Search

उच्च, मध्य और निम्न पुरापाषाणकालीन भारतीय स्थलों की सूची

भारत में पुरापाषाणकाल 500,000 ई.पू. से 10,000 ई.पू. के बीच हुआ था| उपकरणों की प्रकृति और जलवायु में परिवर्तन के अनुसार भारत में पुरापाषाण काल को तीन चरणों उच्च, मध्य और निम्न पुरापाषाणकाल में बांटा गया है। यहाँ हम भारत में उच्च, मध्य और निम्न पुरापाषाणकालीन स्थलों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|
Nov 3, 2016 17:59 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

भारत में पुरापाषाणकाल का विस्तार हिम युग के दौरान प्लेस्टोसिन काल में 500,000 ई.पू. से 10,000 ई.पू. के बीच हुआ था| उपकरणों की प्रकृति और जलवायु में परिवर्तन के अनुसार भारत में पुरापाषाण काल को तीन चरणों उच्च, मध्य और निम्न पुरापाषाणकाल में बांटा गया है। यहाँ हम उच्च, मध्य और निम्न पुरापाषाणकालीन भारतीय स्थलों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

Jagranjosh

Source: www.polyeyes.com

उच्च पुरापाषाण, मध्य पुरापाषाण एवं निम्न पुरापाषाण कालीन भारतीय स्थलों की सूची:

उच्च पुरापाषाण काल

स्थल

अवस्थिति

सोहन घाटी

पश्चिमी पंजाब (अब पाकिस्तान में)

नर्मदा घाटी

मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात

कुरनूल गुफाएं

गिच्चलुर

नेल्लूर

 

आंध्रप्रदेश

बेलन घाटी

मध्य प्रदेश और उत्तरप्रदेश

नेवासा

महाराष्ट्र

साबरमती घाटी

गुजरात

सिंगरौली

उत्तरप्रदेश

मयूरभंज

ओडिशा

हुंसगी घाटी

कर्नाटक

अत्तिरम्पक्कम

कोर्टलेयर घाटी

 

तमिलनाडु

पहलगाम

कश्मीर

दिद्वाना

राजस्थान

हथनोरा

भीमबेटका

आदमगढ़

 

मध्यप्रदेश

मध्य पुरापाषाण काल

नेवासा

महाराष्ट्र

भीमबेटका

मध्यप्रदेश

बागौर

कर्मली घाटी

दिद्वाना

 

राजस्थान

सिंहभूम

झारखण्ड

नर्मदा घाटी

मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात

निम्न पुरापाषाण काल

बेलन घाटी

मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश

भीमबेटका

जोगदाहा

मध्यप्रदेश

बागौर

बुड्ढा पुष्कर

राजस्थान

पाटने

नन्दिपल्ले

महाराष्ट्र

रेणुगुंटा

कुरनूल गुफाएं

आंध्रप्रदेश

सिंहभूम

झारखण्ड

यह पाषाण युग का पहला भाग था| इस अवधि के दौरान, आदमी शिकार पर निर्भर था और उसे खेती और घर बनाने का ज्ञान नहीं था। पुरापाषाण काल के लोग पूरी तरह से पत्थरों से बने हथियारों और उपकरणों पर निर्भर थे क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों, गुफाओं, नदियों, और चट्टानों से बने आश्रय-स्थलों के करीब रहते थे|

प्राचीन भारत के 5 खोये हुए खजाने