ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी का पद केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), नगर निगमों, तकनीकी एवं संरचनात्मक डिजाइन से संबंधित विभागों एवं संस्थानों में होता है. ड्रॉफ्ट्समैन का पद विभिन्न ट्रेड्स में होता है, जैसे - ड्रॉफ्ट्समैन (सिविल), ड्रॉफ्ट्समैन (मेकेनिकल), ड्रॉफ्ट्समैन (इलेक्ट्रिकल), ड्रॉफ्ट्समैन (आर्किटेक्ट), आदि. ड्रॉफ्ट्समैन के क्षेत्र में सीधी भर्ती ज्यादातर प्रशिक्षु अर्थात ट्रेनी के पदों पर होती है.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी का कार्य होता है कि वह दिये गये स्थान, मशीन, प्रोजेक्ट, परिकल्पना से संबंधित डिजाइन बनाये या किसी पूर्व में बनायी गयी डिजाइन से एक्शनेबल डिजाइन ले-आउट ट्रेस करे, डिजाइन से संबंधित रिकॉर्ड मेंटेन रखे, आवश्यकतानुसार डिजाइनों में फेर-बदल या सुधार करे और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार फील्ड या वास्तविक सैंपल के अनुरूप डिजाइन का तैयार करे.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी की भूमिका संबंधित तकनीकी सर्किट, संरचना, बिल्डिंग, वास्तु के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण होती है. इसलिए ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी बनने के लिए आवश्यक स्किल्स में से जरूरी है कि आपकी इमेजिनेशन, ड्राइंग, स्केलिंग, मैपिंग, आदि में निपुणता हो और निर्देशों के अनुसार डिजाइन बनाने एवं सुधार करने में सक्षम होना चाहिए.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी के लिए कितनी होनी चाहिए योग्यता?
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए. इसके साथ ही, उम्मीदवार को स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजूकेशन से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से मेकेनिकल या इलेक्ट्रिकल या सिविल या आर्किटेक्चर में न्यूनतम तीन वर्षीय डिप्लोमा या संबंधित ट्रेड में आइटीआइ प्रमाण पत्र प्राप्त होना चाहिए.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी बनने के लिए निम्नलिखित योग्यता रखने वाल उम्मीदवारों को वरीयता दी जाती है –
- कंप्यूटर ऐडेड डिजाइन (CAD) सॉफ्टवेयर का वर्किंग नॉलेज.
- अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़.
- निर्देशों के अनुसार डिजाइन का ड्राइंग तैयार करने में निपुणता.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी के लिए कितनी है आयु सीमा?
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 25 वर्ष के बीच हो. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा 27-30 वर्ष होती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी के लिए चयन प्रक्रिया
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी के पद पर उम्मीदवारों का चयन आमतौर पर शैक्षणिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और प्रैक्टिकल परीक्षा के आधार पर किया जाता है. हालांकि, रिक्तियों के अनुरूप यदि कम संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं तो संबंधित संस्थान उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए सिर्फ प्रैक्टिकल के आधार पर ही चयन कर सकता है.
कितनी मिलती है ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी को सैलरी?
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी के रूप में रु. 11500/- का मासिक स्टाइपेंड देय होता है लेकिन प्रशिक्षण की अवधि पूरी होने के बाद नियमित आधार पर नियुक्ति दी जाती है. जिसके बाद ड्रॉफ्ट्समैन के पद पर छठे वेतन आयोग के पे-बैंड 1 के अनुरूप रु. 5200-20200 और ग्रेड पे 2400) के अनुसार सैलरी दी जाती है. जिन संगठनों में सातवां वेतन आयोग लागू किया जा चुका है वहां समकक्ष लेवल के अनुरूप सैलरी दी जाती है. राज्य सरकार के संस्थानों में वेतनमान रु. 7100 से रु. 37600 (ग्रेड पे रु. 3,600) होता है.
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी की कहां मिलेगी सरकारी नौकरी?
ड्रॉफ्ट्समैन ट्रेनी का पद केंद्र और राज्य सरकार के केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), नगर निगमों, तकनीकी एवं संरचनात्मक डिजाइन से संबंधित विभागों एवं संस्थानों आदि में होता है इसलिए इस पद के लिए रिक्तियां समय-समय पर इन्हीं संस्थानों में निकलती रहती हैं. इन सभी रिक्तियों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित होने वाले रोजगार समाचार, दैनिक समाचार पत्रों एवं सरकारी नौकरी की जानकारी देने वाले पोर्टल्स या मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपडेट रहा जा सकता है.
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