IIT JEE की तैयारी के लिए 10th के बाद ही क्यों करें कोचिंग इंस्टिट्यूट जॉइन?

विद्यार्थियों को IIT JEE की तैयारी के लिए कक्षा 10 के बाद ही कोई अच्छा कोचिंग संस्थान जॉइन करना चाहिए. जिससे उन्हें तैयारी के लिए प्रयाप्त समय मिल सकेगा. इस विडियो में विद्यार्थी कक्षा 10 के बाद कोचिंग इंस्टिट्यूट जॉइन करने के विभिन्न फायदों के बारे में जान सकते हैं.

Apr 25, 2019 10:49 IST

    जो छात्र इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं उनकी प्राथमिकता होती है कि वे भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री लें. इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए हर वर्ष विभिन्न प्रवेश परीक्षाएँ कंडक्ट की जाती है जिसमें से JEE (JEE Main और JEE Advanced) सबसे प्रसिद्ध है. JEE Main की रैंकिंग के आधार पर NITs, IIITs और CFTIs जैसे कॉलेज में उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग की विभिन्न ब्रांचों में दाखिला दिया जाता है वहीँ दूसरी और JEE Advanced की रैंकिंग के आधार पर छात्र IITs में दाखिला ले सकते हैं. इस विडियो में विद्यार्थी कक्षा 10 के बाद कोचिंग इंस्टिट्यूट जॉइन करने के विभिन्न फायदों के बारे में जान सकते हैं.

    10वीं कक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग करने के इच्छुक छात्रों को सबसे पहले जो सवाल परेशान करता है वो यह है कि IIT JEE की तैयारी के लिए उन्हें कोई कोचिंग संस्थान जॉइन करना चाहिए या नहीं? क्या कक्षा 12 के बाद भी कोचिंग जॉइन करके JEE में अच्छी रैंक लायी जा सकती है?  इत्यादि

    सबसे पहले हम जानते हैं कि JEE Main और JEE Advanced में सफलता पाने के लिए कोचिंग सेंटर जॉइन करना क्यों ज़रूरी होता है

    • सही मार्गदर्शन के लिए जिससे स्टूडेंट्स अधिक कम्पटीशन के बाद भी परीक्षा में अच्छा परफॉर्म कर सकें
    • अच्छे और To The Point स्टडी मटेरियल के लिए जिससे किसी भी टॉपिक को आसानी से समझ सकें
    • बदलते एग्जाम पैटर्न से अपडेट रहने के लिए.

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    अब हम छात्रों को कक्षा 10 के बाद IIT JEE की तैयारी करने के लाभों के बारे में बताते हैं.

    1. परफॉरमेंस:

    कई छात्रों का अकादमिक स्तर JEE की तैयारी के अनुसार अच्छा नहीं होता है तथा बहुत से ऐसे बेसिक कॉन्सेप्ट्स होते हैं जिन्हें अच्छी तरह से समझना बहुत ज़रूरी होता है. ऐसे में जो छात्र कक्षा 10वीं के बाद JEE की तैयारी करना शुरू करते हैं उन्हें अपने बेसिक कॉन्सेप्ट्स को ठीक करने का पूरा मौका मिलता है. छात्र आसानी से अपने सभी विषयों की कमजोरियों को दूर कर सकते हैं और अपने स्ट्रोंग पॉइंट्स को और भी स्ट्रोंग कर सकते हैं.

    2. रिविज़न के लिए ज्यादा समय मिलना: 

    IIT JEE की परीक्षा में कक्षा 11 और कक्षा 12 के सिलेबस से प्रश्न पूछे जाते हैं. विद्यार्थी 2 वर्षों में आसानी से पूरा सिलेबस कवर कर सकते हैं. छात्र कक्षा 11वीं से शुरुवाती तौर पर ही अपने सभी टॉपिक्स के नोट्स अच्छी तरह तैयार कर सकते हैं. जिस कारण एग्जाम के दौरान रिविज़न के लिए समय भी ज्यादा मिलता है तथा नोट्स भी सही तरीके से उपलब्ध होते हैं.

    3. फ्रेशर छात्रों के IIT एग्जाम में उत्तिर्ण होने की संभावना अधिक:

    हमेशा यह देखा गया है कि ड्राप आउट छात्रों की तुलना में फ्रेशर छात्रों की JEE Main और JEE Advanced दोनों परीक्षा में उत्तिर्ण होने की संभावना ज्यादा होती है. क्योंकि छात्र कक्षा 11वीं से ही अपनी क्लास की पढ़ाई के साथ-साथ किसी अच्छे कोचिंग इंस्टिट्यूट से या सेल्फ स्टडी के द्वारा JEE की तैयारी पर अच्छी पकड़ बना लेते हैं जिस कारण उनके पास पूरा समय होता है कि वह अपनी कमज़ोरियों को अच्छी तरह परख कर सुधार सकें. जिस कारण ड्राप आउट छात्रों की तुलना में फ्रेशर छात्रों के एग्जाम को क्रैक करने की संभावना बढ़ जाती है.

    4. आत्मविश्वास:

    किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने का सही तरीका होता है उसमें पूरी तरह समय देना तथा पूरी मेहनत से उसे प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ना. जब कोई छात्र कक्षा 10वीं के बाद से ही अपनी तैयारी को पूरा समय देना शुरू करता है तो जैसे-जैसे वह अपने लक्ष्य के समीप आता जाता है उसका आत्मविश्वास भी और बढ़ता जाता है. क्योंकि जब एक छात्र अपनी तैयारी को पूरा समय देता है तो उसे पता होता है कि उसकी एग्जाम की तैयारी कैसी है और वह एग्जाम में कितना अच्छा प्रदर्शन कर सकता है. तो Early preparationछात्रों के कॉन्फिडेंस को बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाती है.

    निष्कर्ष:

    JEE Main और JEE Advancedमें अच्छी रैंक लाने के लिए कक्षा 11 और कक्षा 12 के बेसिक कॉन्सेप्ट्स का क्लियर होना बहुत ज़रूरी है. यदि कोई छात्र कक्षा 11वीं से ही इन की तैयारी शुरू कर दे तो उसे पूरे पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझ कर प्रैक्टिस कर आगे बढ़ने में काफी समय मिलता है. वहीँ दूसरी ओर जो छात्र कक्षा 12वीं के बाद JEE की तैयारी शुरू करते हैं उन्हें 11वीं तथा 12वीं का पूरा पाठ्यक्रम पता होता है लेकिन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए जितना समय अनुकूल रूप से देना होता है उतना सही माईने में नहीं मिलता है. इसलिए विद्यार्थियों को IIT JEE की तैयारी के लिए कक्षा 10 के बाद ही कोई अच्छा कोचिंग संस्थान जॉइन करना चाहिए. जिससे उन्हें तैयारी के लिए प्रयाप्त समय मिल सकेगा.

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