सैलरी के लिए समझौता करते समय गौर करने योग्य कुछ जरुरी बातें

Jan 15, 2018, 19:23 IST

वस्तुतः अधिकांश मामलों में किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी करने का मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना ही होता है.

Some important things to consider when compromising for salaries
Some important things to consider when compromising for salaries

वस्तुतः अधिकांश मामलों में किसी भी व्यक्ति द्वारा नौकरी करने का मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना ही होता है. ऐसे में अगर आपके पास योग्यता है और आप ईमानदारीपूर्वक काम भी करते हैं फिर भी आपकी सैलरी आपके मनमुताबिक या आपकी योग्यता के अनुरूप नहीं है,तो इसका मुख्य कारण इन्टरव्यू के दौरान सैलरी के लिए उचित समझौता न करना हो सकता है. सैलरी के लिए समझौता करते समय अगर कुछ विशेष बातों पर गौर किया जाय तथा यह जानने की कोशिश की जाय की उस समय किस तरह की बातों से सावधान रहना चाहिए तो निश्चित रूप से आप मनमाफिक सैलरी पाने में कामयाब होंगे. लेकिन ध्यान देने योग्य बात तो यह है कि इन्टरव्यू की तैयारी के दौरान ही अभ्यर्थियों को सैलरी निगोसिएशन की कला भी सिख लेनी चाहिए. पहले से ही तैयारी अगर अच्छी होती है तो सैलरी के लिए समझौता करना बिलकुल मुश्किल नहीं होता है. जिस संस्थान में जॉब इन्टरव्यू देने जाना है,उस संस्थान के विषय में अगर थोड़ा बहुत रिसर्च करके पर्याप्त जानकारी इकट्ठा कर लिया जाय तो अपने आप को इन्टरव्यू में बेहतर ढंग से प्रस्तुत करते हुए एक हैंडसम सैलरी की बात की जा सकती है. हालांकि  कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि अक्सर बहुत सारी तैयारी के बावजूद भी कई बार लोग सैलरी डिस्कस करते वक्त अनजाने में कुछ ऐसी बातें बोल जाते हैं जो उनके विरोध  में जाकर उनकी छवि खराब कर देती है. इसलिए नीचे हम कुछ ऐसी बातों पर प्रकाश डालने की कोशिश कर रहे हैं,जिन्हें अपने सैलरी के विषय में किये जाने वाले समझौतों के दौरान अवश्य याद रखना चाहिए.

मेरी शादी होने वाली है, इस बात की सूचना हरगिज न दें

नौकरी करते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारे पर्सनल प्रॉब्लम से किसी को कोई खास लेना देना नहीं होता है और हमारा मुख्य उद्देश्य हर परीस्थिति में अपना कार्य या फिर टारगेट पूरा करना होता है. कभी भी इस बात की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि आपके संघर्षों और परिस्थितयों को देखकर इन्टरव्यूअर आपके साथ नरमी  बर्तेंगे. बेहतर यही है कि इन्टरव्यू के दौरान पर्सनल बातों की चर्चा ही नहीं की जाय. चाहे आप किसी भी दौर से गुजर रहे हों व्यक्तिगत परेशानियों का जिक्र हरगिज नहीं करना चाहिए.

हर बात पर सॉरी शब्द का प्रयोग न करें

किसी किसी की आदत होती है कि अक्सर वे हर बात में सॉरी शब्द कहने से नहीं चुकते हैं.वे निधड़क सॉरी शब्द का प्रयोग करते हैं और किसी ख़ास या बड़े आदमी से बातें करते समय तो कुछ ज्यादा ही सचेत होकर इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इंटरव्‍यू के दौरान सैलरी के विषय में बातें करते समय सॉरी कहने कि कोई जरुरत नहीं होती है. इस दौरान आप ऐसा कुछ नहीं कह रहे होते हैं कि जिसके लिए आपको माफ़ी मांगनी पड़े. चूँकि आप पैसों के बारे में बातें कर रहे हैं जिसके लिए आपको असहज होने तथा सॉरी कहने जरुरत नहीं होती है. इसमें कोई शक नहीं है कि आप पैसों के लिए ही कड़ी मेहनत करने तथा नई चुनौतियों को सहर्ष स्वीकार करने के लिए राजी होते हैं.

कभी भी यह नहीं कहें कि  'मुझे सैलरी हाइक की जरूरत है

ये हो सकता है कि वाकई आपको अपनी सैलरी बढ़ाने की जरुरत हो तो भी इसे इन्टरव्यूअर से कहने से कोई फायदा नहीं हैं. अर्थात कभी भी सैलरी के लिए समझौता करते समय इस बात पर जोर नहीं दें कि मुझे जरुरत है इसलिए अधिक सैलरी की डिमांड कर रहा हूँ. ऐसा कहना सर्वथा गलत होता है. हर कोई अधिक सैलरी ही चाहता है लेकिन योग्यता भी तो मायने रखती है. जरुरत है की बजाय आप चाहे तो यह कह सकते हैं कि मैं डिजर्व करता हूँ इसलिए मुझे इतना चाहिए.

इससे अधिक सैलरी का ऑफर हमारे पास है, ऐसा कभी न कहें

कभी कभी लोग चतुराई वश यह कह बैठते हैं कि इससे ज्यादा सैलरी का ऑफर मुझे कहीं और से मिल रहा है. अगर ऐसा है तो ऑफर स्वीकार कर लीजिये. बेहतर यही है कि आप इस कार्ड को खेलने के बजाय जिस संस्थान में सैलरी के लिए समझौता कर रहे हैं उसी के ऑफर पर चर्चा करने से आप फायदे में रहेंगे.

लम्बे अर्से से सैलरी हाइक न होने की वजह से नहीं करें अधिक सैलरी की डिमांड

सैलरी के लिए समझौता करते समय कभी भी अपनी डिमांड इस तरह रखनी चाहिए कि इन्टरव्यूअर को ऐसा नहीं लगे कि आपकी सैलरी में बहुत लम्बे अंतराल से बढ़ोत्तरी नहीं हुई है. अगर एक क्षण को भी इन्टरव्यूअर का ध्यान इस ओर जाता है,तो समझ लीजिये कि आपकी नकारात्मक छवि उसके दिमाग में बनेगी तथा हो सकता है कि वह भी आपको मनमुताबिक सैलरी देने को तैयार न हो.

इसी काम के लिए कई लोगों को ज्यादा सैलरी मिलती है, ऐसा कभी नहीं कहें

कभी भी अपने काम की तुलना किसी दूसरे के काम से नहीं करना चाहिए. तुलना करने के बजाय अपने किसी टारगेट को पूरा करने के लिए आप कितना मेहनत करते हैं,यह दिखाने की कोशिश करें. कारण कि ज्योंहि हम अपनी तुलना दूसरों से करने लगते हैं दूसरों के दिमाग में यह हमारी छवि गलत बनाने लगता है. इतना ही नहीं इससे ऐसा भी प्रतीत होता है कि आपको गॉसिप करने में मजा आता है.

अतः जब कभी भी बात सैलरी के लिए समझौते की हो,तो सजग रहते हुए चतुराई से अपनी बात रखें और ऊपर लिखी गयी बातों को हमेशा अपने ध्यान में रखें. आप एक बार ऐसा करके देखें निश्चित रूप से आपको मनचाही सैलरी ऑफर होगी.

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