जानिए महीनों के नामकरण के बारे में रोचक तथ्य

प्रत्येक व्यक्ति, वस्तु, स्थान या घटना के नाम के पीछे कोई न कोई रहस्य या इतिहास जरूर होता है| क्या आपने कभी सोचा है कि साल के 12 महीनों के नाम का क्या मतलब है या इन्हें किसने रखा है? यदि आपका उत्तर नहीं है तो आइये आज हम आपको साल के 12 महीनों के नाम के पीछे का इतिहास एवं उसका अर्थ बताते हैं:
Created On: Sep 5, 2016 16:32 IST
Modified On: Sep 5, 2016 16:35 IST

प्रत्येक व्यक्ति, वस्तु, स्थान या घटना के नाम के पीछे कोई न कोई रहस्य या इतिहास जरूर होता है| उस नाम के बारे में अक्सर लोग सोचते हैं कि उस नाम को किसने रखा, क्यों रखा और उस नाम का मतलब क्या है? लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि साल के 12 महीनों के नाम का क्या मतलब है या इन्हें किसने रखा है? यदि आपका उत्तर नहीं है तो आइये आज हम आपको साल के 12 महीनों के नाम के पीछे का इतिहास एवं उसका अर्थ बताते हैं: 

जनवरी

जनवरी शब्द लैटिन भाषा के ‘जैनरियुस’ शब्द से बना है| ‘जैनरियुस’ शब्द महान रोमन देवता ‘जानूस’ या ‘जेनस’ के नाम से बना है| ऐसी मान्यता है कि इस देवता के दो मुख होते हैं जिनके द्वारा वे आगे और पीछे दोनों ओर देखते हैं और जनवरी महीना भी बीते हुए वर्ष और आने वाले वर्ष दोनों को देखता है इसलिए इस महीने का नाम ‘जेन्युअरी’ रख दिया गया जिसे हिंदी भाषा में ‘जनवरी’ के नाम से संबोधित किया जाता है|  

रोमन देवताजेनसकी तस्वीर

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फरवरी

इस महीने के बारे में दो तरह की मान्यताएं है| एक मान्यता के अनुसार फरवरी शब्द लैटिन शब्द ‘फैब्रिएरीयुस’ शब्द का परिवर्तित रूप है जो रोमन साम्राज्य के समय एक महीने का नाम था| ‘फैब्रिएरीयुस’ शब्द ‘फैब्रू’ और ‘एरि’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है शुद्ध करना| प्राचीन रोमन सभ्यता में इस महीने की 15 तारीख को आत्मशुद्धि और प्रायश्चित करने के लिए कुछ लोग दावत दिया करते थे, जिसके कारण इस महीने का नाम फरवरी पड़ा| दूसरी मान्यता के अनुसार रोमन सभ्यता की संतान प्रदान करने वाली देवी ‘फेबरुआ’ के नाम पर फरवरी महीने का नामकरण किया गया है|

रोमन देवीफेबरुआ की तस्वीर

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मार्च

ऐसी मान्यता है कि रोमन सभ्यता में साल का प्रारंभ इसी महीने से हुआ करता था| ठण्ड के मौसम की समाप्ति के पश्चात् रोमन सैनिक दुश्मन देशों पर आक्रमण करने के लिए रवाना होते थे अर्थात  मार्च करते थे इसलिए इस महीने का नाम ‘मार्च’ पड़ा| दूसरी मान्यता के अनुसार मार्च महीने का नामकरण रोमन देवता ‘मार्टियुस’ (मार्स) के नाम पर किया गया था जो युद्ध और समृद्धि के देवता थे|

रोमन देवतामार्सकी तस्वीर

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अप्रैल

अप्रैल ‘एप्रिलिस’ शब्द का परिष्कृत रूप है| एप्रिलिस लैटिन शब्द ‘एप्रिल्ज’ से बना है जिसका अर्थ उद्घाटन करना, खोलना, खिलना या फूटना होता है| इस महीने में यूरोप में वसंत का आगमन होता है| इसलिए प्रारंभ में वसंत के आगमन के प्रतीक के रूप में इस महीने का नाम ‘एप्रिलिस’ रखा गया था जो बाद में ‘एप्रिल’ बन गया| एक अन्य मान्यता के अनुसार ‘एप्रिल’ रोमन देवी ‘एक्रिरिते’ के नाम पर आधारित है जो उर्वरता की प्रतीक हैं|

रोमन देवीएक्रिरिते की तस्वीर

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मई

माना जाता है कि मई शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द ‘मेजोरस’ से हुई है| एक अन्य मान्यता के अनुसार रोमन देवता ‘मर्कर’ की माता ‘मैया’ के नाम पर भी इस महीने को ‘मई’ कहा जाता है|

रोमन देवीमैया की तस्वीर

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जून

रोमन देवताओं के प्रमुख ‘जीयस’ की पत्नी ‘जूनो’ के नाम पर इस महीने का नाम रखा गया था| एक अन्य मान्यता के अनुसार रोमवासी इस महीने को शादी के लिए उपयुक्त मानते थे और लैटिन में परिवार के लिए ‘जेंस’ शब्द का प्रयोग किया जाता है इसलिए भी इस महीने का नाम जून रखा गया|

रोमन देवीजूनो की तस्वीर

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जुलाई

महान रोमन राजा ‘जूलियस सीजर’ का जन्म एवं मृत्यु दोनों इसी महीने में होने के कारण इस महीने का नाम ‘जुलाई’ रखा गया था| इससे पहले इस महीने का नाम ‘क्विटिलस’ था|

रोमन शासकजूलियस सीजर की तस्वीर

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अगस्त

महान रोमन राजा 'जूलियस सीज़र' का भतीजा 'सेक्सस्टीलिस' इतिहास में अपना नाम अमर रखना चाहता था | इसी वजह से उसने अपना नाम 'अगस्टस' रख लिया और बाद में उसी के नाम पर 'अगस्त' महीने का नाम रखा गया | इससे पहले इस महीने का नाम ‘सैबिस्टलिस’ था|

रोमन शासकअगस्टस की तस्वीर

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सितम्बर

शुरुआती दिनों में रोमन सभ्यता में सिर्फ 10 महीने हुआ करते थे और यह सातवां महीना था| लैटिन में सात को 'सेप्टेम' कहा जाता था, इसी कारण इस महीने को 'सेप्टेम्बर' कहा गया जो बाद में 'सितम्बर' हो गया| वर्तमान कैलेंडर में इसे नवां स्थान प्राप्त है|

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अक्टूबर

यह महीना रोमन सभ्यता का आठवां महीना था| लैटिन में आठ को 'ऑक्टो' कहा जाता था, इसी कारण इस महीने को ‘ऑक्टोबर’ कहा गया जो बाद में 'अक्टूबर' हो गया| वर्तमान कैलेंडर में इसे दसवां स्थान प्राप्त है|

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नवम्बर

यह महीना रोमन सभ्यता का नौवां महीना था| लैटिन में नौ को ‘नोवे’ कहा जाता था, इसी कारण इस महीने को 'नोवेम्बर' कहा गया जो बाद में 'नवम्बर' हो गया| वर्तमान कैलेंडर में इसे ग्यारहवां स्थान प्राप्त है|

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दिसंबर

यह महीना रोमन सभ्यता का दसवां महीना था| लैटिन भाषा में इस महीने को 'डेसेम' कहा जाता था जिसके कारण इस महीने का नाम 'दिसंबर' रखा गया| वर्तमान कैलेंडर में इसे बारहवां स्थान प्राप्त है|

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