भारत में फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स के लिए विशेष करियर ऑप्शन्स

Jan 7, 2021, 19:02 IST

अगर आप एक फिलॉसोफी ग्रेजुएट हैं और अब यह सोचकर परेशान हैं कि, क्या करें?.....तो इस इस आर्टिकल में हम फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स के लिए भारत में उपलब्ध विभिन्न करियर ऑप्शन्स की जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं.

Career Scope of Philosophy Graduates in India
Career Scope of Philosophy Graduates in India

फिलॉसोफी में जीवन के सभी क्षेत्र - ज्ञान, तर्क, अस्तित्व, सत्य, विचार, मीमांसा, मनन, विश्लेषण, मन और भाषा शामिल होते हैं. यह ‘फिलॉसोफी’ दो शब्दों से मिलकर बना है ‘फिलॉस + सोफिया’ जिसका अर्थ – ‘ज्ञान के प्रति अनुराग’ है. फिलॉसोफी विषय में स्टूडेंट्स को भारतीय और पाश्चात्य फिलॉसोफी के बारे में पढ़ाया जाता है ताकि वे वास्तविकता और अनुभव के बारे में अच्छी तरह समझ सकें. जहां फिलॉसोफी में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद लगभग 55% स्टूडेंट्स जॉब्स करते हैं, वहीँ लगभग 25% स्टूडेंट्स फिलॉसोफी में हायर स्टडीज/ पोस्टग्रेजुएशन में एडमिशन लेते हैं और लगभग 7% स्टूडेंट्स ऐसे भी होते हैं जो अपनी जॉब के साथ-साथ हायर स्टडीज भी जारी रखते हैं.

अगर आप फिलॉसोफी विषय से जुड़ी किसी भी फील्ड में करियर शुरू करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को बड़े ध्यान से पढ़ना आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि इस आर्टिकल में हम फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स के लिए भारत में उपलब्ध विभिन्न करियर ऑप्शन्स के बारे में सटीक जानकारी पेश कर रहे हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

फिलॉसोफी विषय का परिचय

सरल शब्दों में फिलॉसोफी विश्व, ब्रह्माण्ड और समाज के बारे में सोचने और समझने का एक उपयोगी तरीका है. इस विषय की शुरुआत मनुष्य, विश्व और ब्रह्माण्ड की प्रकृति के बारे में मूल प्रश्न पूछने और उक्त तीनों के मध्य संबंधों को जानने के प्रयास से होती है. फिलॉसोफी में आइडियाज या विचार आमतौर पर जनरल और एब्सट्रेक्ट होते हैं. इसी तरह, फिलॉसोफिकल मेथड्स में प्रश्न, विश्लेषण, चर्चा और उनकी सुव्यवस्थित परिभाषा शामिल होती है.

बैचलर लेवल पर फिलॉसोफी में एडमिशन लेने के लिए योग्यता मानदंड

•    बैचलर लेवल पर एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशन बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास पास की हो. बैचलर डिग्री कोर्स की अवधि 3 वर्ष है.
•    मास्टर लेवल पर एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट ने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से फिलॉसोफी या अन्य किसी विषय में बैचलर डिग्री हासिल की हो. मास्टर डिग्री की अवधि 2 वर्ष है.

भारत में फिलॉसोफी के प्रमुख कोर्सेज

फिलॉसोफी की फील्ड में स्टूडेंट्स निम्नलिखित कोर्सेज कर सकते हैं:

•    बैचलर ऑफ़ आर्ट्स – फिलॉसोफी
•    बैचलर ऑफ़ आर्ट्स (ऑनर्स) – फिलॉसोफी
•    मास्टर ऑफ़ आर्ट्स – फिलॉसोफी
•    मास्टर ऑफ़ आर्ट्स (ऑनर्स) – फिलॉसोफी
•    मास्टर ऑफ़ फिलॉसोफी
•    डॉक्टर ऑफ़ फिलॉसोफी

भारत में प्रमुख फिलॉसोफी स्पेशलाइजेशन्स

•    एपिस्टेमोलॉजी
•    लॉजिक
•    एथिक्स
•    पोलिटिकल फिलॉसोफी
•    एस्थेटिक्स
•    फिलॉसोफी ऑफ़ लैंग्वेज
•    फिलॉसोफी ऑफ़ माइंड
•    मेटाफिजिक्स

फिलॉसोफी विषय से मिलने वाले लाभ

यह सही है कि फिलॉसोफी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद:

•    स्टूडेंट्स में सभी मामलों, समस्याओं और पश्नों का आलोचनात्मक विश्लेषण करके ठोस तर्क पेश करने का कौशल विकसित हो जाता है.
•    स्टूडेंट्स विभिन्न दृष्टिकोणों में फर्क करना और फिर सामान्य नतीजे निकालना सीख जाते हैं.
•    अपने विचारों को सटीक तरीके से पेश करने का हुनर स्टूडेंट्स को आ जाता है.
•    उनका लेखन स्पष्ट और समझने में आसान होता है.
•    सभी प्रकार की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पेश करने में सक्षम होते हैं.
•    नए विचारों और नए दृष्टिकोणों को खुले दिल से स्वीकार करते हैं.

