Agnipath scheme: केंद्र सरकार अब सैनिकों की भर्ती का तौर-तरीका बदलने जा रही है. मोदी सरकार सेना में भर्ती के लिए 'अग्निपथ प्रवेश योजना' लाने वाली है. इसके जरिए सेवा में आए सैनिकों को 'अग्निवीर' कहा जाएगा. योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
युवाओं को इसके माध्यम से आरंभिक रूप से तीन साल के लिए सेना में सिपाही के रूप में भर्ती किया जाएगा. इससे भारतीय सेना के मौजूदा आयु वर्ग में भी बड़ा बदलाव आएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अग्निपथ कथित तौर पर भारतीय सेना के 'टूर ऑफ ड्यूटी' प्रस्ताव का नया नाम है.
भर्ती पर प्रतिकूल प्रभाव
कोरोना महामारी के दौरान सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था. तीनों सेनाओं में 1.25 लाख से ज्यादा पद खाली हैं. इस अग्निपथ योजना को अंतिम रूप देने हेतु संबंधित विभागों के साथ कुछ और बैठकों की आवश्यकता होगी.
अनुशासित जवानों को लाभ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेना की संबंधित विभागों के साथ कुछ और बैठकों के बाद इस योजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. आरंभिक योजना के मुताबिक रक्षा सेवा का तीन साल का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद इन अग्निवीरों को निजी क्षेत्र में सिविल नौकरियां दी जाएंगी. कई कंपनियों ने इन अग्निवीरों को सेवा में रखने में इच्छा दिखाई है. इन कंपनियों को सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त और अनुशासित जवानों का लाभ मिलेगा.
विशेषज्ञों की भर्ती करने का विकल्प
बता दें कि यह मुद्दा दो साल पहले शुरू हुआ जब बलों ने 'टूर ऑफ ड्यूटी योजना' पर चर्चा शुरू की थी. इसमें सैनिकों को एक अल्पकालिक अनुबंध के अंतर्गत भर्ती किया जाएगा. उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. योजना में रक्षा बलों के पास विशिष्ट कार्यों हेतु विशेषज्ञों की भर्ती करने का विकल्प भी होगा.
सशस्त्र बलों से सहायता
तीन साल के अंत में, अधिकांश सैनिकों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाएगा तथा उन्हें आगे के रोजगार के अवसरों हेतु सशस्त्र बलों से सहायता मिलेगी. कॉरपोरेट कंपनियां ऐसे प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवाओं के लिए नौकरी आरक्षित करने में रुचि दिख रहे है जिन्होंने अपने देश की सेवा की है.
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