कर रोज खबरें, समाचार-विश्लेषण और फीचर लिखने, एंकरिंग करने और टीवी समाचार बुलेटिन बनाने का काम दिया जाता है. छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की हर शाम प्रेस-वार्ता टीवी पर सुनकर खबर बनाने के लिए भी कहा जाता है. विज्ञापन के छात्र-छात्राओं को जिंगल्स लिखने, स्टोरी बोर्ड और अखबारों के लिए विज्ञापन बनाने तथा जन-संपर्क के छात्र-छात्राओं को केंद्र अथवा राज्य सरकार की सूचनाओं या घोषणाओं पर प्रेस विज्ञप्ति लिखने के काम दिए जा रहे हैं. विद्यार्थियों के रचनात्मक लेखन और अनुवाद के कौशल को निखारने की कोशिश पर भी ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि यह किसी भी मिडिया संस्थान में नौकरी के लिए अपरिहार्य है.

जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट

जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (जेआईएम) ने ऑनलाइन पढ़ाई का कार्यक्रम इस तरह बनाया है कि उनके विद्यार्थी डॉ। एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं में सर्वोत्तम दे सकें. जेआईएम विश्वविद्यालय के मानकों के अनुरूप विषयगत व्याख्यानों के साथ ही व्यवहारिक कार्य भी समझाए और कराए जा रहे हैं. जेआईएम में -पुस्तकालय की सुविधा भी है, जिसे शिक्षक विद्यार्थी के साथ साझा कर रहे हैं.

जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एनीमेशन

एनीमेशन व्यवहारिक विषय होने के कारण इसके ऑनलाइन परिक्षण में कुछ सीमाएं भी हैं. इसके बावजूद कैरेक्टर मॉडलिंग, एनवायरमेंट डिजाइनिंग, डिजिटल पेंटिंग तथा एनीमेशन जैसे विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं कुशलता से जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल एनीमेशन में चल रही हैं. इनमें क्ले मॉडलिंग और स्टॉप मोशन एनीमेशन भी शामिल हैं. छात्रों के व्यवहारिक कार्य को संस्थान के फेसबुक पेज पर नियमित रूप से डाला जा रहा है.

जागरण स्कूल ऑफ लॉ, देहरादून

देहरादून स्थित जागरण स्कूल ऑफ लॉ भी अपने सभी विद्यार्थियों के शैक्षिक हित में ऑनलाइन पढ़ाई का कार्यक्रम चला रहा है. इससे विद्यार्थियों और उनके माता-पिता की यह स्वाभाविक चिंता भी दूर हुई है कि पाठयक्रम कैसे पूरा होगा,कब तक पूरा होगा?

शिक्षकों ने हर सेमेस्टर के लिहाज से अलग-अलग वाट्सएप्प समूह बना रखे हैं ताकि अध्ययन-अध्यापन को लेकर संवाद प्रभावी ढंग से बनाए रखा जा सके.

जागरण एजुकेशन फाउंडेशन के पब्लिक स्कूल

श्री पूर्णचंद्र गुप्त स्मारक ट्रस्ट और इसकी इकाई जागरण एजुकेशन फाउंडेशन के तहत कानपुर स्थित पूर्णचंद्र विद्या निकेतन समेत नोएडा, लखनऊ और वाराणसी के जागरण पब्लिक स्कूलों में पहली से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए सोमवार से शनिवार प्रतिदिन लगभग 5-6 पीरियड तक ऑनलाइन पढ़ाई होती है. प्रत्येक पीरियड 30 से 40 मिनट का होता है.

एक कक्षा योग और शारीरिक व्यायाम की भी होती है जिसमें विद्यार्थी प्रशिक्षक को देख कर योगासन और अन्य शारीरिक व्यायाम करते हैं. प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाओं की शुरुआत प्रार्थना सभा फिर प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या के संभोधन से होती है.

Related Categories

Related Stories