फॉरेंसिक साइंस आज की न्यायिक व्यवस्था के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण हो चुकी है क्योंकि फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट किसी भी आपराधिक घटना के लिए पुख्ता सबूत एकत्र करने और उसके आधार पर न्यायालय को निर्णय लेने में मदद करते हैं. किसी भी आपराधिक घटना स्थल से सबूतों को एकत्र करना और उनका विश्लेषण करना फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट का मुख्य कार्य होता है. फोरेंसिक प्रोफेशनल के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट के अतिरिक्त टीचिंग एवं क्राइम रिपोर्टर बनने का भी अच्छा अवसर होता है.
फॉरेंसिक साइंस प्रोफेशनल्स लिए सरकारी नौकरियां केंद्र व राज्य सरकारों के पुलिस विभागों, खुफिया एवं सतर्कता विभागों एवं संगठनों, संबंधित शोध संस्थानों, आदि में होती हैं. सरकारी विभागों एवं संगठनों में फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में कई प्रकार के पद होते हैं:– जैसे – साइंटिफिक ऑफिसर (ग्रुप बी), साइक्लॉजी डिविजन, साइंटिफिक ऑफिसर (ग्रुप बी) साइबर क्राइम, टेप ऑथेंटिकेशन एवं स्पीकर आइडेंटिफिकेशन, फोरेंसिक बॉयोलॉजिस्ट, साइंटिफिक असिस्टेंट (बॉयोलॉजी/सीरोलॉजी), आदि.
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरी के लिए योग्यता?
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से फोरेंसिक साइंस या संबंधित क्षेत्रों में स्नातक डिग्री (बीएससी) उत्तीर्ण होना चाहिए. सीनियर पदों के लिए फोरेंसिक साइंस में मास्टर्स डिग्री (एमएससी) या फोरेंसिक साइंस से संबंधित क्षेत्रों में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा मांगा जाता है. किसी मान्यता प्राप्त साइंटिफिक लैबोरेट्री में कार्य कर चुके उम्मीदवारों को वरीयता दी जाती है.
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा?
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में जूनियर पदों पर सरकारी नौकरियों के लिए उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए जबकि सीनियर पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तक होती है. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा पदों के अनुसार 50 वर्ष या अधिक भी हो सकती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरी के लिए चयन प्रक्रिया
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में विभिन्न सरकारी पदों पर उम्मीदवारों का चयन पद के अनुसार अलग-अलग होता है. आमतौर पर शैक्षणिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर चयन किया जाता है.
कितनी मिलती है फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में सैलरी?
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में विभिन्न पदों पर रैंक या पे-बैंड के आधार पर सैलरी दी जाती है. यदि साइंटिफिक असिस्टेंट के पद पर भर्ती की जाती है तो छठें वेतन आयोग के पे-बैंड 2 के अनुरूप रु.9300 – 34800 + ग्रेड पे 4200 के अनुसार सैलरी दी जाती है. इसके अतिरिक्त गृह किराया भत्ता (एच.आर.ए.), परिवहन भत्ता, आदि देय होता है. वहीं, राज्य सरकारों के विभागों एवं संस्थानों में वेतनमान संबंधित राज्य के समकक्ष स्तर पर निर्धारित वेतनमान के अनुसार दिया जाता है जो कि राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है.
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में कहां मिलेगी सरकारी नौकरी?
फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरियां केंद्र व राज्य सरकारों के पुलिस विभागों, खुफिया एवं सतर्कता विभागों एवं संगठनों, संबंधित शोध संस्थानों, आदि में होती हैं इसलिए इस क्षेत्र में सरकारी नौकरी इन्हीं संगठनों में समय-समय पर निकलती रहती हैं. इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में फैकल्टी या प्रोफेसर के रूप में भी सरकारी नौकरी पायी जा सकती है. इन सभी रिक्तियों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित होने वाले रोजगार समाचार, दैनिक समाचार पत्रों एवं सरकारी नौकरी की जानकारी देने वाले पोर्टल्स या मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपडेट रहा जा सकता है.
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