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UPSC IAS अधिसूचना 2019 में हो सकती है देरी

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अखिल भारतीय सेवाओं और विभिन्न केंद्रीय सिविल सेवाओं में अधिकारियों की भर्ती के लिए सिविल सेवा अधिसूचना 2019 जारी करेगा. लेकिन इस साल UPSC IAS अधिसूचना 2019 में हो सकती है देरी

Feb 22, 2019 13:14 IST
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UPSC Civil Services (IAS) Notification 2019
UPSC Civil Services (IAS) Notification 2019

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अखिल भारतीय सेवाओं और विभिन्न केंद्रीय सिविल सेवाओं में अधिकारियों की भर्ती के लिए सिविल सेवा अधिसूचना 2019 जारी करेगा। हर साल, UPSC लगभग 900 पदों के लिए अपनी सिविल सेवा अधिसूचना जारी करता है और इन 900 पदों में से 180 पद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए तथा बाकी अन्य सेवाओं के लिए अपेक्षित हैं। बासवान समिति की रिपोर्ट के अनुसार, UPSC को 2020 तक भारी सेवानिवृत्ति के कारण, IAS अधिकारी के रिक्त पदों को भरने के लिए वर्ष 2020 तक 180 IAS अधिकारियों की भर्ती करने की आवश्यकता है।

संसद द्वारा सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए सरकारी सेवाओं में 10% कोटा पारित करने के बाद यह पहली सिविल सेवा अधिसूचना होगी । ऐसी संभावनाएं हैं कि UPSC आगामी सिविल सेवा अधिसूचना में इस आरक्षण को शामिल करेगा।

उम्मीद है कि UPSC अधिसूचना में देरी होगी क्योंकि इन बदलावों को शामिल करने में समय लगेगा. UPSC अधिसूचना तभी जारी करता है जब कार्मिक मंत्रालय द्वारा इसे मंजूरी दे दी जाती है। एक बहुत महत्वपूर्ण बिंदु जो यहां ध्यान देने योग्य है कि IAS अधिकारियों के पद के लिए सामान्य श्रेणी के EWS के अभ्यर्थियों के लिए  10% आरक्षण होगा। इसका मतलब है कि IAS अधिकारियों के लगभग 18 पद ऐसे होंगे जो EWS जनरल श्रेणी के लिए आरक्षित होंगे। यह उम्मीदवारों के लिए एक वास्तविक लाभांश बना सकता है।

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यहाँ अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पदों को अनारक्षित श्रेणी के अंतर्गत नहीं दिया गया है और यह पद विशेष रूप से सामान्य वर्ग के EWS से संबंधित हैं। इसका मतलब है कि आरक्षित पद केवल EWS उम्मीदवारों को दिया जा सकता है। कोई अन्य श्रेणी के उम्मीदवार इन आरक्षित पदों पर तैनात नहीं किये जा सकते ।

हालांकि एक शर्त है कि संसद द्वारा किए गए संविधान संशोधनों को 50% राज्यों द्वारा अनुमोदित और भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाना चाहिए। लेकिन जैसा कि हम देख सकते हैं कि लोकसभा चुनाव 2019 मई माह तक संपन्न होने हैं और केंद्र सरकार चाहेगी की इस संशोधन का लाभ उसे इसी चुनाव में मिले । इसलिए केंद्र सरकार आगामी UPSC सिविल सेवा अधिसूचना में नए आरक्षण प्रावधानों को शामिल करने की प्रक्रिया को तेज करेगी ।

इसी के सामान आरक्षण IPS, IFoS, IFS तथा केंद्रीय सिविल सेवा के पदों पर लागू होगा । यह सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए एक वास्तविक राहत लाएगा और इसके अलावा यह सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े उम्मीदवारों के आरक्षण पर प्रभाव भी नहीं डालेगा ।

लेकिन, यह UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2019 में तैयारी के पैटर्न को बदल देगा क्योंकि अधिकांश उम्मीदवार इस नई आरक्षण श्रेणी में आएंगे और इस श्रेणी की प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक होगी। दूसरी ओर, जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए बहुत कुछ नहीं बदलेगा क्योंकि अब वे बाकी सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे, जैसे पहले कर रहे थे.

यह आरक्षण समग्र रूप से IAS परीक्षा में कटऑफ और अंतिम मेरिट को बदल सकता है। EWS की एक नई श्रेणी होगी और इसलिए नई कटऑफ होगी। यहाँ पर एक बिंदु ध्यान देने योग्य है जो की थोड़ा तकनीकी भी  है, वह यह है कि अगर कोई उम्मीदवार EWS के आरक्षण श्रेणी में दावा करता है, लेकिन IAS प्रीलिम्स EWS श्रेणी कटऑफ से ज्यादा नंबर नहीं ला पाटा है तो क्या वह अनारक्षित श्रेणी में प्रतिस्पर्धा कर पाएगा। यदि हाँ, तो सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के भविष्य में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि सर्वश्रेष्ठ 10% अभ्यर्थी अतीत में भी उनसे आगे ही थे। लेकिन यदि उत्तर नहीं है, तो श्रेणी का दावा करने या केवल अनारक्षित वर्ग के लिए प्रतिस्पर्धा करने का निर्णय लेना बहुत ही कठिन होगा।

UPSC की वास्तविक कट ऑफ तथा अंतिम मेरिट तो समय बताएगा जब UPSC अगले साल IAS परीक्षा 2019 की कटऑफ की घोषणा करेगा। लेकिन कुछ समय के लिए UPSC को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2019 के प्रत्येक चरण की योग्यता और कटऑफ की गणना के लिए कार्यप्रणाली जारी करनी चाहिए।

इन्ही सब कारणों को ध्यान में रखते हुए हम यह कह सकते हैं की UPSC सिविल सेवा अधिसूचना में देरी होगी.

सर्वश्रेष्ठ के लिए आशान्वित रहिएँ .

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