फिलॉसोफी के प्रोफेशनल लाभ भी हैं विशेष

फिलॉसोफी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद स्टूडेंट्स में:

•    स्वतंत्र अध्ययन के साथ ही खुद प्रेरित होते रहने के गुण विकसित हो जाते हैं.
•    अपने प्रोफेशनल काम को अहमियत देने का गुण और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने की क्षमता.
•    रचनात्मकता और फ्लेक्सिबिलिटी
•    टीम के साथ घुल-मिलकर काम करने में महारत.
•    कॉम्प्लेक्स इनफॉर्मेशन को समझने में माहिर होते हैं.
•    अपना ज्ञान और जानकारी लगातार बढ़ाते रहते हैं जिससे उनकी प्रोडक्टिविटी और कार्य-अनुभव में भी निरंतर इजाफ़ा होता है और वे अपने संगठन, कपनी या विभाग के लिए एक उपयोगी प्रोफेशनल साबित होते हैं.

भारत में फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स के लिए उपलब्ध हैं ये विशेष करियर ऑप्शन्स

•    फिलॉसोफिकल काउंसेलिंग
•    फिलॉसोफिकल प्रैक्टिस  
•    काउंसलर
•    थेरापिस्ट्स
•    लिटिगेशन लॉयर
•    मीडिएटर्स (डाइवोर्स, यूनियन एंड कॉरपोरेशन केसेस)
•    पब्लिक रिलेशन जर्नलिस्ट्स
•    टीचर
•    टेक्निकल राइटर
•    नॉवेलिस्ट
•    नॉन-फिक्शन राइटर
•    पोएट
•    हेल्थ सर्विस मैनेजर
•    लोकल गवर्नमेंट ऑफिसर
•    मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव
•    जर्नलिस्ट्स
•    पैरा-लीगल
•    पॉलिसी ऑफिसर
•    साइकोथेरापिस्ट्स
•    सोलिस्टर
•    स्टॉकब्रोकर

फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स के लिए उक्त सभी पोस्ट्स या जॉब्स विभिन्न रोज़गार फ़ील्ड्स में उपलब्ध होती हैं जैसेकि, क्रिएटिव राइटिंग, टेक्निकल राइटिंग, टीचिंग, लॉ, एडिटिंग एंड पब्लिशिंग, पब्लिक रिलेशन्स एंड जर्नलिज्म और एडमिनिस्ट्रेशन तथा मैनेजमेंट की फ़ील्ड्स में एग्जीक्यूटिव लेवल की जॉब्स. इसी तरह, बिजनेस, ह्यूमन रिसोर्स और फाइनेंस की फ़ील्ड्स में लगभग 19% फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स जॉब्स करते हैं. रिटेल और कैटरिंग में लगभग 17% और मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशन और सेल्स में लगभग 16% तथा अन्य फ़ील्ड्स में करीबन 40% फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स जॉब्स करते हैं.

भारत में इन कॉलेजेस, यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स से हासिल करें फिलॉसोफी की डिग्री

•    लेडी श्री राम कॉलेज, नई दिल्ली
•    क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर
•    सेंट ज़ेवियर कॉलेज, मुंबई
•    मिरांडा हाउस, नई दिल्ली
•    हंसराज कॉलेज, दिल्ली
•    मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज, चेन्नई
•    माउंट कार्मेल कॉलेज, बैंगलोर
•    इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज, दिल्ली
•    डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़
•    सेंट ज़ेवियर कॉलेज, अहमदाबाद
•    सेंट टेरेसा कॉलेज, कोच्ची
•    दी ओस्फोर्ड कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, बैंगलोर 

भारत में फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स के लिए ये एम्पलॉयर्स देते हैं बढ़िया जॉब ऑफर्स  

•    लोकल गवर्नमेंट और सिविल सर्विसेज
•    एडवरटाइजिंग, मार्केटिंग और पब्लिक रिलेशन्स एजेंसीज
•    पब्लिकेशन हाउसेज
•    मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स
•    सेकेंडरी स्कूल्स, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज
•    लॉ फर्म्स
•    नॉन-गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन्स
•    बैंकिंग एंड इंश्योरंस कंपनियां
•    एकाउंटेंसी फर्म्स
•    रिक्रूटमेंट एजेंसीज

भारत में फिलॉसोफी ग्रेजुएट्स को मिलती है इतनी सैलरी

फिलॉसोफी में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद कैंडिडेट्स विभिन्न प्राइवेट और सरकारी क्षेत्रों में अपनी रूचि के अनुसार उक्त जॉब्स कर सकते हैं. जॉब प्रोफाइल और संगठन की लोकेशन का भी सैलरी पैकेज पर काफी असर पड़ता है. अन्य सभी फ़ील्ड्स की तरह ही इस फील्ड में भी शुरू में सैलरी पैकेज काफी कम होता है पर संबद्ध फील्ड की जानकारी और बढ़ते हुए कार्य-अनुभव के साथ ही यह सैलरी पैकेज बढ़ता ही जाता है. आज भी विभिन्न प्राइवेट संगठनों में टीचर्स, टेक्निकल राइटर्स और काउंसलर्स को उनके करियर के बिलकुल शुरू में एवरेज रु. 5 हजार – रु. 10 हजार मासिक तक ही मिलते हैं. विभिन्न सरकारी संगठनों में शुरू में यह सैलरी पैकेज एवरेज रु. 20 हजार से रु. 25 हजार मासिक तक मिलता है.

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