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भारत में ऐसे 6 स्थान जहाँ भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं है!

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आजादी के 70 वर्षों के बाद भी भारत जैसे विशाल एवं विविधता पूर्ण देश में कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहाँ भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं है| सबसे अजीब बात यह है कि इन स्थानों का स्वामित्व किसी ना किसी भारतीय के पास है लेकिन अभी भी वहाँ विदेशियों को जाने की अनुमति है लेकिन भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं है| इसके अलावा कई ऐसे स्थान हैं जहाँ जाने के लिए सरकार से विशेष परमिट लेने की आवश्यकता होती है|
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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आजादी के 70 वर्षों के बाद भी भारत जैसे विशाल एवं विविधता पूर्ण देश में कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं है| सबसे अजीब बात यह है कि इन स्थानों का स्वामित्व किसी ना किसी भारतीय के पास है लेकिन अभी भी वहाँ विदेशियों को जाने की अनुमति है लेकिन भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं है| इसके अलावा उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी सीमा क्षेत्र के आस-पास कई ऐसे स्थान हैं जहाँ जाने के लिए सरकार से विशेष परमिट या इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है|

भारत में ऐसे 6 स्थान जहाँ भारतीय नहीं जा सकते हैं

1. फ्री कसोल कैफे, कसोल (हिमाचल प्रदेश)

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Source: www.himachalwatcher.com

यह एक इजरायली कैफे है जो हिमाचल प्रदेश में है| यह कैफे 2015 में उस समय सुर्ख़ियों में आया था जब इसने बिना पासपोर्ट वाले भारतीय नागरिकों को अपनी सेवाएं देने से मना कर दिया था| 

2. उत्तरी सेंटिनल द्वीप, अंडमान

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यह द्वीप बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान द्वीप का हिस्सा है लेकिन मुख्य द्वीप से अलग हो चुका है| उत्तरी सेंटिनल द्वीप अद्भुत समुद्र तटों, घने जंगलों एवं प्रवाल भित्तियों से घिरा हुआ एक छोटा द्वीप है| यह द्वीप अपनी भौगोलिक संरचनाओं के कारण नहीं बल्कि यहाँ निवास करने वाले “सेंटीनिलिज” आदिवासियों के कारण मुख्य द्वीप से अलग हो गया है क्योंकि ये आदिवासी नहीं चाहते हैं कि कोई पर्यटक या मछुआरा इस द्वीप पर आये| यहाँ तक कि जब 2004 में सुनामी आयी थी और इस द्वीप की जनसंख्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था तो उस समय भी “सेंटीनिलिज” जनजाति के लोग अपना बचाव करने में कामयाब रहे थे और द्वीप पर नुकसान का आकलन करने के लिए आने वाले भारतीय तटरक्षक बलों के हेलीकाप्टर पर तीरों से हमला करते थे|

3. चेन्नई का एक लॉज

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Source: www.hotel-r.ne

चेन्नई में एक ऐसा लॉज है जो केवल विदेशी पासपोर्ट वाले ग्राहकों को ही अपनी सेवाएं प्रदान करता है| इस लॉज का छद्म नाम ‘‘हाइलैंड है| ‘डेक्कन हेराल्ड’ अखबार में ‘नो इंडियन पॉलिसी’ नाम से छपे आलेख के अनुसार इस लॉज में केवल वही भारतीय रूक सकते हैं जिनके पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट होता है|

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4. गोवा और पुदुचेरी के कुछ समुद्र तट केवल विदेशियों के लिए आरक्षित हैं

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गोवा के बहुत सारे समुद्र तट एवं रेस्टोरेंट के मालिक भारतीय नागरिकों के बदले विदेशी पर्यटकों को तरजीह देते हैं| ऐसा ही नजारा पुदुचेरी के समुद्र तटों पर भी देखा जा सकता है जो भारतीय एवं फ्रांसीसी आर्किटेक्चर से घिरे हुए हैं एवं इनमे से कुछ समुद्र तट तथा रेस्टोरेंट केवल विदेशी पर्यटकों के लिए आरक्षित हैं|

5. लक्षद्वीप समूह के कुछ द्वीप

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लक्षदीप द्वीपसमूह के कुछ स्थानों पर प्रवेश करने के लिए भारतीय एवं विदेशी दोनों को परमिट की आवश्यकता होती है| विदेशी नागरिकों को केवल अगाती, कदमत और बांगरम द्वीपों पर जाने की अनुमति है जबकि भारतीय पर्यटक मिनिकॉय और अमिनी जैसे कुछ और द्वीपों पर जा सकते हैं| 

6. हिमाचल प्रदेश का मलाना गाँव

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मलाना एक प्राचीन भारतीय गाँव है जिसे अलेक्जेंडर महान द्वारा 326 ईसा पूर्व में बसाया गया था| उस समय के कुछ घायल सैनिक जो यहाँ रूक गए थे उन्हें ही मलाना के लोग अपना पूर्वज मानते हैं| इन ग्रामीणों को मुझे मत छुओ उपनाम से भी जाना जाता है क्योंकि इनके सामान को छूने की अनुमति किसी को नहीं है| यहाँ तक कि लोगों को इस गांव की सीमाओं को पार करने की भी अनुमति नहीं है। इस गाँव की भाषा कंशी है, जो पवित्र मानी जाती है और बाहरी लोग इस भाषा का प्रयोग नहीं कर सकते हैं| इसके अलावा बाहरी व्यक्तियों को वे अपने मंदिरों में प्रवेश की अनुमति भी नहीं देते हैं क्योंकि ग्रामीण बाहरी व्यक्तियों को अछूत मानते हैं| मलाना जलविद्युत स्टेशन नामक एक बांध परियोजना इस गाँव को बाकी दुनिया के करीब लाया है और यह परियोजना इस क्षेत्र में राजस्व प्राप्ति का एकमात्र स्रोत है।

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